भोजपुर में जिला प्रशासन हिटलरशाही स्थापित करना चाहती है : सरोज यादव

स्थानीय बड़हरा विधायक सरोज यादव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बयान जारी कर कहा है कि विगत शुक्रवार को स्थानीय आरा परिसदन में बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के साथ शैक्षणिक व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधा को दुरुस्त करने को लेकर बैठक बुलाई गई थी. बैठक के दौरान जिलाधिकारी के निर्देश पर डीडीसी ने आरा परिसदन पहुंचकर प्रधानाध्यापकों और मुझसे दुर्व्यवहार करते हुए बैठक को बहिष्कार कर अमानवीय तरीके से आरा परिसदन से बाहर जाने को कहा. इससे साफ जग-जाहिर हो चुका है कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भोजपुर जिला प्रशासन हिटलरशाही रवैया को भोजपुर में स्थापित करना चाहती है,लेकिन मैं जिला प्रशासन के मंसुबा को कुचल दूँगा!


वही विधायक सरोज यादव ने कहा कि मैं गरीबों,शोषितों, पीड़ितों के नेता आदरणीय  लालू प्रसाद का सिपाही हूं. मैं किसी से डरने वाला नहीं हूं. आपको पता होना चाहिए जिलाधिकारी की आजादी के 67 वर्षों के बाद दमित गरीबों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों के आशीर्वाद से सामंती सत्ता को उखाड़ फेंक कर बड़हरा की जनता ने सेवा करने का मौका दिया है. मैं आपको बता देना चाहता हूं जब भी मेरे द्वारा जनता की मूलभूत मांगों पर आपके समक्ष रखा हूं,आपने उन मांगों को नजरअंदाज करते हुए मेरे खिलाफ दर्जनों फर्जी मुकदमा दायर करने का काम किया गया है. विगत शुक्रवार को जो मैंने प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक बुलाई थी उसके लिए मैंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया और आवेदन में जिक्र किया था कि दिनांक 15 जून 2018 को समय 10:00 बजे सुबह से स्थानीय आरा परिषद के सभागार में बैठक करेंगे लेकिन जिलाधिकारी के निर्देश पर बैठक का बहिष्कार करवाया गया इससे साफ जाहिर होता है कि जिलाधिकारी दुर्भावना से ग्रसित होकर एक जनप्रतिनिधि पर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं ऐसी परिस्थिति में जब एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है तो आम जनता के साथ कैसा सलूक किया जाता होगा !
वही विधायक सरोज यादव ने कहा कि मैं लगातार जिलाधिकारी के खिलाफ लिखित रूप में माननीय मुख्यमंत्री से शिकायत की है लेकिन आज तक मेरे बातों को संज्ञान में नहीं लिया गया. यदि इस बार माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा जिलाधिकारी और डीडीसी के खिलाफ उचित करवाई करते हुए जिला बदर नहीं किया जाता है तो मैं सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर बुधवार से अनिश्चितकालीन आरा-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर जन आंदोलन छेड़ने का कार्य करूंगा !




कोईलवर से अमोद कुमार की रिपोर्ट