गंडक में बाढ़ का कहर खत्म होने की ओर, रेवाघाट में पानी खतरे के निशान से सिर्फ 2 सेमी ऊपर

वैशाली/सारण।। सारण और वैशाली में आए फ़्लैश फ्लड पर बिहार के जल संसाधन विभाग ने ताजा आधिकारिक जानकारी दी है. अपडेट में बताया गया है कि गंडक नदी का जलस्तर रेवाघाट (सारण) में अपने उच्चतम स्तर से 125 सेमी. घट गया है और खतरे के निशान से मात्र 2 सेमी. ऊपर है, जिसके शनिवार रात्रि में खतरे के निशान से नीचे जाकर सामान्य हो जाने की संभावना है.

लालगंज (वैशाली) में जल स्तर अपने नए उच्चतम स्तर से 82 सेमी. घटा है, परंतु अभी भी खतरे के निशान से 1.02 मीटर ऊपर बना हुआ है. तटबंधों पर अब दबाव बहुत कम हो गया है तथा सीपेज/पाइपिंग की समस्या समाप्त हो गई है. परंतु स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक निगरानी की जा रही है. तटबंध के ब्रीच स्थलों पर पर्याप्त मटेरियल स्टॉक कर कट-एंड को प्रोटेक्ट करने तथा टैगिंग का काम किया जा रहा है.




नदी का जल स्तर घटने से ब्रीच स्थलों से कंट्री साइड में पानी जाना लगभग बंद हो गया है. गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर के समीप रिंग बांध के ब्रीच स्थल से अंदर का पानी टूटान के रास्ते वापस नदी में जाना शुरू हो गया है तथा तटबंध पर स्लूइस गेट को खोलने से भी पानी वापस नदी में निकल रहा है। इससे उक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तेजी से पानी घट रहा है.

    सारण जिला :

    जानकारी के अनुसार सारण जिले के मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंध से फैला हुआ पानी मकेर और परसा पार कर दरियापुर की ओर तेजी से बढ़ रहा है. परसा और सोनहा जलमग्न हो गए थे और सड़कें डूबने से आवागमन बाधित हुआ था। परंतु अब यहाँ पानी घटने लगा है, परसा में लगभग 2 फीट पानी घटा है.
    यह पानी मढ़ौरा नहर पार कर चुका है. मढ़ौरा नहर का बांध टूट जाने से इसके अमनौर बाजार में प्रवेश करने की आशंका थी, परंतु उस तरफ़ गति धीमी हो जाने के कारण अमनौर बाजार तक नहीं पहुँचेगा। अब यह नहर और उसके एस्केप चैनल बोधा नाला के माध्यम से हरदिया चौर की ओर बढ़ रहा है.

      वर्तमान में यह दरियापुर प्रखंड की जितवारपुर पंचायत के जामुनपुर और धने छपरा गांव तथा नाथ छपरा पंचायत के बड़का बनिया गाँव और मुख्य तटबंध के किनारे वाली पंचायतों के निचले इलाकों से होते हुए हरदिया चौर की ओर तेजी से बढ़ रहा है और वर्तमान में यह हरदिया चौर से लगभग 8 किमी. पीछे है. इन क्षेत्रों में सड़क संपर्क भंग होने की संभावना है.
      हरदिया चौर से अतिरिक्त जल अंततः मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी में तथा नेउरा एवं काकरा नाला के माध्यम से गंडक नदी में प्रवाहित होगा.

      पानापुर ब्रीच का पानी पानापुर, तरैया और अमनौर प्रखंड के निचले क्षेत्रों से होकर मढ़ौरा नहर में पहुँचने की संभावना थी। परंतु नदी का जल स्तर कम होने और ब्रीच स्थल से पानी आना लगभग बंद हो जाने के कारण इसकी गति धीमी हो गई है और अभी तक यह मढ़ौरा नहर तक नहीं पहुँचा है। अब इसके अमनौर में प्रवेश करने की संभावना नहीं है.
      यह पानापुर और तरैया प्रखंड की पंचायतों के निचले इलाकों से होते हुए गरखी नाला के माध्यम से आगे बढ़ेगा और यदि अधिक पानी रहा तो अंततः माही नदी के माध्यम से गंगा में मिलेगा. परंतु पानी कम होने के कारण इसके स्थानीय चौर में ही रह जाने की अधिक संभावना है.

        RK

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