‘बिहार में बाढ़ राहत और बचाव को लेकर सरकार असंवेदनशील और सुस्त’

भागलपुर, वैशाली, पटना समेत कई जिलों में बाढ़ का खतरा

राजधानी पटना में भी गंगा का खतरे के निशान से ऊपर




नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाया आरोप
पटना।। बिहार में कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गंगा, सोन, पुनपुन, गंडक, बुढी गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि नदियों में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के कारण लोगों में दहशत है. पटना में आज डीएम कुंदन कुमार ने गंगा घाटों का जायजा लिया और बाढ़ को लेकर पुख्ता इंतजाम का आदेश दिया है.

इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर सरकार की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि 15 से अधिक जिले बाढ़ की चपेट में हैं लेकिन एनडीए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की अभी तक कोई तैयारी नहीं की है. सरकार की ओर से आमजन की सुरक्षा और बाढ़ प्रभावितों को किसी प्रकार की कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दियारा क्षेत्रों के बाढ़ के कहर और कटाव से किसानों की मक्का और हरी सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई है. घरों, सड़कों, स्कूलों और खेतों में पानी भर गया है.

pic courtesy social media

तेजस्वी यादव ने कहा कि दियारा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे के साथ-साथ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटने के कारण राशन और जरूरी सामान की कमी होने लगी है. हमारी सरकार से माँग है कि दियारा क्षेत्रों को अविलंब बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए.

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