एजेंसियों पर मीडिया की नजर के बाद प्रशासन सख्त 48 घंटे में होगी डिलीवरी
SDO ने बुलाई गैस एजेंसियों की बैठक,
DPR0 बोले -किल्लत नहीं, वितरण पर पैनी निगरानी
आरा। भोजपुर जिले में घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर प्रशासन भले ही स्थिति को पूरी तरह सामान्य बता रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कुछ अलग तस्वीर पेश कर रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लगी भीड़, उपभोक्ताओं की लंबी कतारें और तकनीकी समस्याओं से जूझते लोग यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि जब गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, तो उपभोक्ताओं तक उसकी सहज आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है।
इसी बीच गैस एजेंसियों पर मीडिया की सक्रिय निगरानी और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शिप्रा विजय कुमार चौधरी ने गैस एजेंसी संचालकों के साथ एक अहम बैठक कर व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
आंकड़ों में पर्याप्त गैस, प्रशासन का दावा -कोई किल्लत नहीं
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि भोजपुर में गैस की कोई कमी नहीं है।

- इंडेन के 30 वितरकों के पास 5626 सिलेंडर
- भारत गैस के 6 वितरकों के पास 1280 सिलेंडर
- हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 9 वितरकों के पास 4411 सिलेंडर
कुल मिलाकर जिले में पर्याप्त संख्या में गैस उपलब्ध है और आपूर्ति की स्थिति सामान्य बनी हुई है। प्रशासन ने यह भी कहा कि 48 घंटे के भीतर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और गैस की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने गैस सिलेंडर की बुकिंग नियमित प्रक्रिया के तहत करें और बुकिंग के बाद अपने घर पर ही प्रतीक्षा करें। गैस एजेंसियों के माध्यम से 48 घंटे के भीतर उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारें लगाने से बचें। ऐसी स्थिति न केवल असुविधा उत्पन्न करती है, बल्कि इससे विधि-व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है। अधिकारियों ने कहा कि यदि उपभोक्ता संयम और सहयोग बनाए रखें तो वितरण व्यवस्था और अधिक सुचारू रूप से संचालित की जा सकती है।

प्रशासन ने गैस की कालाबाजारी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के समाधान हेतु उपभोक्ता गैस कंपनियों के कंज्यूमर इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1906 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा इंडियन ऑयल (IOCL) के लिए 1800-2333-555, भारत पेट्रोलियम (BPCL) के लिए 1800-22-4344 तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के लिए 1800-2333-555 नंबर भी उपलब्ध हैं।

जिले में एलपीजी गैस वितरण से संबंधित शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जिसका दूरभाष संख्या 06182-248702 है। इसके अतिरिक्त अनुमंडल स्तर पर भी संपर्क के लिए अलग-अलग नंबर जारी किए गए हैं। सदर आरा अनुमंडल के लिए 06182-233325, पीरो अनुमंडल के लिए 06181-223301 तथा जगदीशपुर अनुमंडल के लिए 06181-223048 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी नागरिकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
जमीनी हकीकत: एजेंसियों पर भीड़, उपभोक्ता परेशान
हालांकि, एजेंसियों के बाहर आज भी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली।
- कई उपभोक्ताओं ने बताया कि सर्वर डाउन रहने के कारण ऑनलाइन बुकिंग और नंबर लगाना संभव नहीं हो पा रहा है।
- गैस ट्रांसफर और नाम अपडेट से जुड़े आवेदन लंबे समय से लंबित हैं।
- कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि DAC नंबर मिलने के बावजूद डिलीवरी नहीं हुई।
- वहीं कुछ मामलों में बिना बुकिंग के ही सिलेंडर उठाव होने की शिकायत भी सामने आई।
स्थिति यह है कि जिन्हें गैस मिल रही है वे संतुष्ट हैं, लेकिन जो खाली हाथ लौट रहे हैं, वे मायूस होकर व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
राजद नेता का बयान: “कमी नहीं, पैनिक से बढ़ रही भीड़”
इसी दौरान गैस एजेंसी पर गैस लेने पहुंचे राजद जिला उपाध्यक्ष मनमोहन कुमार उर्फ मंटू शर्मा से मुलाकात हुई तो हमने उनसे भी स्थिति पर प्रतिक्रिया ली। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद एक दिन पहले गैस का नंबर लगाया था और अगले दिन लेने पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा, “गैस का वितरण सामान्य रूप से लाइन लगाकर किया जा रहा है। कहीं कोई कमी नहीं है, लेकिन मीडिया में देश के कई हिस्सों की खबरें देखने के बाद लोग पैनिक हो गए हैं। जिनके पास गैस पहले से है, वे भी अतिरिक्त सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ बढ़ रही है।”
साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग का जिक्र करते हुए कहा किईरान द्वारा भारत को तेल और गैस की आपूर्ति किए जाने के लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। जनता की जरूरत को देखते हुए यह कदम सराहनीय है।
SDO की बैठक: पारदर्शिता और समयबद्ध डिलीवरी पर जोर
इन समस्याओं को देखते हुए SDO शिप्रा विजय कुमार चौधरी ने भी मंगलवार को सभी गैस वितरकों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए।

- उपभोक्ताओं को तय समय सीमा में गैस उपलब्ध कराई जाए
- वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो
- शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए
- उपभोक्ताओं के साथ सौम्य व्यवहार रखा जाए
- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा।
कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील बनाम जनता का सवाल
प्रशासन लगातार उपभोक्ताओं से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, घर पर रहकर डिलीवरी का इंतजार करें और एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है कि जब गैस की कमी नहीं है, तो उपभोक्ताओं को लाइन में क्यों लगना पड़ रहा है?
