कैथी लिपि अब नहीं बनेगी परेशानी, राजस्व विभाग दे रहा ट्रेनिंग

भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल

कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ




पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है.

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी.

विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, दूसरे सत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र प्रीतम कुमार तथा छपरा निवासी कैथी लिपि विशेषज्ञ वकार अहमद ने कैथी लिपि से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की. इस दौरान प्रशिक्षार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनके संशयों का समाधान भी किया गया.
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कैथी लिपि से जुड़े विशेषज्ञों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व कार्यों को अधिक सुगम, सटीक और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

क्या बोले उपमुख्यमंत्री सह राजस्व विभाग मंत्री

उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में रैयत ऐसे हैं जिनके भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनकी इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जा रहा है. इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण देकर कम दर पर अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आम जनता को राहत मिले और भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से संबंधित अन्य कार्य अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें.

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