‘लंबित’ से ‘लक्षित’ कार्यसंस्कृति की ओर बढ़ रहा है राजस्व विभाग’

बजट चर्चा में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रखी उपलब्धियों और सुधारों की विस्तृत रूपरेखा

पटना : बिहार विधानपरिषद में वर्ष 2026-27 के बजट की मांग संख्या-40 पर चर्चा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से वक्तव्य देते हुए उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग अब पारंपरिक ‘लंबित’ कार्यप्रणाली से निकलकर ‘लक्षित, समयबद्ध और जवाबदेह’ कार्यसंस्कृति की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर है. इस लक्ष्य को पाने के लिए सभी अधिकारी लगे हुए हैं. हमारा उद्देश्य प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास के लक्ष्य को पूरा करना और मुख्यमंत्री के सबका सम्मान, जीवन आसान की उपलब्धि हासिल करना है.




जन-केन्द्रित प्रशासन की नई परिकल्पना

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की नीति का केंद्र आम नागरिक है. सरल, सुलभ, पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें बिचौलियों और भूमाफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं होगा.

भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ बना परिवर्तन का माध्यम

12 दिसंबर से शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ आठ प्रमंडलों तक पहुंच चुका है. दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रमंडलवार काउंटर, लाइव प्रसारण और वरीय अधिकारियों की उपस्थिति में सुनवाई की व्यवस्था की गई.

इस पहल से ऑनलाइन दाखिल-खारिज निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हुआ, जबकि लंबित मामले 25% से घटकर 16% रह गए.

परिमार्जन-प्लस और ई-मापी से समयबद्ध सेवा

परिमार्जन प्लस पोर्टल पर सामान्य त्रुटि के लिए 15 दिन और जटिल मामलों के लिए अधिकतम 75 दिन की समयसीमा तय की गई. परिणामस्वरूप निष्पादन दर 10% से बढ़कर 75% हो गई.

ई-मापी व्यवस्था के तहत निर्विवाद मामलों में 7 दिन, विवादित मामलों में 11 दिन तथा रिपोर्ट अपलोड के लिए 14 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है.

एग्रीस्टैक महाभियान को मिली रफ्तार

विभागीय सुधारों का सीधा लाभ Agristack को मिला। मात्र 35 दिनों में 40 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव हुई.
दिसंबर से जनवरी के अंत तक 40 लाख लंबित आवेदनों में से 11.50 लाख मामलों का निष्पादन किया गया.

जाली दस्तावेजों पर सख्ती, कानून का कड़ा अनुपालन

भूमि विवाद के प्रमुख कारण फर्जी कागजात पर अब अनिवार्य प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश है. संबंधित मामलों में भारतीय न्याय संहिता की संगत धाराओं के तहत 7 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है.

राजस्व न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और डिजिटल पहल

आवेदन से आदेश तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया जा रहा है. अंचल स्तर पर प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. DCLR/ADM स्तर पर निष्पादन दर 51.7% से बढ़कर 55.9% हो गई है.

Rajasv maha abhiyan in Danapur

राजस्व महाभियान : लंबित 46 लाख मामलों पर फोकस

राज्य में अधिकांश भूमि अभिलेख पुराने कैडेस्ट्रल सर्वे काल के हैं. इसी पृष्ठभूमि में राजस्व महाभियान चलाया जा रहा है. 46 लाख लंबित आवेदनों की पहचान कर 31 मार्च 2026 तक निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
अब तक 34 लाख से अधिक दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है।

सामाजिक न्याय के अभियान को गति

अभियान बसेरा-2 के तहत 70,279 सुयोग्य परिवारों को भूमि आवंटन किया गया है. शहीद सैनिकों के परिवारों को गृह जिला में कृषि हेतु एक एकड़ या आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि देने की व्यवस्था की गई है.

उद्योग प्रोत्साहन के लिए लैंड बैंक

राज्य में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों में सरकारी भूमि की पहचान कर लैंड बैंक निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है.

मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ा कदम

22,342 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 16,584 रिक्त पदों पर एक वर्ष के भीतर नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है. राजस्व कर्मचारी और अमीन संवर्ग को राज्य स्तरीय अराजपत्रित संवर्ग का दर्जा देते हुए नई नियमावलियां लागू की गई हैं. 3,303 नए राजस्व कर्मचारी पद सृजित किए गए हैं तथा अमीन संवर्ग में त्रिस्तरीय पद संरचना लागू की गई है.

“स्पष्ट भू-संपदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा”

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अब पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीकी रूप से सशक्त राजस्व प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ चुका है. अब स्पष्ट भू-संपदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा”के भाव को अपनाकर कारवां आगे बढ़ रहा है.
अंत में उन्होंने सदन से कटौती प्रस्ताव वापस लेकर विभाग की अनुदान मांग को स्वीकृति देने का आग्रह किया.

pncb

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