तेजस्वी के बाद अब तेजप्रताप की बारी

एक के बाद एक लगातार करप्शन के कई आरोपों से घिरी लालू एंड फैमिली में अब बारी तेजप्रताप की है. पहले चारा घोटाला में सजायाफ्ता और कोर्ट के चक्कर लगा रहे लालू यादव औऱ फिर बेनामी संपत्ति को लेकर FIR और संपत्ति जब्ती के बीच लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप भी मुसीबत में घिरते दिख रहे हैं. बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव पर निर्वाचन आयोग में झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में पटना की एक अदालत में मामला दर्ज हुआ है. साथ ही उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की मांग भी की गई है.




बीजेपी MLC सूरज नंदन प्रसाद ने बुधवार को पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में एक परिवाद पत्र दायर किया है. इसमें कहा गया है कि राजद विधायक तेजप्रताप ने महुआ विधानसभा से चुनाव लड़ने के दौरान चुनाव आयोग को दिए शपथपत्र में सही जानकारी नहीं दी है और कई तथ्य छिपाए हैं. आरोपों के मुताबिक जानबूझ कर संपत्ति का ब्योरा छिपाना न केवल चुनाव आयोग को धोखा देना है, बल्कि लोक प्रतिनिधित्व की धारा 125 A का भी उल्लंघन है.

शिकायत पत्र में कहा गया है कि तेजप्रताप ने औरंगाबाद में 53 लाख 34 हजार में खरीदी गई 45.24 डिसमिल जमीन का विवरण वर्ष 2015 में आयोग को दिए गए शपथपत्र में छिपाया है. बीजेपी नेता ने कोर्ट से तेजप्रताप यादव के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 125A के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

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लालू पर चारा घोटाला, तेजस्वी, राबड़ी, मीसा और हेमा यादव पर बेनामी संपत्ति  जैसे कई आरोपों से घिरे लालू फैमिली के लिए अब नए आरोप से, जाहिर तौर पर उनकी परेशानियां और बढ़ती दिख रही हैं.