कोरोना से निपटने के लिए 2500 से ज्यादा डॉक्टर और 35000 चिकित्साकर्मियों की तैनाती करेगा ये संगठन

कोरोना से पूरे विश्व में अब तक 30 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. जबकि करीब 1.5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका और इटली समेत पूरा विश्व इस महामारी से निपटने में लगा है लेकिन इन बड़े देशों में भी चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी बाधक बन रही है जिसके कारण लोगों की जान जा रही है. दूसरे देशों के अनुभव से सीख लेते हुए भारत ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. और इसमें बड़ा योगदान दे रहा है भारत का सबसे बड़ा संगठन रेलवे. कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष जारी रखते हुए भारतीय रेलवे भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य सेवा संबंधी प्रयासों में सहयोग प्रदान करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है. रेलवे के मौजूदा अस्‍पतालों को कोविड-19 संबंधी जरूरतें पूरी करने लायक बनाना, आपात स्थितियों से निपटने के लिए अस्‍पताल के बिस्‍तर निर्धारित करना और डॉक्‍टरों एवं अर्द्ध चिकित्‍सा कर्मि‍यों की भर्ती करना, पेसेंजर कोचों को आइसोलेशन कोच में परिवर्तित करना, चिकित्‍सा उपकरण उपलब्‍ध कराना, PPE और वेंटीलेटर्स आदि का आंतरिक स्‍तर पर निर्माण करना आदि शामिल हैं.  रेलवे का स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार के स्वास्थ्य संबंधी प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार और चाक-चौबंद हो रहा है. रेलवे के पास देश भर में 586 स्वास्थ्य इकाइयां, 45 सब डिविजनल अस्पताल, 56 डिविजनल अस्पताल, 8 उत्पादन इकाइयां अस्पताल और 16 ज़ोनल अस्पताल हैं. इन सुविधाओं का काफी बड़ा भाग अब से कोरोना वायरस से निपटने के लिए समर्पित रहेगा.   डॉक्टरों के कुल 2546

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