और आखिरकार बंद हो गया पटना का ये बस अड्डा

पटना का बस अड्डा आखिरकार 31 जुलाई 2021 को इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. अब पटनावासियों को राज्य के किसी भी जिले के लिए या अंतर राज्य बस के लिए पाटलिपुत्र बस स्टॉप तक पहुंचना होगा जो जीरोमाइल से करीब 2 किलोमीटर आगे है. मीठापुर में संचालित बस अड्डा को पूरी तरह बंद होने की जानकारी खुद पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने दी है. उन्होंने कहा कि नए बस अड्डा पाटलिपुत्र बस टर्मिनस में तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं और अब सभी बस एक अगस्त से वहीं से संचालित होंगी. जिलाधिकारी पटना डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश के आलोक में मीठापुर बस स्टैंड को नवनिर्मित पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल में शिफ्ट किया गया. शाम 5:00 बजे तक राज्य के विभिन्न जिलों की कुल 1320 बसों का परिचालन पाटलिपुत्रा बस टर्मिनल से हुआ. इसके तहत 737 बसों का टर्मिनल में आगमन हुआ तथा 583 बस अपने गंतव्य के लिए टर्मिनल से रवाना हुए. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की भी 52 बसों का परिचालन नवनिर्मित टर्मिनल से हुआ. नालंदा के 115, शेखपुरा के 52, नवादा के 205, जहानाबाद का 30 ,मुजफ्फरपुर का 117, दरभंगा का 72, मधुबनी का 57, समस्तीपुर का 137, छपरा का 48, पूर्णिया का 50 ,अररिया का 121बसों सहित अन्य जिलों के लिए भी बसों का परिचालन टर्मिनल से हुआ. टर्मिनल में बसों का आगमन एवं प्रस्थान का कार्य लगातार जारी है. डीएम ने बताया कि मीठापुर बस स्टैंड से बेहतर एवं आधुनिक सुविधा आईएसबीटी में प्रदान की गई है जो यात्रियों एवं बस मालिकों के लिए

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30 जून तक काम पूरा नहीं तो कार्रवाई तय

नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने बुडको के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया है कि 11 जून से लगातार 30 जून तक पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के कार्यों की प्रगति की दैनिक समीक्षा करें ताकि 30 जून तक पाटलिपुत्र बस टर्मिनल में बस संचालन से सम्बंधित सभी आवश्यक कार्य पूर्ण हो सके. इससे पहले आनंद किशोर, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग ने गुरूवार को पाटलिपुत्र बस टर्मिनल का निरीक्षण किया. प्रधान सचिव ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को 30 जून के पहले पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के बस संचालन से सम्बंधित कार्यों को पूरा करने का निदेश दिया. उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना बहाल कर लें ताकि आम यात्रियों को कोई भी असुविधा नहीं हो. प्रधान सचिव ने निरीक्षण के दौरान पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के चारों ओर सूक्ष्म निरीक्षण किया और संवेदक द्वारा किए जा रहे कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर गहरी नाराजगी जतायी. प्रधान सचिव आनंद किशोर ने कहा कि पिछली बार के निरीक्षण के बाद कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, जिससे संवेदक की सरकारी कार्यों को लेकर लापरवाही परिलक्षित होती है. इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.प्रधान सचिव ने कार्यपालक अभियंता को तत्काल निदेश देते हुए कहा कि वह अविलंब संवेदक को कारण बताओ नोटिस निर्गत करें, इसके अतिरिक्त डी-बार व ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू करें. यहीं नहीं, तय समय पर काम पूरा नहीं होने पर संवेदक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने का भी उन्होंने निदेश दिया. 15 जून से नालंदा, नवादा, शेखपुरा व जमुई

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