शिक्षा ही सम्मान पाने का एकमात्र साधन – प्रो डॉ नन्दकिशोर साहा

शिक्षा ही सम्मान पाने का एकमात्र साधनआरपीपीएस स्कूल के वार्षिकोत्सव में बोले प्रो वीसीकोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार) | अरस्तु ने कहा था कि एक विद्यालय कई जेलखानों को बन्द करा सकता है. शिक्षा सम्मान पाने का एकमात्र और सबसे टिकाऊ साधन है. शिक्षा ही ऐसा गुण है जो सिर्फ मनुष्य ही ग्रहण कर सकता हैं. इसलिए शिक्षा आज के परिवेश में सबसे जरूरी है.उसमें भी अगर बेटियों को शिक्षित किया जाता है तो संसार के शिक्षित होने से कोई रोक नही सकता क्योंकि एक बेटी पढ़ेगी तो पूरा समाज शिक्षित हो सकेगा. साथ ही इस विद्यालय ने जो समाज के पिछड़े और गरीब तबके के बच्चों को निशुल्क पढ़ाने का बीड़ा उठाया है वो काबिले तारीफ है. हम कामना करते हैं कि आपका यह विद्यालय दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करे और समाज मे एक मील का पत्थर साबित हो. उक्त बातें वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्रो वीसी प्रो डॉ नन्दकिशोर साहा ने स्थानीय आरपीपीएस स्कूल के वार्षिकोत्सव के उद्घाटन सत्र में उपस्थित बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा. बच्चों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद व सामाजिक सांस्कृतिक कार्यकलापों को महत्व दे. पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद को अपने दिनचर्या में नियमित रूप से शामिल करें. अपने स्कूल के दिनों की बात को साझा करते हुए उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के कई सारे टिप्स दिए. पढ़ाई को खुद पर हावी न होने देने की बात कहते हुए उसे नियमित अभ्यास और प्रयासों के बदौलत हल करने पर बल दिया. प्रो वीसी ने विद्यालय

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