‘आपस में सुलझे राम मंदिर का मुद्दा तो बेहतर’

By Amit Verma Mar 21, 2017

राम मंदिर निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. सु्प्रीम कोर्ट ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा कोर्ट के बाहर बातचीत से हल किया जाना चाहिए. चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि दोनों पक्षों को मिल-बैठकर इस मुद्दे को कोर्ट के बाहर हल करना चाहिए. कोर्ट के मुताबिक दोनों पक्ष इसके लिए वार्ताकार तय कर सकते हैं, जो विचार-विमर्श करें.

दरअसल बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कोर्ट से आग्रह किया था कि वह पिछले छह साल से लंबित राम मंदिर अपील पर सुनवाई करे. स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट को रोज़ाना सुनवाई कर जल्द फैसला सुनाने की अपील की  थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि यह मामला धर्म और आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए दोनों पक्ष आपस में बैठें और बातचीत के ज़रिये हल निकालने की कोशिश करें. हालांकि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि दोनों समुदाय इस मुद्दे को लेकर हठी हैं और साथ नहीं बैठेंगे. 31 मार्च को इस मामले की सुनवाई फिर से होगी.




इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले में ज़रूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट के जज भी मध्यस्थता करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्ष आपसी बातचीत से कोई हल नहीं निकाल पाते, तो फिर कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर फैसला देने के लिए तैयार रहेगा. लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के सभी लोग टेबल पर बैठकर बातचीत करेंगे, तो ज्यादा अच्छा होगा.

Related Post