सरकार के तुगलकी फरमान को चुनौती देते शिक्षक

अनिश्चितकालीन हड़ताली शिक्षकों के द्वारा क्षेत्रीय विधायकों के स्थानीय आवास पर धरना देकर सौंपा गया सातसूत्री मांंगपत्र का ज्ञापन

कोइलवर/भोजपुर, 01 मार्च. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति, बिहार प्रदेश के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 01 मार्च को बिहार के सभी माननीय विधायक के क्षेत्रीय आवास पर नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने, नियमित शिक्षकों के समान सेवाशर्त, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, आश्रितों को अनुकंपा पर नियुक्ति सहित सातसूत्री मांगों को लेकर धरना एवं ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था.





उल्लेखनीय है कि शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के निर्णयानुसार बड़हरा विधानसभा के विधायक सरोज यादव के स्थानीय आवास, केशोपुर, बड़हरा में क्षेत्र के कोईलवर और बड़हरा के सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया. धरना के माध्यम से शिक्षकों ने बिहार के तानाशाही और हिटलरशाही सरकार द्वारा शिक्षकों पर की जा रही बर्खास्तगी और निलंबन की घोर निंदा की तथा अपनी मांगों को जायज ठहराया. धरना पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि बिहार के शिक्षक सरकार के तुगलकी फरमान से डरने वाले नहीं हैं. सरकार समय रहते हमारी मांगों को नहीं मानती है तो बिहार के शिक्षकों में इतनी ताकत है कि सरकार को भी सबक सिखाने का कार्य करेंगे. धरना कार्यक्रम के उपरांत सातसूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन माननीय विधायक, बड़हरा को सौंपा गया.


मौके पर बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के जिला और प्रखंड स्तरीय कोईलवर और बड़हरा अध्यक्ष/सचिव मंडल के बैजनाथ यादव, राणा जी, राजकुमार सिंह, मंजय सिंह, पुष्पा कुमारी, किरण कुमारी, राजाराम सिंह ‘प्रियदर्शी’ मनोज सिंह, हरेराम राय, संजय कुमार राम,रविंद्र किशोर, सत्येंद्र कुमार, अजीत कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक/शिक्षिका मौजूद थे.

पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट