नाबालिग के हाथ में सिग्नल की कमान देकर सो गए रेलकर्मी

रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन की घटना, स्टेशन मास्टर ने किया शो कॉज

लोगों ने किया रेलमंत्री को ट्वीट, हो सकती थी बड़ी दुर्घटना




ट्रेन हादसों से रेलवे सीख नहीं ले रहा है. उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में उत्कल एक्सप्रेस के डिरेल होने के मामले में रेल कर्मियों की लापरवाही सामने आयी है. यह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि सिग्नल की कमान एक बच्चे को सौंप कर रेल कर्मचारी सोने चला गया. शुक्र है कि कोई दुर्घटना नहीं हुई. रेलकर्मी अब भी कार्य में लापरवाही और कोताही से बाज नहीं आ रहे हैं.  दानापुर मंडल में स्टेशनों के क्रासिंग पर तैनात कर्मचारी ‘ऐसे ही चलता है’ के तर्ज पर काम कर रहे हैं.

केबिन में सोये रेल कर्मी और सिग्नल खिड़की पर बैठा नाबालिग 

दानापुर बक्सर रेलखंड पर रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के समीप पश्चिमी रेलवे फाटक पर मंगलवार को ऐसा ही वाकया देखने को मिला. जहां गेटमैन की लापरवाही से एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. दरअसल, गेटमैन सो रहा था और रेल फाटक खुला हुआ था. इस दौरान कई ट्रेनें क्रॉस हो गईं पर वो नहीं जगा. लोगों का कहना है कि दो यात्री ट्रेनें और मालगाड़ी गुजरी. इस बीच फाटक के दोनों ओर खुद ही लोग आती ट्रेनों को देख रुक गए.

सोये कर्मियों की फोटो किया रेलमंत्री को ट्वीट

रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी गुमटी पर बने केबिन में ड्यूटी पर तैनात रेलकर्मी सो रहे थे. इस घटना को कुछ जागरूक लोगों ने कैमरे में कैद कर लिया. तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि सुबह साढ़े नौ बजे केबिन में अंदर से गेट बंद कर टेबल पर ही रेलकर्मी सो रहा है. उसके ठीक नीचे जमीन पर गमछा बिछाकर भी एक रेलकर्मी सोया हुआ नजर आ रहा है. केबिन में सो रहे रेलकर्मियों की तस्वीर लोगों रेलमंत्री सुरेश प्रभु समेत अन्य अधिकारियों को ट्वीट किया. ट्वीट कर लोगों ने ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.

नाबालिग बच्चा दिखाता रहा सिग्नल

रेलवे स्टेशन के पश्चिमी केबिन में जिस खिड़की से ट्रेनों को सिग्नल दिया जाता है. वहां लगे बेंच पर एक नाबालिग बच्चा बैठा हुआ है. उसने अपने कान में इयरफोन लगाया है. बताया जा रहा है कि नींद में व्यवधान ना हो इसके लिए ट्रेनों को सिग्नल देने के काम एक नाबालिग बच्चे को दे दिया गया था. जब भी कोई ट्रेन आती तो बच्चा हरी झंडी दिखा देता. हालांकि विभागीय कर्मियों का कहना है कि गेटमैन की सिग्नल के बगैर ट्रेनों का परिचालन संभव नहीं है.

क्या कहते हैं स्टेशन मास्टर 

फाटक खुले रहने की जानकारी नहीं है. अगर ऐसी बात है तो जांच की जाएगी. कई बार गैंगमैन या ट्रैकमैन भी काम करने के बाद आराम करने के लिए आ जाते हैं. हो सकता है कि गेटमैन केबिन से नीचे गया हो. मामले में शो कॉज किया गया है. दोषी पर कार्रवाई की जाएगी. -इंद्रजीत सिंह, स्टेशन मास्टर, रघुनाथपुर

 

बक्सर से ऋतराुज