“नशे” ने 1 दर्जन को रौंदा…मचा कोहराम

शराबबन्दी पर शराबी भारी, नौकरशाहों के अर्दली भी नशे में चूर

नशे में धुत TDM के ड्राइवर का तांडव, एक दर्जन लोगों को रौंदा




ड्राइवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, बीच रास्ते से ही भागे गाड़ी में बैठे बाबू

आरा, 18 अप्रैल. शराबबंदी के बावजूद सरकारी नौकरशाहो और उनके कर्मचारियों पर शराब किस कदर हावी है इसका उदाहरण मंगलवार को उस वक्त मिला, जब TDM की बोर्ड लगी गाड़ी के ड्राइवर को पुलिस ने लगभग एक दर्जन लोगों को रौंदने के बाद पकड़ा. घटना आरा के नवादा थाना क्षेत्र का है.रात के अंधेरे को तो छोड़िए इनकी घृष्टता इतनी बढ़ गयी है कि दिन के उजाले में भी शराब का सेवन करने से बाज नही आते.

इसका सबसे बड़ा कारण है इनका तुरन्त छूट जाना या इनपर कोई कार्रवाई नही होना. बताते चलें कि इसके पूर्व तो होली की पूर्व संध्या पर शहर के नगर आयुक्त ही नशे में धुत होकर DM से मिलने पहुँचे थे जिसपर DM के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नही हुई और मामला रफा-दफा हो गया. अब ऐसे मामले पर सुशासन बाबू के कड़े कानून के क्या मायने? नौकरशाहों की आखिर नौकरशाही जो है भाई. साहेब को तो कोई पकड़ नही सकता और साहेब के अर्दली और उनके रहनुमाओ को कैसे कोई पकड़ेगा!

कैसे और कहाँ रौंदा नशेड़ी ड्राइवर ने

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नशेड़ी ड्राइवर ने सबसे पहले चंदवा से गुजरने के बाद मौलाबाग में एक सर्विस सेंटर कर्मी को ठोकर मार जख्मी किया. वहां से भागते हुए ड्राइवर ने पुलिस लाइन में एक महिला को रौंदा और फिर रमना मैदान के पास जज कोठी मोड़ आते-आते नशे में धुत ड्राइवर ने  तीसरी टक्कर ऑटो में सामने से मार दी, जिसमें सवार आधा दर्जन लोग गंभीर रुप से जख्मी हो गए. जिनका इलाज निजी नर्सिंग होम के अलावा सदर अस्पताल में चल रहा है. तीन जगह ड्राइवर द्वावरा मचाये गए इस कोहराम में एक पत्रकार की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई और जज कोठी स्थित एक निजी हॉस्पिटल का जनरेटर भी क्षतिग्रस्त हो बंद हो गया. जहां से भी ड्राइवर गुजरा उसके तांडव से लोगों में अफरा-तफरी मची गयी. इस बीच सुत्रो के अनुसार गाड़ी के अंदर बैठे TDM किसी तरह जान बचाकर बीच रास्ते से गायब हो गए. जज कोठी के पास नशे की हालत में ड्राइवर द्वारा मारी गयी जोरदार टक्कर से कई लोगों के घायल होने के बाद, आक्रोशित लोगों ने स्कार्पियो का शीशा तोड़ा और ड्राइवर की जमकर धुलाई की जसमे वह जख्मी हो गया. जज कोठी मोड़ के पास दो पुलिसकर्मियों ने इस दुर्घटना के बाद किसी तरह ड्राइवर को अपने कब्जे में लेकर थाना भेजा.
ड्रायवर द्वारा मचाये गए सड़क पर इस कोहराम में एक  ASI गजराजगंज थाना पवन पासवान  (जयनगर मधुबनी ),Whirlpool सर्विस सेंटर के स्टाफ मुकेश पासवान (आनंद नगर) , सेल टेक्स कर्मचारि रामप्रीत सिंह (गंगी) सहित लगभग एक दर्जन लोग घायल हुए हैं. घटना की सूचना होते ही घटना स्थल पर आनन-फानन में कई पदाधिकारी पहुंचे. नवादा थाना इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष सुबोध कुमार के द्वारा भीड़ को काबु किया गया. घटना की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गयी जिसके बाद घायलों को देखने के लिए सदर अस्पताल मे लोग इक्कट्ठे हो गए. जिसमे कई सामाजिक कार्यकर्ता और नेताओं के साथ पुलिस असोसिएशन के अध्यक्ष प्रताप पासवान, उपाध्यक्ष संतोष कुमार, पीस ऑफ इंडिया के महानगर अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार, साथ मे सदर अस्पताल के लिपिक राम सुभग सिंह , मनोज कुमार यादव, सुनिल कुमार साथ मे पुलिस असोसिएशन के भी कई लोग दिखे.

देखना यह दिलचस्प होगा कि तीन जगहों पर शराबी ड्राइवर द्वारा मचाये कोहराम में दर्जन भर घायल लोगों को प्रशासन इंसाफ दिलाती है या फिर नौकरशाही के नशे में ‘साहेब’ का ड्राइवर आराम से कॉलर टाइट कर चलता बनता है. क्योंकि बिहार में तो ब्रेथ इन्हेलाईजर ही नशे में हैं. ऐसे में क्या पता कही यह रिपोर्ट न आ जाये कि ड्राइवर ने शराब पी ही नही थी…

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट