“मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’’ का नीतीश ने किया शुभारंभ

“मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’’का शुभारंभ
पायलट प्रोजेक्ट के रुप में दो जिले समस्तीपुर एवं नालंदा के एक-एक ग्राम पंचायत में यह योजना लागू
टोला संपर्क योजना के तहत प्रत्येक टोला को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा
सभी लोगों को यातायात के नियम का पालन करने के लिए जागरुक करना होगा – मुख्यमंत्री
परिवहन विभाग की एक पुस्तिका “हर सफर का हमसफर” का विमोचन

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार 9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में परिवहन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया एवं रिमोट के माध्यम से ‘‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’’का शुभारंभ किया.  इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग को इस बात के लिए बधाई देता हूं कि 15 अगस्त को जिस योजना की घोषणा मेरे द्वारा कि गई थी उसका क्रियान्वयन आज से प्रारंभ कर दिया गया है. पायलट प्रोजेक्ट के रुप में दो जिले समस्तीपुर एवं नालंदा के एक-एक ग्राम पंचायत में यह योजना लागू की गई है और आज 09 लाभार्थियों को वाहन वितरित किये गये हैं. मुख्य सचिव मेरे द्वारा घोषित योजनाओं की सख्ती से मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिस कारण कम समय में ही इन योजनाओं का शुभारंभ किया जा सका है. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत बापू जयंती के दिन विभाग करना चाह रहा था लेकिन मैने कहा कि दूसरे दिन इस योजना की शुरुआत की जाए ताकि लोगों को विस्तार पूर्वक इसके बारे में जानकारी मिल सके. बापू जयंती के दिन हमलोग मुख्यतः बापू के विचारों के बारे में ही बातें करते हैं. इस योजना की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत वाहनों का परिचालन ग्राम पंचायत से प्रखंड मुख्यालय तक किए जाने हेतु प्रत्येक पंचायत के लिए 5 वाहनों की खरीद पर वाहन के खरीद मूल्य के 50 प्रतिशत तक की राशि अथवा अधिकतम एक लाख रूपये अनुदान स्वरुप परिवहन विभाग द्वारा भुगतान किया जाएगा. 05 लाभार्थियों में 03 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के होंगे एवं दो लाभुक अत्यंत पिछड़ा वर्ग के होंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम जनप्रतिनिधि एवं केंद्र में मंत्री थे उस समय भी लोगों से क्षेत्र में मिलने जाने के लिए काफी पैदल चलना पड़ता था. आप समझ सकते हैं कि उस समय राज्य में सड़क सुविधा की क्या हालत थी. वर्ष 2005 के बाद से सड़कों का निर्माण बड़े पैमाने पर किया गया. हर गांव को लगभग पक्की सड़क से जोड़ दिया गया है. टोला संपर्क योजना के तहत प्रत्येक टोला को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है.  अच्छी सड़क बनने के बाद लोग पैदल कम चलना चाहते हैं. उसी को ध्यान में रखते हुए सुदूरवर्ती ग्रामीण लोगों को ब्लॉक तक जाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है. 4 से 10 लोगों तक की क्षमता वाला यह वाहन होगा. अब सड़क निर्माण के साथ-साथ सड़कों के मेंटेनेंस के लिए सरकार ने नीति बनायी है. यह मेंटेनेंस पॉलिसी सभी ग्रामीण सड़कों पर भी लागू होगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत वाहन के रुप में ई-रिक्शा को भी शामिल करना चाहिए. यह कम दूरी के लिए उपयुक्त है, साथ ही पर्यावरण के लिये भी अनुकूल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलायी जा रही सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत जीविका समूह के द्वारा वैसे परिवारों का सतत् सर्वेक्षण कराया जा रहा है, जो हाशिए पर हैं और उन्हें किसी योजना की जानकारी भी नहीं है और उसका लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है. जो गरीब परिवार शराब चुलायी के काम से जुड़े हुए थे, उनके वैकल्पिक रोजगार के लिए, साथ ही हाशिए पर खड़े वैसे परिवारों के लिए भी गो-पालन, ई-रिक्शा, दुकान का कारोबार आदि की व्यवस्था, जो उनके लिए सुविधाजनक हो की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के लिए बस सेवा की शुरुआत की गई है, पटना में अनेक रुटों के लिए बस सेवा शुरु की गई है. गया में भी कुछ रुटों पर बस सेवा शुरु की गई हैं. परिवहन विभाग ने एक शहर से दूसरे शहर को जोड़ने के लिए बस सेवा की शुरुआत की है. बस, यात्रियों की सुविधाओं के अनुकूल है. उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा नयी तकनीक के प्रयोग का लाभ आम जनता को देने के तहत ऑनलाईन वाहन परमिट सिटी बस सेवा के लिए मोबाइल एप्प, आर0टी0ए0 का एक्सटेंशन वगैरह की शुरुआत की गई है. इससे वाहनों के निबंधन, खरीददारी में सुविधा होगी. नयी तकनीक के प्रयोग से परिवहन विभाग में ज्यादा पारदर्शिता से और तीव्र गति से काम होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वाहनों की बिक्री बढी है और देश में सबसे ज्यादा मोटरसाईकिल की बिक्री बिहार में होती है. लोगों की आमदनी बढ़ी है. शराबबंदी के बाद जो लोगों की बचत हुई है उसका उपयोग बेहतर जीवनशैली के लिए लोग कर रहे हैं. राज्य में विकेंद्रीकृत तरीके से कार्य कर विकास को गति दी जा रही है. जैसा कि परिवहन विभाग ने जानकारी दी है कि अगले वर्ष जुलाई तक बस स्टैंड बनकर तैयार हो जाएगा. परिवहन विभाग अन्य जिलों के बस स्टैंड को भी ठीक करे. अपने सभी बस स्टैंड को भी सुविधायुक्त एवं आधुनिक बनाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बस स्टॉप का निर्माण हो एवं प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में मॉडल बस स्टैंड का निर्माण कराया जाए ताकि वाहन परिचालन में सहूलियत हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में परिचालन के क्षेत्र में दुर्घटना एक महत्वपूर्ण समस्या बनकर उभरी है. राज्य में शराबबंदी के बाद दुर्घटनाओं में कमी आयी है. अच्छी सड़कों के निर्माण के बाद वाहनों की संख्या बढ़ी है, तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चालन के कारण भी दुर्घटनाएं होती हैं. लोग जेबरा क्रॉसिंग पर भी रुकना नहीं चाहते हैं, इसको सुनिश्चित करें. हेलमेट का प्रयोग वाहन चालन के समय जरुर करना चाहिए. भारी वाहनों को सबसे बांयी तरफ चलनी चाहिए लेकिन इन सब चीजों पर ध्यान नहीं दिया जाता है. परिवहन में संरक्षा के लिए राष्ट्रीय नीति बनायी गई है. साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमिटी बनायी गयी है जिसमें घनी आबादी क्षेत्रों में सड़क पार करने के लिए फूट ओवरब्रीज, अंडरग्राउंड पाथ आदि का निर्माण किया जाना है. यह इस तरह का बने कि सड़क को पार करने में दिव्यांगो एवं मवेशियों को किसी प्रकार की कठिनाई ना हो साथ कृषि कार्य से जुड़े हुये ग्रामीणों को कृषि संयंत्र एवं अन्य कृषि उत्पादों को ले जाने में सहुलियत हो.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में अनुशासन एवं सामाजिक जागृति पैदा करने की जरुरत है ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति लोग सचेत हों. चालक से लेकर सभी लोगों को यातायात के नियम का पालन करने के लिए जागरुक करना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ नई-नई चीजें उभरती हैं उसके लिए सतर्क रहने की जरुरत है. सिर्फ स्ट्रक्चर निर्माण कर लेने से काम पूरा नहीं होता, बल्कि उसके लिए वॉचफूल भी होने की जरुरत है. परिवहन विभाग इन सब चीजों पर नजर रखेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 8 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायत है. एक ग्राम पंचायत में पांच वाहनों का वितरण किया जाएगा, यानि 40 हजार से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिलेगा. लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी. परिवहन विभाग का दायरा बढ़ा है जिसके कारण उसकी जिम्मेवारी भी बढ़ी है. मुझे पूरी उम्मीद है कि परिवहन विभाग लोगों की आकांक्षा एवं अपेक्षा पर खरा उतरेगा.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग द्वारा लगायी गयी वाहन प्रदर्शनी का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री का स्वागत परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने हरित गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाईन वाहन परमिट, आर0टी0ए0 के एक्सटेंशन, सिटी बस से संबंधित मोबाइल एप्प का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया. परिवहन विभाग द्वारा तैयार एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया.
मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने परिवहन विभाग की एक पुस्तिका “हर सफर का हमसफर” का विमोचन किया. समस्तीपुर एवं नालंदा जिले के 09 लाभार्थियों को वाहन का वितरण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया.
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, मुख्य सचिव दीपक कुमार, परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर राज्य परिवहन प्राधिकार के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी कुमार रवि एवं परिवहन विभाग के अन्य पदाधिकारीगण एवं लाभार्थीगण उपस्थित थे.