मास्क और सेनेटाइजर के जमाखोरों पर सरकार की है कड़ी नजर

सरकार ने सर्जिकल एवं सुरक्षात्मक मास्क, हैंड सैनिटाइजर तथा दास्ताने की कीमतों के विनियमन और उनकी उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू किया

सर्जिकल और सुरक्षात्मक मास्क, हैंड सैनिटाइजर तथा दस्ताने की गैर-उपलब्धता और कालाबाजारी संबंधी रिपोर्टों के संज्ञान में, कोविड-19 के प्रकोप की चुनौती को दूर करने के लिए तैयारियों के उपाय के रूप में, एनपीपीए ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से अनुरोध किया कि वे सर्जिकल और सुरक्षात्मक मास्क, हैंड सैनिटाइजर और दस्ताने की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनकी कीमतों को विनियमित करने के लिए एनपीपीए को सक्षम बनाने के लिए उपरोक्त प्रभाव वाली दवाओं को तत्काल प्रभाव से अधिसूचित करें.




स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुपालन में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 10 की उप-धारा (2) के खंड (1) के तहत दिनांक 13 मार्च 2020 के आदेश को राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण को सर्जिकल और सुरक्षात्मक मास्क, हैंड सैनिटाइजर एवं दस्ताने की उपलब्धता और उनकी कीमतों को विनियमित करने के लिए अनिवार्य किया गया है.

तदनुसार, 13 मार्च 2020 को एनपीपीए के आदेश में सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को जनहित में, कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सर्जिकल एवं सुरक्षात्मक मास्क, हैंड सैनिटाइजर और दस्ताने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और इनके पैकेट पर प्रिंटेड अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं.

राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों को भी विनिर्ताओं/आयातकों/स्टॉकिस्टों और खुदरा विक्रेताओं द्वारा उपर्युक्त वस्तुओं के उत्पादन और वितरण की निगरानी करने के लिए निर्देशित किया गया है और यह सुनिश्चित करना है कि जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी न हो सके.