अब महिलाओं को मिलेगा ट्रेन में आरक्षित बर्थ

रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला

महिलाओं की आरामदायक यात्रा के लिए भारतीय रेलवे का प्रयास




हर कोच में महिलाओं के लिए 6 बर्थ होंगे आरक्षित

भारतीय रेलवे ने महिलाओं को ट्रेन में मिलने वाली सीट और उनको होने वाली दिक्कतों पर बड़ी पहल की है. अब ट्रेन में महिलाओं को सीट के लिए परेशान नहीं होना होगा. जिस तरह से बस और मेट्रो ट्रेन में महिलाओं के लिए अलग से सीट आरक्षित होती हैं, उसी तरह से अब भारतीय रेलवे भी महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करेगा. भारतीय रेलवे की ओर से अब लंबी दूरी की ट्रेन में भी महिला यात्रियों के लिए बर्थ रिजर्व  की गई है.

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं की आरामदायक यात्रा के लिए भारतीय रेलवे  ने रिजर्व बर्थ निर्धारित करने सहित कई सुविधाएं शुरू की हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों  में स्लीपर क्लास में छह बर्थ आरक्षित रहेगा. गरीब रथ, राजधानी , दुरंतो समेत पूरी तरह से वातानुकूलित एक्सप्रेस ट्रेनों की थर्ड एसी कोच  में छह बर्थ महिला यात्रियों  के लिए आरक्षित किया गया है.

रेल मंत्री ने कहा कि हर स्लीपर कोच में छह से सात लोअर बर्थ , वातानुकूलित 3 टियर (3एसी) में कोच में चार से पांच लोअर बर्थ और वातानुकूलित 2 टियर (2एसी) कोच में तीन से चार लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं  के लिए आरक्षित की गई है. आपको बता दें कि रिजर्वेशन ट्रेन में उस श्रेणी के डिब्बों की संख्या के आधार पर किया जाएगा. रेल मंत्री ने कहा, ‘ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत ‘पुलिस’ और ‘लोक व्यवस्था’ राज्य के विषय हैं, हालांकि, रेलवे सुरक्षा बल जीआरपी और जिला पुलिस यात्रियों को बेहतर सुरक्षा मुहैया कराएगी.’

इसके साथ ही, रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर महिला यात्रियों के साथ अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जीआरपी की मदद से रेलवे द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं. रेलवे सुरक्षा बल ने पिछले साल अखिल भारतीय पहल ‘मेरी सहेली’ शुरू की थी, जिसका उद्देश्य ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा में सुरक्षा प्रदान करना था.

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