अचानक क्यों जल उठा बिहार, कब थमेगी हिंसा!

क्या बिहार में अलर्ट नहीं था 

पुलिस प्रशासन क्या कर रही थी 




बार बालाओं के साथ ठुमके लगाने में व्यस्त थे पुलिस के अधिकारी 

बिहार में दुर्गा पूजा और मोहर्रम के बाद जो कुछ हो रहा है उसमें किसका हाथ है ये सभी जानते है . यह बात सौ फीसदी सही है कि सब कुछ बड़े ही प्लानिंग के तहत किया जा रहा है. जिलों में अचानक पत्थर बाजी शुरू हो गई पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने लगे,पंडाल में अभद्र पोस्टर साट दिए गए, दर्जनों दुकानों और गाड़ियाँ जला दी गई. मकान जला दिए गए .ये सब तब हो रहा था जब पुलिस प्रशासन मुहर्रम और दुर्गा पूजा को लेकर सतर्क थी .इतना कुछ होता रहा और सूबे के मुखिया को इस बात की भनक तक नहीं लगी. केंद्र सरकार ने दुर्गा पूजा के पहले ही साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का अलर्ट जारी किया था बावजूद इसके राज्य सरकार के आला अधिकारी कान में तेल डाल कर बैठे रहे. सूत्रों के अनुसार शहाबुद्दीन के जेल जाने के क्रम में सरकार को देख लेने की चुनौती दी गई थी. राज्य में अलग अलग जगहों पर हिंसा की घटना और सौहार्द बिगाड़ने का बड़ा गेम प्लान बनाया गया था जिसमें कुछ जिलों को टारगेट किया गया.

सीवान,भोजपुर,बिहारीगंज,बख्तियारपुर में उपद्रव हुआ. बिहारीगंज में तो हद तो तब हो गई जब सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार युवक को छुड़ाने के लिए डीएम के पैर तक पकड़ लिए. भोजपुर में दो जगहों पर गाने को लेकर शुरू हुआ उन्माद आज तीसरे दिन भी जारी रहा. बख्तियारपुर में पटना डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने पूजा पंडाल में लगाये गए भडकाऊ पोस्टर के बाद उत्पन्न स्थिति को रोकने के लिए फ्लैग मार्च किया, वहीँ दोषियों को पकड़ने का सख्त निर्देश दिया. भोजपुर के जगदीशपुर में कश्मीर के गाने पर विवाद हुआ और लोगों की मूर्ति विसर्जन में इतनी भीड़ जुटी कि कई महत्वपूर्ण रास्तों में जाम लग गया.जिसके कारण ताजिया का जुलुस निकालने में दिक्कत का सामना हुआ और माहौल ख़राब हो गया. कुछ किमी की दुरी पर पीरो में भी कश्मीर के गाने पर विवाद हुआ,ताजिया निकला तो लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये और पत्थरबाजी शुरू कर दी .कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.

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img_20161012_215548पुलिस ने कारवाई करते हुए एक गुट के लोगों को गिरफ्तार कर ले गई उसके बाद से लोग सड़क पर हैं और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग कर रहे हैं. दोनों इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और जिले के आला अधिकारी कैम्प किये हुए है. सीवान में भी ऐसा ही कुछ मंजर देखने को मिला. आखिर अचानक से लोग उग्र क्यों हो गए.इसका जवाब सब मांग रहे है लेकिन अभी तक सरकार के आलाधिकारी ने कुछ भी बताने से बाज आ रहे है. भोजपुर और बिहारीगंज में जो हालात उत्पन्न हुए है उनमें इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. पीरो में 3 FIR किये गए है लेकिन इस सम्बन्ध में कुछ भी बताने से पुलिस इनकार कर रही है मीडिया के लोगों को भी कवरेज से रोका जा रहा है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. अब राजनैतिक दल के लोगों ने अपनी रोटियाँ सेंकनी शुरू कर दी है .सब इन घटनाओं को भुनाने में लग गए है कोई किसी के तबादले की बात कर रहा है तो कोई सरकार को आड़े हाथों ले रहा है .कई इलाकों में लोग डर के मारे बाहर नहीं निकल रहे हैं .आवागमन बाधित हो है स्कूल बंद कर दिए गए है . आखिर क्या हो रहा है बिहार ? कौन सुलगा रहा है आग ? और कौन दे रहा है हवा सबका जवाब सरकार को देना होगा.चुनावी लाभ के लिए धार्मिक और जातीय उन्‍माद फैलाने की किसी भी कोशिश का हम विरोध करते हैं  आप भी आगे आयें और अपने क्षेत्र में हो रहे ऐसी घटनाओं का पर्दाफाश करें .img_20161012_220841

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