31 मार्च 2026 तक सभी प्राप्त आवेदनों का कर दिया जाएगा निपटारा
विवादित मामलों के निपटारे को 26 जनवरी से पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर, किया जाएगा ऑन स्पॉट निष्पादन
अविवादित मामलों का जिला मुख्यालय में होगा त्वरित निष्पादन
जमीन की मापी के लिए भी चलता रहेगा अभियान, दोनों में सामंजस्य की सीओ की जिम्मेवारी
मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान बंटवारा नामांतरण पर दिया है जोर, इसके उपरांत लिया गया निर्णय
पटना।। राजस्व महा–अभियान 2025 के दौरान प्राप्त परिमार्जन प्लस एवं दाखिल-खारिज से संबंधित लगभग 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन को लेकर राज्य सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.

जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्व महा–अभियान का आयोजन पंचायतों में शिविर लगाकर 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 के बीच किया गया था. इस दौरान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण को आसानी से करने के उद्देश्य से किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समृद्धि यात्रा के क्रम में बंटवारा नामांतरण को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसी उद्देश्य से राजस्व महा–अभियान के दौरान मिले आवेदनों के निपटारे का निर्णय लिया गया है.

पत्र में प्रधान सचिव अनिल ने निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जिलावार, अंचलवार एवं हल्कावार ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य होगी. परिमार्जन से जुड़े लगभग 40 लाख मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाएगा. आवेदनों को अविवादित एवं विवादित श्रेणियों में विभाजित किया गया है. अविवादित मामलों का निष्पादन जिला मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा, जबकि विवादित मामलों के लिए पंचायत भवनों में राजस्व सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे.
शिविरों में मौके पर ही सुनवाई, अभिलेखों का सत्यापन और आदेश पारित करने की व्यवस्था रहेगी. इसके लिए सरकारी लैपटॉप के उपयोग के साथ दक्ष कंप्यूटर सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी. एक ही परिवार या खाताधारी से संबंधित मामलों का समेकित निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि समान परिस्थितियों में समान आदेश का सिद्धांत लागू हो सके.
यह भी स्पष्ट किया है कि भूमि मापी अभियान समानांतर रूप से चलेगा, जिसके लिए अमीनों की सेवाएं ली जाएंगी. अंचल अधिकारी शिविर आयोजन और अमीनों के कार्यों में समन्वय स्थापित करेंगे.

कमिश्नर और DM की होगी बड़ी भूमिका
समय-सारणी के अनुसार, नोटिस निर्गत करने से लेकर सुनवाई, अभिलेख प्रस्तुतीकरण और सकारण आदेश पारित करने की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों में पूर्ण की जाएगी. शिविर संचालन हेतु आवश्यक राशि मुख्यालय से उपलब्ध कराई जाएगी. पत्र में यह भी कहा गया है कि पूरे अभियान के मुख्य सूत्रधार समाहर्ता होंगे, जिनके नेतृत्व में हल्कावार सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर अभियान को सफल बनाया जाएगा. वहीं, प्रमंडलीय आयुक्त पूरे अभियान की निगरानी और निरीक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. यह विशेष अभियान 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक संचालित कर सभी आवेदनों का निपटारा किया जाएगा.
उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में पिछले वर्ष अगस्त–सितंबर में राजस्व महा–अभियान के दौरान शिविर लगाकर लिए गए किसानों के आवेदनों का निष्पादन करना जरूरी है. इन शिविरों में प्राप्त कुल 46 लाख आवेदनों में 40 लाख आवेदन परिमार्जन से संबंधित हैं. इन आवेदनों के निष्पादन से रैयतों का अभिलेख अपडेट होगा और उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलने के साथ ही विभाग को भूमि सर्वेक्षण में भी आसानी होगी. इसी उद्देश्य से इसको लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ–साथ मापी अभियान भी चलता रहेगा.
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