100 हेक्टेयर में होगी औषधीय पौधों की खेती: एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी और शतावरी के लिए मिलेगा अनुदान

पटना, 20 सितंबर 2026। बिहार में फसल विविधीकरण और किसानों की आय के नए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके तहत राज्य में कुल 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी एवं शतावरी की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को अधिक विविध और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. औषधीय पौधों की खेती किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है.

₹36 लाख का प्रावधान
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए औषधीय पौधों के क्षेत्र विस्तार हेतु 36 लाख रुपये की वित्तीय राशि का प्रावधान किया गया है. योजना के अंतर्गत किसानों को ₹36,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा.




क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा
औषधीय पौधों की खेती के लिए क्लस्टर आधारित क्षेत्रों का चयन किया जाएगा. एलोवेरा, अश्वगंधा एवं ब्राह्मी के लिए 5 हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर तथा शतावरी के लिए 4 हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर क्षेत्र चिन्हित किया जाएगा.
कृषि मंत्री ने कहा कि क्लस्टर आधारित खेती से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पादन संबंधी जानकारी और विपणन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. चयनित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से औषधीय पौधों की खेती का विस्तार किया जाएगा.

RK

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