IRCTC होटल मामला- मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार पर चार्ज तय

नई दिल्ली / पटना, 10 सितंबर 2026 – दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और LARA प्रोजेक्ट्स समेत 7 आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है.

ये ED वाला केस है. इससे पहले इसी मामले में CBI केस में कोर्ट 13 अक्टूबर 2025 को ही लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत 14 आरोपियों पर भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय कर चुकी है. सभी ने खुद को निर्दोष बताया था और ट्रायल फेस करने की बात कही थी.




क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2004-2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे. आरोप है कि रांची और पुरी के दो IRCTC होटलों – BNR रांची और BNR पुरी के रखरखाव का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स (विजय और विनय कोचर की कंपनी) को नियमों को ताक पर रखकर दिया गया था.

CBI का आरोप है कि इस डील के बदले पटना की 3 एकड़ कीमती जमीन बेनामी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग कंपनी, जिसका नाम बाद में LARA Projects LLP हो गया, को कौड़ियों के दाम पर ट्रांसफर कर दी गई। यह कंपनी कथित तौर पर यादव परिवार से जुड़ी थी.

इसी CBI केस के आधार पर ED ने 2017 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. ED का कहना है कि पूरी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी लालू प्रसाद को थी.

कोर्ट ने क्या कहा था?
CBI वाले मामले में आरोप तय करते हुए स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा था कि “लालू प्रसाद ने मौखिक निर्देशों से होटलों के ट्रांसफर की प्रक्रिया को प्रभावित किया, टेंडर में स्टार क्लासिफिकेशन के नियमों में बदलाव किया गया और जमीन को जानबूझकर कम कीमत पर दिखाकर ट्रांसफर किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ.”

अब ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी चार्ज तय होने से लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इस केस में अगली सुनवाई में ट्रायल शुरू होने की प्रक्रिया तय होगी.

RK

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