‘BiharTeachersNeed7thPay – बिहार के शिक्षकों की मांग, 7th Pay लागू करो’

लाखों शिक्षकों ने खोला डिजिटल मोर्चा

सातवां वेतनमान देने की सरकार से है मांग




पटना: बिहार के साढ़े पांच लाख से अधिक राज्यकर्मी शिक्षकों ने आज एक बार फिर अपनी पुरानी मांग को लेकर डिजिटल मोर्चा खोल दिया है. आज रविवार, 30 अगस्त, सुबह 11 बजे से शिक्षक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर #BiharTeachersNeed7thPay हैशटैग के साथ ट्विटर कैंपेन चला रहे हैं.

शिक्षकों का नारा है – “बिहार के शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे नायक हैं! शिक्षक सम्मानित होगा, तभी शिक्षा मजबूत होगी!”

क्या है मांग?

शिक्षकों की एक ही मांग है – 7th Pay Commission के अनुरूप न्यायपूर्ण वेतनमान लागू करो.

शिक्षक संगठनों का कहना है कि देश के अधिकांश राज्यों में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो चुकी हैं, लेकिन बिहार में BPSC से चयनित विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापकों को अब तक अलग और कम वेतन संरचना दी जा रही है.

– वर्ग 1-5 को 25 हजार, 6-8 को 28 हजार, 9-10 को 31 हजार और 11-12 को 32 हजार का मूल वेतन दिया जा रहा है, जो 7वें वेतनमान से बिल्कुल अलग है.

– ग्रेड पे और लेवल निर्धारण पर अब तक वित्त विभाग की सहमति नहीं मिली है.

शिक्षकों का कहना है बढ़ती महंगाई में इस वेतन से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है.

शिक्षकों ने बताया है कि उचित वेतनमान से क्या होगा:

उचित वेतनमान से –
1.  परिवार की आर्थिक सुरक्षा
2.  बच्चों की बेहतर शिक्षा
3.  भविष्य की आर्थिक स्थिरता
4.  शिक्षक का मानबल ऊँचा
5.  बेहतर शिक्षा, बेहतर बिहार

शिक्षकों ने कहा – शिक्षक हैं, तो भविष्य है! न्याय दो, अधिकार दो, 7th Pay दो.

यह कैंपेन दोपहर तक राष्ट्रीय ट्रेंड में आ चुका है और टॉप पर ट्रेंड कर रहा है. शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द सुनवाई नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

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