बढ़ा बिजली दर वापस लेने की मांग- छात्र और गृहणियों पर पड़ेगा ज्यादा असर

शाम में बिजली महंगी, दिन में सामान्य दर

विपक्ष ने की मांग, बिजली दर बढ़ोतरी वापस ले सरकार




पटना।। एक अप्रैल से बिहार में बिजली की नई दरें और नया बिलिंग सिस्टम लागू होने वाला है. इस नये सिस्टम में शाम में बिजली का उपयोग महंगा हो जाएगा. इसे लेकर विरोध भी शुरू हो गया है. विपक्ष ने इसे सिरे से खारिज करते हुए वापस लेने की मांग की है.

RJD प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने पीक आवर ( शाम छः बजे से रात्रि दस बजे) में बढ़ाए गये बिजली दर को वापस लेने और
24 घंटे एक ही दर से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. राजद प्रवक्ता ने कहा कि जब से राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है , तब से पूरे बिहार में बिजली की कटौती काफी बढ़ गई है. वह भी पीक आवर में ही बिजली की कटौती ज्यादा होती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई और गृहणियों की रसोई घर पड़ता है.

चितरंजन गगन ने कहा कि अब सरकार ने शाम छः बजे से रात दस बजे तक बिजली की कीमत महंगी करने का निर्णय लिया है जबकि शाम छः से रात दस बजे तक ही बिजली की ज्यादा आवश्यकता रहती है और खपत भी ज्यादा होती है. सरकार के इस निर्णय से सबसे ज्यादा छात्र और गृहणी प्रभावित होंगे. यह समय छात्रों के पढ़ने और गृहणियों के खाना बनाने का रहता है. स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली शुल्क की अनियमित और मनमाने कटौती के कारण पहले से हीं उपभोक्ताओं की परेशानी काफी बढ़ गई है और अब बढ़े हुए शुल्क के कारण उपभोक्ताओं के उपर और भी ज्यादा आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा.
चितरंजन गगन ने कहा कि मार्च महीने में ही गर्मी पड़ने लगी है. पूरे बिहार में बिजली की कटौती भी शुरू हो गई. साथ ही सरकार ने नया फरमान भी जारी कर दिया है. शाम में बिजली की कीमत बढ़ाई जाती है , तो मुफ्त बिजली देने के फैसले का कोई औचित्य नहीं रह जाता है. यह बिहार की जनता के साथ नाइंसाफी और वादाखिलाफी होगा. उन्होंने राज्य सरकार से बिजली कटौती बंद करने, सभी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, स्मार्ट मीटर वापस लेने और 24 घण्टे एक ही दर पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है.


pncb

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