मेट्रो रेल प्रोजक्ट्स ने अर्बन ट्रैफिक को दी नई रफ्तार

भारत में मेट्रो परियोजनाएं- शहरी यातायात और गतिशीलता की दिशा में बढ़ते तेज कदम तेज गति से बढ़ते शहरीकरण के साथ, देश के सभी नगरों और शहरों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है. मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, एमआरटीएस श्रेणी-I एवं श्रेणी-II शहरों में रहने वाले लोगों के लिए गतिशीलता के सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक के रूप में उभरा है और मेट्रो एक प्रमुख माध्यम बन गया है. अब मेट्रो पटना में भी अपनी राह बनाने जा रहा है. मेट्रो की वर्तमान स्थिति- वर्तमान में 585 किलोमीटर मेट्रो लाइन परिचालनगत है. अहमदाबाद, लखनऊ, नागपुर एवं गाजियाबाद नगरों में अगले एक महीने में लगभग 60 किलोमीटर मेट्रो लाइन के और आरम्भ किए जाने की संभावना है. 2002 में 8 किलोमीटर की मामूली शुरूआत से लेकर आधुनिक मेट्रो रेल ने देश में ऐतिहासिक वृद्धि प्रदर्शित की है। चालू वित्त वर्ष (2018-19) में लोगों के लिए 140 किलोमीटर मेट्रो लाइन (10 फरवरी, 2019 तक) आरम्भ की जा चुकी है. 10 फरवरी 2019 तक परिचालनगत 585 किलोमीटर मेट्रो लाइन में से 326 किलोमीटर मई 2014 के बाद परिचालनगत हुई है. मई 2014 से भारत सरकार द्वारा 258 किलोमीटर मेट्रो लाइन की मंजूरी दी गई है. वर्तमान में लगभग 600 किलोमीटर मेट्रो लाइन निर्माणाधीन हैं जो अगले पांच वर्षों में परिचालनगत होंगी. लगभग 1000 किलोमीटर मेट्रो लाइन प्रस्ताव योजना निर्माण के अधीन है. भारत सरकार ने भारत में मेट्रो रेल के मानकीकरण एवं विकास के लिए कई कदम उठाए हैं. भारत सरकार की मेट्रो रेल नीति 2017 देश में मेट्रो रेल

Read more