कल्‍लू ने बनाया भोजपुरी किसिंग का रिकॉर्ड

फिल्‍म ‘रब्‍बा इश्‍क ना होवे’ में किया 304 बार किस भारतीय सिनेमा में अब तक सिरियल किसर के नाम से इमरान हाशमी की बात होती थी, मगर उनका रिकॉर्ड अब टूटता नजर आ रहा है। किसिंग के मामले में भोजपुरी सिनेमा के सुपर स्‍टार अरविंद अकेला कल्‍लू उनसे काफी आगे निकल चुके हैं . कल्‍लू ने अपनी आज प्रदर्शित हुई फिल्‍म ‘रब्‍बा इश्‍क ना होवे’ में फिल्‍म की अभिनेत्री ऋ‍तु सिंह को 304 बार किस किया है, जो किसी भी फिल्‍म इंडस्‍ट्री के अंदर इतने किसिंग सीन पहली बार हुये हैं. बता दें कि इस फिल्‍म में कल्‍लू कई अवतार में नजर आ रहे हैं. हालांकि शुरूआत में वे एक ब्रह्मचारी युवक की भूमिका में हैं, जो महिलाओं से दूर भागता है. मगर ऋ‍तु सिंह की इंट्री के बाद उन्‍हें प्‍यार में यकीन हो जाता है और शायद यही वजह है कि वे खुद पर काबू नहीं रख पाते हैं और किसिंग का रिकॉर्ड बना दिया. वहीं, फिल्‍म को भी जबरदस्‍त ओपनिंग मिली है और फिल्‍म सुपर हिट है.    वहीं, समीक्षकों का मानना है कि भोजपुरी सिनेमा में अब तक किसी फिल्‍म में इतने किसेज देखने को नहीं मिले थे. कल्‍लू और ऋतु के बीच फिल्‍माये गए इन किसिंग सिक्‍वेंस में सबसे खास बात ये है कि ये कहीं से वलगर नहीं लग रहे हैं. सारे सीन सेंशेनल दिखाई दे रहे हैं. इससे साफ पता चलता है कि भोजपुरी सिनेमा के मेकिंग में परिपक्‍वता आई है. वहीं, दर्शकों को भी दोनों की केमेस्‍ट्री खूब पसंद आ रही है और लोगों के बीच कल्‍लू और ऋतु के बीच फिल्‍माये गए

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कयासों की कल्पना में उलझ कर रह गयी फ़िल्म

फीकी है ‘बादशाहो’ की बादशाहत राजस्‍थान की पृष्ठभूमि में सुने-सुनाए प्रचलित किस्‍सों की उपज है ‘बादशाहो’. ‘कच्‍चे घागे’ और ‘डर्टी पिक्चर’ जैसी कई जबरदस्त फिल्मो से अपने निर्देशन का दर्शकों के दिलों पर जादू चलाने वाले मिलन लुथरिया को इस फ़िल्म का ताना-बाना, कच्चे-धागे की शूटिंग के दरम्‍यान ही बना था. राजस्थान में राजघरानो और किलों के बारे में कई किस्से सुनने को मिलते हैं. उन्ही किस्सों में से एक किस्सा उन्होंने सुना, जो उनके जहन से निकल ही नहीं पाया.उन्‍होंने अजय देवगन को भी यह किस्‍सा सुनाया. फिर क्या था कहानी ने दोनों को प्रभावित किया और फ़िल्म बानी बादशाहो. दरअसल यह फ़िल्म महारानी गायत्री देवी के किले में छुपे खजाने के ऊपर बना है. महारानी अपने सौंदर्य के लिए जगप्रसिद्ध थीं. ऐसा कहा जाता है कि इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी और संजय गांधी के इशारे पर फौज ने महारानी गायत्री देवी के किले पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में खजाने ले गए थे. हालांकि इसका कोई प्रमाण नही मिलता लेकिन किले घूमने के दौरान गाइड और आम जनता से इन बातों को कोई भी सुन सकता है. कहानी को समय और किरदारों का रूप देने में निर्देशक ने काफी मेहनत किया है. ओरिजिनल किरदारों और समय की झलक फिल्‍म के शुरू में ही दिख जाती है. कलाकारों का लुक और एटीट्यूड उन्हें संजय गांधी जैसा प्रतीत कराता है. गीतांजलि देवी में गायत्री देवी की झलक दिखती है. अन्य कई किरदार कल्पना की उपज हैं. फिल्‍म में रिलेशनशिप, ड्रामा,एक्‍शन, थ्रिल, ड्रामा, कॉमेडी और आयटम सॉन्ग का

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