यही है वो जगह… महादेव ने जहाँ छिपकर अपनी जान बचायी

गुप्ता धाम से पटना नाउ की लाइव रिपोर्टिंग पार्ट-1 बिहार के अतिप्राचीन शिवलिंगों में शुमार एक प्राकृतिक शिवलिंग गुप्ताधाम की गुफा में भी अवस्थित है. कैमूर की पहाड़ियों के प्राकृतिक छटाओं से सुसज्जित वादियों में स्थित इस गुफा में जलाभिषेक करने के बाद भक्तों की सभी मन्नतें पूरी हो जाती है. किवंदंतियों के अनुसार कैलाश पर्वत पर माता पार्वती के साथ विराजमान भगवान भोले शंकर जब भस्मासुर की तपस्या से खुश होकर उसे किसी के सिर पर हाथ रखते ही भष्म करने का वरदान दिया. तब भस्मासुर मां पार्वती के सौंदर्य पर मोहित होकर शिव से मिले वरदान की परीक्षा लेने उन्हीं के सिर पर हाथ रखने के लिए दौड़ा. तब भगवान भोले नाथ इस गुफा में छिप गए. इतिहास के जानकार व प्रसिद्ध कवि पवन श्रीवास्तव के मुताबिक शाहाबाद गजेटियर में फ्रांसिस बुकानन नामक अंग्रेज विद्वान का कथन है कि गुप्ताधाम की इस गुफा में जलने के कारण गुफा का आधा हिस्सा काला होने के सबूत देखने को मिलते हैं.    गुप्ता धाम का प्रवेश द्वार सदियों से कई कथाओं में सुनने वाले इस जटिल तीर्थ के बारे में पटना नाउ टीम ने विस्तार से हकीकत जानने के लिए यहाँ का दौरा किया. पेश है ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट. गुप्ताधाम गुफा बिहार राज्य के सासाराम जिले में स्थित है. यह भगवान शिव के प्रमुख पूज्यनीय स्थलों में से एक है. यह पवित्र गुफा 363 फिट लंबी है. गुफा के अन्‍दर भगवान शंकर का करीब 3 फीट ऊंचा शिवलिंग है. इस शिवलिंग के ऊपर पवित्र जल की धारा सदैव गिरती रहती

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