9 माह बाद भी नहीं शुरू हो सकी भोजपुरी की पढ़ाई

भोजपुरी के लिए महाजुटान और महाचिन्तन भोजपुरी के लिए महाधरना में एक हुए लोग अलग पार्टियों में होने के बाद भी बैठे एक मंच पर अबतक दिल्ली में कई बार जंतर-मंतर पर भोजपुरी को 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आवाज उठाने वाली संस्था ‘भोजपुरी जन-जागरण अभियान’ ने अब प्रदेश में भी अपना विस्तार किया है. इसका उदाहरण गुरुवार को भोजपुरी के लिए महाधरना के रूप में आरा में देखने को मिला. जिला समाहरणालय के समक्ष लगभग सैकड़ों लोगों की जमात भोजपुरी के लिए उठी. लोगों की भीड़ की वजॆह से यातायात को सुचारू करने में यातयात पुलिस के पसीने छूटते रहे. भोजपुरी में फैले अश्लीलता को दूर करने, भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने और भोजपुरी की पढ़ाई सभी महाविद्यालयों में चालू करने की मांगों के साथ भोजजअ के प्रदेश अध्यक्ष कुमुद पटेल की अगुआई में यह महाधरना आयोजित किया गया. कई पार्टियों के लोग आये एक मंच पर भोजपुरी बचाओ अभियान के पिछले साल 5 सितंबर के भोजपुर बंदी के दौरान जिस तरह सभी दलों के लोगों ने एक साथ आकर भोजपुरी के लिए आवाज उठाई थी, ठीक उसी तरह इस महाधरना में भी भोजपुरिया लोगों ने दलगत भावना से परे होकर इसे समर्थन दिया और इस महाधरना में शामिल हुए. शामिल हुए लोगों में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हाजी नूर मदनी, सिने अभिनेता सत्यकाम आंनद, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गुंजन पटेल, श्रीधर तिवारी, विनोद सिंह, ब्रह्मांड पार्टी के जितेंद्र कुमार (अधिवक्ता), जद यू के जमीनी और कदावर नेता भाई ब्रह्मेश्वर सिंह और नंदकिशोर यादव,मृत्युंजय भारद्वाज,अम्बा के राकेश

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