‘अन्तर्राष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं मिलेगी’

सीएम ने की खेल विभाग की समीक्षा

राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश




पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने खेल अवसंरचना का विकास, विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति, खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधायें, प्रोत्साहन एवं सम्मान तथा राज्य में खेल विकास के लिये भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलम्पिक स्तर की सुविधाएं दी जायेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिये कई कदम उठायें गये हैं. राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचनाओं का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है. युवा एवं प्रतिभावान खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने पर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है. बेहतर खेल प्रदर्शन के लिये खिलाड़ियों को सुविधायें देने के साथ-साथ उन्हें ‘मेडल लाओ नौकरी पाओ’ योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजगीर में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करें. पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी खेलों के लिये अलग-अलग अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण कराया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 ग्राम पंचायतों में कुल 5266 में खेल मैदान का निर्माण पूर्ण हो गया है. शेष खेल मैदानों का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करायें. ग्राम पंचायतों में VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण) के माध्यम से खेल मैदानों का निर्माण कराएं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने हेतु बी०सी०सी०आई० एवं बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बी०सी०ए०) के साथ समन्वय स्थापित करें. मोइनुल हक स्टेडियम तक बेहतर सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करें ताकि खेल के आयोजन के दौरान भीड़ की स्थिति न बने. उन्होंने कहा कि बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए जिनमें नवाचार, देशस्तर पर उपयोगिता एवं रोजगार की अधिक संभावनाएं हों. जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा इनके संचालन एवं रख-रखाव के लिए पी०पी०पी० मॉडल की संभावनाओं का आकलन किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों के निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा इनके संचालन एवं रख-रखाव की व्यवस्था पी०पी०पी० मॉडल के माध्यम से सुनिश्चित की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सवों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए. पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति को विकसित किया जाए. राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा हेतु खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरण, कोचिंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं. जिला एवं प्रखंड स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए.

बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण, खेल विभाग के निदेशक आरिफ अहसन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

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