पटना, 5 अक्टूबर।। बिहार में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान निदेशालय ने गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना शुरू की है. योजना के तहत किसानों को खेती, परिवहन और प्रसंस्करण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है, जबकि किसान 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे.

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि फूलों की खेती किसानों की आय का अतिरिक्त स्रोत बन सकती है. सरकार क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देकर गेंदा फूल के उत्पादन के साथ उसके परिवहन और विपणन की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास कर रही है.

योजना के तहत 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। यह क्लस्टर एक पंचायत या दो समीपवर्ती पंचायतों में होगा. किसान रबी और खरीफ दोनों मौसम में गेंदा फूल की खेती कर सकेंगे. एक किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम दो हेक्टेयर तक योजना का लाभ ले सकता है.
गेंदा फूल की खेती के लिए 80 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर इकाई लागत निर्धारित की गई है, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इस तरह किसानों को अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिल सकेगी.

मालवाहक वाहन पर भी मिलेगा अनुदान
गेंदा फूल के परिवहन के लिए मालवाहक वाहन खरीदने पर भी सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. वाहन की अधिकतम लागत 3.25 लाख रुपये निर्धारित है. वास्तविक वाहन मूल्य या 3.25 लाख रुपये, जो भी कम होगा, उस पर अनुदान की गणना की जाएगी.
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खेती योग्य भूमि होना आवश्यक है अपनी जमीन नहीं होने वाले किसान निर्धारित एकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं.
RK
