क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण हुआ
तकनीकी क्षमता उन्नयन और डेटा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग का महत्वपूर्ण कदम
पटना : डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक निर्बाध, तेज एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 15 फरवरी, रविवार को बिहारभूमि पोर्टल पर निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चले इस आठ घंटे के तकनीकी उन्नयन अभियान के दौरान पोर्टल की सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहीं.

उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. बिहारभूमि पोर्टल पर किया गया निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को भूमि से संबंधित सभी सेवाएं तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित रूप में उपलब्ध हों. इसी उद्देश्य से पोर्टल की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने तथा डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन का कार्य किया गया.

इस दौरान क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण के साथ तकनीकी सत्यापन के उपरांत कुल रकबा निर्धारण एवं अभिलेख अद्यतन भी किया गया है.
उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाकर हम राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बना रहे हैं. भविष्य में भी तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि की जाएगी.

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मेंटेनेंस का मुख्य उद्देश्य पोर्टल की तकनीकी क्षमता को अपग्रेड करना, सर्वर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना तथा डेटा सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना था. इस अवधि में सर्वर अपग्रेडेशन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सुदृढ़ीकरण, सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन और बैकएंड संरचना में आवश्यक सुधार किए गए, ताकि भविष्य में उपयोगकर्ताओं को अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित सेवाएं मिल सकें. निर्धारित सर्वर डाउनटाइम के दौरान महत्वपूर्ण डेटाबेस उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. इस निर्धारित अवधि में तकनीकी टीम द्वारा डेटा शुद्धिकरण एवं मानकीकरण से संबंधित कई अहम कार्य भी पूरे किए गए.
राज्य में अभिलेखों की रिपोर्टिंग को एकरूप एवं मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से 43,430 जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज क्षेत्रफल को हेक्टेयर से परिवर्तित कर एकड़ एवं डिसमिल में अपडेट किया गया. इससे राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और उपयोगिता में वृद्धि होगी.
साथ ही समीक्षा के दौरान 10,81,815 ऐसे जमाबंदी अभिलेख चिन्हित किए गए, जिनमें व्यक्तिगत प्लॉट का क्षेत्रफल दर्ज था, किंतु कुल रकबा अंकित नहीं था. तकनीकी सत्यापन के उपरांत संबंधित सभी प्लॉटों के क्षेत्रफल का योग कर कुल रकबा निर्धारित किया गया और अभिलेखों में अद्यतन किया गया
मेंटेनेंस के दौरान जमीन से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं, दस्तावेज़ अवलोकन, आवेदन की स्थिति जांच तथा अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं. हालांकि, निर्धारित कार्य समय पर पूरा होने के बाद सभी सेवाएं पुनः सामान्य रूप से बहाल कर दी गईं.
विभाग ने कहा है कि डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की यह पहल राजस्व प्रशासन को आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. आम नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विभाग के अधिकारियों ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है.
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