धरती से प्रकट हुए भगवान और फिर…

जमीन से निकले भगवान, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

भोजपुर के तरारी थाना क्षेत्र के देव गाँव में पुरातन काल की मूर्ति को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ी. भगवान कृष्ण की मूर्ति खुदाई के दौरान मिली जिसकी खबर पाते ही भगवान के भक्तों तक खबर जंगल में आग की तरह फैल गयी. जो जहाँ था वहां से देव गांव भगवान के उस पुरातनकालीन मूर्ति को देखने के लिए दौड़ पड़ा.




 

कैसे मिली मूर्ति

दअरसल देव गांव में रोड बनानेे के लिए जेसीबी से मिट्टी खुदाई हो रही थी. खुदाई करते वक्त जमीन के नीचे से मिट्टी के साथ एक पत्थर की मूर्ति निकली. उस मूर्ति से जब कार्य कर रहे मजदूरों ने मिट्टी हटाया तो मुर्ति पुरातन काल के कृष्ण भगवान की निकली. फिर क्या था, मूर्ति को देखने के लिए इस पास के गांवों से हजारों के संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पडी. पीरो SDPO से मूर्ति के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि देखने से पुरातन तो प्रतीत जरूर हो रहा है पर मूर्ति का सही मूल्यांकन पुरातत्व विभाग ही कर सकता है. फिलहाल मूर्ति प्रशासन के कब्जे में है.

गौरवशाली रहा है अतीत

बताया जाता है जहां से ये पुरातन मूर्ति मिली है वहां एक पोखरा है जिसका निर्माण राजा वरुण देव ने कराया था.  देव वरुणार्क मंदिर से पोखरा तक आने के लिए भूमिगत रास्ता था जो अब बंद हो चुका है. देव गांव स्थित द्वापर पोखरा के तट पर देव वरुणार्क का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है. पुरातन मंदिर भग्नावशेष के रुप में विद्यमान है. मंदिर के बगल में ग्रामीणों ने एक नये मंदिर का भी निर्माण कराया है. गांव में आज भी खुदाई में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मिलती रहती हैं. इन प्रतिमाओं को मंदिर के प्रांगण में रखा जाता है.

छठ के लिए आते हैं लाखों लोग

मंदिर में काले संगमरमर से निर्मित सात घोड़े के रथ पर सवार भगवान भास्कर की प्रतिमा प्रतिष्ठापित है. कार्तिक व चैती छठ महापर्व के दिन भोजपुर समेत आसपास के जिलों से हजारों व्रती जुटकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं.

 

रिपोर्ट- बक्सर से ऋतुराज के साथ आरा से ओपी पांडे