प्रशासन की एक गलती पड़ी पशु मेले पर भारी!

जो कुछ भी हुआ वो नहीं हो सकता था अगर बारिश को देखते हुए बिजली से दूर इस मेले को लगाया जाता.इसे प्रशासनिक विफलता ही कह सकते है कि जिला प्रशासन ने बिना स्थल का मुआयना के मेला लगाने की इजाजत दे दी.किसी भी मेले में भारी संख्या में लोग जुटते है .इसको नजर अंदाज किया गया लिहाजा जिले में इतनी बड़ी घटना हो गई.आरा के गड़हनी में पशु मेले में हुए हादसे में 2 लोगों की मौत हुई है जबकि दर्जनों लोग घायल हैं.घटनास्थल पर पहुंचे सदर एसडीओ नवदीप शुक्ला ने कहा कि मृतकों को 4 लाख रूपये और घायलों तथा मृत पशुओं का मुआवजा भी आंकलन कर दिया जायेगा. इधर घायलों को आरा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
आपको बता दें कि पशु मेला लोगों की व्यक्तिगत ज़मीन पर चलता है जहाँ पशु खरीदने और बेचने वाले पशुओं को मेले में ले जाने के लिए ज़मीन मालिकों को पैसे देते हैं. पशु मेला का कुछ पैसा जमीन मालिक सरकार को भी देते हैं पर प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही का नतीजा सामने आया.ना तो जमीन मालिक ने किसी ठोस योजना के तहत मेले का आयोजन किया और न ही जिलाप्रशासन ने उनके द्वारा किए गए तैयारियों को जांचा परखा.बड़ी दुर्घटना हो गई तब पहुंचे जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी .और शुरू हुआ दोषारोपण.जनप्रतिनिधियों ने घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि ये सरासर बिजली विभाग की गलती है. लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग को आबादी वाले इलाके के लिए कुछ करना चाहिए जो अब तक नहीं किया गया. जनप्रतिनिधि हैं इस लिए उन्होंने इसके लिए ज़मीन मालिक और बिजली विभाग दोनों को दोषी ठहराया.

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गड़हनी भोजपुर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर एक गाँव का बाजार है जहाँ प्रत्येक हफ्ते मंगलवार को मेला लगता है जहाँ जिले के कोने-कोने से किसान आते हैं.मंगलवार को भी काफी संख्या में किसान मवेशियों की खरीद-बिक्री के लिए आये थे लेकिन गड़हनी पशु मेला में मवेशी खरीदने एवं बेचने आये लोगों के लिए आज का दिन आफत बरसा गया.बिजली के पोल पर लगा इंसुलेटर एवं डिश का तार टूटने से पोल और अर्थिंग में ग्यारह हजार वोल्ट का करंट दौड़ गया ,पानी और कीचड़ भरे इलाके में कुछ पल के लिए चीख पुकार मच गई और यह खौफनाक हादसा हुआ, जिसमें पशु सहित इंसानों की भी मौत हो गई. मेले के मैदान में बारिश का पानी जमा होने एवं कीचड़ के चलते पशुपालकों के नंगे पांव होने से ये मौतें हुई हैं. इस भयानक हादसे में दो घरों के लिए मंगलवार, अमंगल बनकर आया.दो दर्जन से अधिक लोग झुलसकर घायल हो गये, तो दो की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, पशु मेले में पशु खरीदने और बेचने गए लोगों के 16 मवेशी भी इस हादसे की भेंट चढ़ गए, मेला मैदान में हर तरह केवल मरे पशु ही नजर आ रहे थे,

ये गए थे मेला में

बड़हरा थाना के फूहां गांव निवासी सत्येन्द्र सिंह अपने पुत्रों प्रेम प्रकाश एवं पंकज को लेकर तीन मवेशियों को मेले में बेचने गये थे. कोईलवर थाना के राजपुर निवासी अमरेन्द्र कुमार एवं कोल्हरामपुर निवासी सत्येन्द्र राय दो मवेशियों को लेकर बेचने आये थे. जानकार सूत्रों के अनुसार उदवंतनगर थाना के मिल्की गांव निवासी हाकिम सिंह की दो, गजाधर सिंह की एक, अंगद सिंह की दो, मनोज सिंह की एक, बड़हरा थाना के फूहां गांव निवासी कामता राय की एक, जगदीशपुर के आयर निपावी मकसुधन यादव की एक ,पटना जिले के देवकुली गांव निवासी कमलेश राय की एक, उदवंतगनर थाना के एड़ौरा-दुलारपुर निवासी लल्लू यादव की एक, उदवंतगनर के तेतरियां निवासी राजदेव सिंह की एक धर्मदेव सिंह की एक, चौरासनी निवासी नंदजी सिंह एक, अगिआंव निवासी बिरजा सिंह की एक- एक मवेशी की मौत हुई है.

हादसे की खबर के बाद सदर अस्पताल दौड़े लोग

हादसे के खबर के बाद सदर अस्पताल में पूर्व जदयू सांसद मीना सिंह, विधायकों में सुदामा प्रसाद, प्रभूनाथ राम, अनवर आलम, पूर्व जिप अध्यक्ष हाकिम प्रसाद, भाई बरमेश्वर, अंमित बंटी समेत कई वहां पहुंचे। डीएम डा वीरेन्द्र प्रसाद यादव एवं एसपी क्षत्रनील सिंह भी पहुंचे. डीएम ने सीएस एवं डीएस को भी आवश्यक निर्देश दिये।

जिंदगी बचाने के लिए स्वास्थ विभाग ने भी दिखायी तत्परता
सदर अस्पताल में इलाज के लिए आये करंट से झुलसे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टरों ने भी तत्परता दिखायी. सीएस डॉ रासबिहारी सिंह, डीएस डॉ सतीश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में डॉ अरूण कुमार, डॉ विकास सिंह व डॉ के एन सिन्हा आदि डॉक्टर इमरजेंसी में डटे रहे। इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने घायलों के इलाज में काफी सराहनीय भूमिका निभायी.

पति की राह देख रही पत्नी को मिली उसके सुहाग उजड़ने की खबर

उदवंतनगर थाना के बकरी-मिल्की गांव निवासी रीना देवी अपने पति के घर आने का इंतजार कर रही थी लेकिन उसे क्या पता था कि अब उसका सुहाग अब इस दुनिया में नहीं है. जैसे ही उसे इस बात की खबर मिली तो वह अपने आप को रोक नहीं पायी और रोते-बिलखते सदर अस्पताल पहुंची. बहू के साथ-साथ सास मुनी देवी भी बेटे के वियोग में रोते-तड़पते अस्पताल पहुंची. मिल्की गांव निवासी सुरेन्द्र सिंह को कुल तीन पुत्र थे। मृतक हरेकृष्ण सिंह बड़ा बेटा था. इस घटना के बाद उसके दो पुत्रों एवं तीन बेटियों के सर से पिता का साया हमेशा के लिए छिन गया है. हरेकृष्ण सिंह भी मंगलवार को पशु खरीदने के लिए गड़हनी पशु मेला गया हुआ था साथ में उसके गांव के लोग भी थे. इसके अतिरिक्त बड़हरा थाना के फूहां निवासी कामता राय अपने बेटे गुड्‌डू राय के साथ मेला गये थे. हादसे में कामता राय की मौत हो गयी और पुत्र गुड्‌डू राय गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसे डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया है.

मुआवजे के लिए सड़क जाम

हादसे के बाद मुआवजा के लिए गुस्साए लोगों ने आरा-सासाराम स्टेट हाइवे को जाम कर दो घंटे तक प्रदर्शन किया. सड़क जाम के कारण स्टेट हाइवे पर सड़क के दोनों तरफ महाजाम लग गया. सदर अनुमंडलाधिकारी नवदीप शुक्ला के आश्वासन पर सड़क जाम हटा. जाम का नेतृत्व पूर्व विधायक भाई दिनेश,पूर्व जिला पार्षद शैलेन्द्र कुमार, मुकेश यादव, राजद प्रखंड अध्यक्ष देवेन्द्र यादव, जदयू प्रखंड अध्यक्ष अवधेश पांडेय व कांग्रेस अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह ने किया.

करंट से झुलसे लोगों की सूची

मुफस्सिल थाना के बारा-बसंतपुर गांव निवासी स्व.रामनेह राय के पुत्र यमुना राय (60 वर्ष ) सिगासन राय के पुत्र रामसुरत राय (45 वर्ष ), अजय राय (40 वर्ष), उदवंतनगर थाना के मिल्की गांव निवासी ब्रदी सिंह के पुत्र राम बाबू सिंह (35 वर्ष ), दहाड़ी सिंह के पुत्र सत्येन्द्र सिंह (32 वर्ष ), संदेश थाना के बचरी गांव निवासी निवास यादव (50 वर्ष ), पुत्र संतोष यादव (35 वर्ष ), बड़हरा थाना के फूहां गांव निवासी सत्येन्द्र सिंह (55 वर्ष ) पुत्र प्रेम प्रकाश सिंह (30 वर्ष ), पंकज सिंह (28 वर्ष ), गुड्‌डू राय (18 वर्ष ) गड़हनी थाना के धमनियां निवासी ललन सिंह (45 वर्ष ), उदवंतनगर थाना के चौरसनी गांव निवासी रामा सिंह (35 वर्ष ), पुत्र मुन्ना सिंह (20 वर्ष ), चरपोखरी थाना के बड़हरा निवासी तिलकधारी महतो (35 वर्ष ), गड़हनी थाना के धमनियां शांतिनगर निवासी मो जाकिर हुसैन (25 वर्ष ), कोईलवर थाना के राजापुर निवासी अमरेन्द्र कुमार (35 वर्ष ),बड़हरा थाना के कोल्हरामपुर गांव निवासी सत्येन्द्र राय ( 30वर्ष ), कोईलवर थाना के पचरूखिया गांव निवासी करिया सिंह (35 वर्ष ), गड़हनी थाना के सहंगी गांव निवासी विक्रमा राय (40 वर्ष ) तथा सारण जिले के राजपुर-बिन्दगांवा गांव निवासी संजय राय (40 वर्ष ) घायलों में शामिल है.

रिपोर्ट- आरा से ओमप्रकाश पांडेय