115 याचिकाकर्ताओं से ग्रेड पे का लाभ दिलाने के बदले 2-2 हजार रुपये मांगने का आरोप
भ्रष्ट आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : शिक्षा मंत्री
पटना। शिक्षा विभाग ने रिश्वत मांगने के आरोप में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सख्त निर्देश के बाद सोमवार को विभाग ने यह कार्रवाई की. तिवारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि विभाग में भ्रष्ट आचरण और रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विभाग में कामकाज पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ होना चाहिए .

सेक्शन 7 के पदाधिकारी आशीष पर 115 याचिकाकर्ताओं से ग्रेड पे का लाभ दिलाने के बदले प्रति व्यक्ति 2000 रुपए मांगने का आरोप है. कुल 2 लाख रुपए की मांग किए जाने की शिकायत सामने आई है.

मामला बेगूसराय जिले के नवीन प्राथमिक विद्यालय, लखनपुर के विशिष्ट शिक्षक राजू कुमार की ओर से दर्ज कराए गए परिवाद से जुड़ा है. इस मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार विरमन तिथि से ग्रेड पे का लाभ देने से संबंधित काम होना था. आशीष पर आरोप है कि इस काम को पूरा करने के बदले याचिकाकर्ताओं से पैसे मांगे गए.

मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने आशीष को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत निलंबित किया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय निदेशक, जन शिक्षा कोषांग तय किया गया है.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा आम लोगों से पैसे मांगने की शिकायत सामने आती है और जांच में मामला सही पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी भी काम के लिए पैसे मांगना गंभीर मामला है. ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी.
RK
