सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित, 90 दिन में देगी रिपोर्ट
पटना, अगस्त 2026 – 24 अगस्त 2026 को ‘ऑल पीएच.डी. होल्डर्स एण्ड रिसर्च एसोसिएशन’ के बैनर तले 21 दिनों से अनशन कर रहे छात्रों और माननीय राज्यपाल के बीच बनी सहमति के बाद बिहार लोक भवन ने बड़ा कदम उठाया है.

बता दें कि पिछले दिनों राज्यपाल और गर्दनीबाग में अनशन कर रहे पीएचडी होल्डर्स के संघ के बीच वार्ता में इस बात की सहमति बनी थी.

राज्यपाल सचिवालय ने राज्य विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया की मौजूदा व्यवस्था की जांच और व्यापक सुधार के सुझाव के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन कर दिया है.
कमेटी में ये होंगे सदस्य:
- अमरजीत सिन्हा, IAS (सेवानिवृत्त)
- संजय कुमार, IAS (सेवानिवृत्त)
- पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा (सेवानिवृत्त)
- डॉ. पी.के. रॉय (सेवानिवृत्त)
कमेटी के सदस्य सचिव राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव (विश्वविद्यालय) संजय कुमार, IAS होंगे.
कमेटी किन बिंदुओं पर करेगी विचार:
कमेटी सहायक प्राध्यापक भर्ती से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करेगी, जिसमें शामिल हैं:
- उम्र सीमा और पात्रता मानदंड
- परीक्षा और साक्षात्कार की प्रकृति – छात्रों की मांग के अनुसार वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा और टीचिंग डेमो
- विभिन्न मापदंडों का वेटेज – API में मैट्रिक/इंटर के अंक न जोड़ना, NET/JRF को अधिकतम 11 अंक और PhD को 30 से कम नहीं रखना, शोध प्रकाशन और अनुभव की स्पष्ट परिभाषा
- अतिथि प्राध्यापकों से जुड़े मुद्दे
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस कमेटी को अधिसूचना जारी होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और ठोस सिफारिशें बिहार लोक भवन को सौंपनी होगी.
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