‘मेड इन बिहार’ ब्रांड और स्टार्ट अप्स को लेकर चर्चा में रहा उद्योग विभाग का पवेलियन

बिहार दिवस के अवसर पर उद्योग विभाग पवेलियन का समापन

पटना।। बिहार दिवस के अवसर पर उद्योग विभाग, बिहार द्वारा आयोजित भव्य पवेलियन का आज समापन हुआ. अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में आगंतुकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति दर्ज की गई. तीन दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से राज्य की समृद्ध पारंपरिक कला, शिल्प, नवाचार एवं औद्योगिक प्रगति को एक ही मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया.




उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने पवेलियन का विस्तृत भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने खादी एवं हैंडलूम उत्पादों, “मेड इन बिहार” ब्रांड के बैग, स्टार्टअप्स के नवाचार उत्पादों के साथ-साथ अप्लिक, कशीदा, मधुबनी पेंटिंग, सेरामिक कला, गुड़िया कला, जूट क्राफ्ट एवं सिक्की कला जैसी पारंपरिक शिल्पकृतियों की सराहना की. इस दौरान उन्होंने कारीगरों, उद्यमियों एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके अनुभव एवं सुझाव भी प्राप्त किए.

पवेलियन के दौरे के दौरान सचिव ने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास हेतु नीतिगत सुधार, निवेश प्रोत्साहन एवं बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है. BIADA के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है, वहीं Invest Bihar के जरिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है.

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार द्वारा सूओक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरणा मिल रही है. स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है और नए उद्यमों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है.

पवेलियन में उद्योग विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी, निवेश की संभावनाएं तथा उद्यम स्थापना की प्रक्रियाओं को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे आमजन एवं निवेशकों में विशेष रुचि देखने को मिली. आगंतुकों ने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता एवं विविधता की सराहना करते हुए “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सुदृढ़ बनाने में अपनी सहभागिता दिखाई.

यह आयोजन न केवल बिहार की सांस्कृतिक धरोहर और शिल्प परंपरा को उजागर करता है, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश संभावनाओं एवं आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है.

pncb

Related Post