बिहार में अब बिना दफ्तर के चक्कर के घर का नक्शा पास होगा, 30 दिन में फैसला नहीं तो ऑटो मंजूरी

घर के नक्शे के लिए अब नहीं लगाना होगा निगम का चक्कर

ईज ऑफ डुइंग बिजनेस और बिल्डिंग बायलॉज पर बैठक




PATNA NOW NEWS – पटना, 9 सितंबर।। अब बिहार में अपना घर बनाना, नक्शा पास कराना और नया कारोबार शुरू करना पहले से बहुत आसान होने जा रहा है. सरकार ने इसके लिए दो बड़े सुधारों का ड्राफ्ट तैयार किया है.

बड़ी बातें एक नजर में

1. नक्शा पास में बड़ा बदलाव – बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026
सरकार ने नए बिल्डिंग बायलॉज का ड्राफ्ट जारी किया है. ये लागू हुआ तो 2014 वाला पुराना नियम खत्म हो जाएगा.

  • Low Risk भवन (24 मीटर तक ऊंचे घर): अब नगर निगम के चक्कर नहीं. अधिकृत इंजीनियर से प्रमाणित नक्शा ऑनलाइन जमा करो और स्व-प्रमाणन (Self-Certification) से काम शुरू.
  • Moderate Risk (24-50 मीटर): थर्ड पार्टी जांच होगी
  • High Risk (50 मीटर से ज्यादा): पूरी कड़ी जांच – फायर NOC, स्ट्रक्चर सेफ्टी, एयरपोर्ट NOC सब जरूरी.

सबसे बड़ा धमाका – Deemed Approval: अगर आपने नक्शा दिया और 30 दिन के अंदर नगर निकाय ने हां या ना का फैसला नहीं किया, तो नक्शा अपने आप पास माना जाएगा. फाइल लटकाने का खेल खत्म.

2. कारोबार के लिए सिंगल विंडो – बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026
ये विधेयक विधानसभा से पास हो चुका है.

  • किसी भी उद्योग/कारोबार के आवेदन पर 30 दिन में फैसला देना होगा.
  • बार-बार अलग-अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं, Single Window System से सब क्लियर.
  • MSME को तो और बड़ी राहत – स्व-घोषणा से काम शुरू, दोहरे लाइसेंस खत्म, बेवजह के इंस्पेक्शन पर रोक.

3. और क्या आसान हुआ?

  • CLU खत्म: जमीन के इस्तेमाल (Land Use Change) के लिए अब लंबी प्रक्रिया नहीं.
  • बिजली कनेक्शन तेज होगा.
  • निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम जमीन की बाध्यता खत्म करने का प्रस्ताव.
  • सरकारी नियमों का एक ही पोर्टल: 19 जून 2026 से लाइव है, 2000+ सरकारी आदेश, नियम एक जगह मिलेंगे.
  • RTPS में Auto-Appeal: 23 जून 2026 से अगर समय पर सेवा नहीं मिली तो मामला खुद ही अपील में चला जाएगा.
  • स्वास्थ्य और पर्यटन: एकीकृत हेल्थ लाइसेंसिंग पोर्टल और होमस्टे नीति 2026 को आसान किया गया.

बैठक किसने की?
बुधवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की. इसमें उद्योग, नगर विकास, राजस्व, गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे.

आम आदमी को क्या फायदा?

  • नक्शे के लिए इंतजार और घूसखोरी घटेगी.
  • दफ्तरों के चक्कर कम, सारा काम ऑनलाइन.
  • प्रोजेक्ट जल्दी शुरू होगा तो लागत कम लगेगी.
  • छोटे व्यापारियों (MSME) को सबसे ज्यादा फायदा.

लेकिन एक सवाल भी है –
नियम आसान होने का मतलब लापरवाही नहीं. सरकार कह रही है – स्व-प्रमाणन के बाद भी अगर गड़बड़ी मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी. खासकर आग और बिल्डिंग की मजबूती से कोई समझौता नहीं होगा.

ये अभी ड्राफ्ट है. पटना महानगर क्षेत्र प्राधिकार की वेबसाइट पर आपत्ति/सुझाव मांगे गए हैं. अंतिम नोटिफिकेशन के बाद ही लागू होगा.लेकिन सरकार का नारा साफ है – कम कागज, कम इंतजार, कम दफ्तर और ज्यादा जवाबदेही.

pncb

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