अब मिलेगी निःशुल्क क़ानूनी सहायता, जानिये कहाँ और कैसे

जिला प्रशासन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त तत्वावधान में कृषि भवन सभागार में विधिक सेवा केंद्र कॉमन सर्विस सेंटर पैनल अधिवक्ता की भूमिका एवं कार्य तथा जन जागरूकता संबंधी विषयों पर एक बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री नरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि  प्रखंड स्तर पर विधिक सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां पर पैनल अधिवक्ता लोगों को न्यायिक कार्यों में एवं प्रशासनिक कार्यों में निशुल्क कानूनी एवं अन्य सहायता प्रदान करेंगे. पैनल अधिवक्ता के कार्य को रेखांकित करते हुए सचिव ने बतलाया कि सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों एवं अशिक्षित लोगों को न्यायिक कार्यों में निशुल्क कानूनी परामर्श एवं सहायता प्रदान करेंगे. जरूरत पड़ने पर मामले को लोक अदालत में भी रेफर कर सकते हैं कथा बाहरी विधि विशेषज्ञों से सुझाव एवं परामर्श दिला सकते हैं. जानकारी देते हुए आगे उन्होंने कहा की जनहित में सरकार द्वारा कई प्रकार के जनकल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है.

अगर कोई अशिक्षित लाभुक द्वारा इनसे परामर्श एवं सहायता की अपेक्षा की जाएगी तो उन्हें पैनल अधिवक्ता निशुल्क सहयोग प्रदान करेंगे अर्थात लाभुक को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने में सहयोग प्रदान करेंगे. इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी. दूसरे दृष्टिकोण से अधिकारी एवं लाभुक के बीच एक पुल का काम करेगा.




अशिक्षित लोगों को आवेदन तैयार करने में नोटिस तैयार करने में अधिकारियों से मिलने में मदद करेगा. पैनल एडवोकेट सप्ताह में 3 दिन प्रखंड मैं स्थापित विधिक सेवा केंद्र में कार्य करेंगे.  इस केंद्र द्वारा वरिष्ठ नागरिक ,महिला, बच्चे ,लाचार एवं कमजोर व्यक्ति, औद्योगिक श्रमिक अनुसूचित जाति जनजाति सदस्य आदि को निशुल्क विधिक सेवा प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी भी पैनल एडवोकेट को शुल्क नहीं लेना है अन्यथा उन्हें पैनल से हटाया जा सकता है. उन्हें जाति धर्म लिंग क्षेत्र आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करना है बल्कि सहानुभूति एवं समझदारी से कार्य करना है तथा लाभुक से सामान्य संबंध बनाकर उनके कार्यों में सहयोग प्रदान करना है, साथ ही उन्होंने कहा कि शिकायत आने पर पैनल एडवोकेट को हटाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि  जनहित के लिए अत्यंत उपयोगी कार्य का ग्रामीणों के बीच जागरूकता आवश्यक है जिससे लोग पैनल एडवोकेट से संपर्क बना सके तथा विधिक सेवा केंद्र के बारे में आधिकारिक लोगों को जानकारी हो सके. सचिव ने कहा कि भोजपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल 11 कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं जिसमें चौराही जंगलमहल ,खुटहा, खनगांव, बहरौली, नारायणपुर, बबूरा ,मखदुमपुर डुमरा, चितौरा अश्वनी, हरिगांव ,मसाढ़ स्थापित किया जा चुका है. टेली ला सर्विस बहुत ही अच्छी सेवा है. इसके माध्यम से समय एवं स्थान दोनों की बचत होती है. ग्रामवासी इस योजना के प्रति जागरूक होकर इसका लाभ उठा सकते है. टेली ला सर्विस गांव स्तर पर गरीबों को सस्ता एवं सुलभ न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है. बैठक में जिलाधिकारी श्री संजीव कुमार, अपर समाहर्ता श्री सुरेंद्र प्रसाद, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री राजेश कुमार,  एसडीओ ,एसडीपीओ ,सभी थानाध्यक्ष ,सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी ,सभी अंचलाधिकारी, सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे.

पटना नाउ ब्यूरो