टीबी के लक्षणों को न छुपाए, नि:शुल्क कराएं बलगम की जांच

जिले में उपलब्ध है ट्रू नेट और सीबी नॉट मशीन, 90 मिनट में मिल जाती है रिपोर्ट
• राजपुर, डुमरांव, सिमरी और ब्रह्मपुर पीएचसी में स्थापित है ट्रू नेट मशीन

बक्सर, 03 जून. केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए न केवल मरीजों को निःशुल्क दवाएं उपलब्ध की जा रही है। बल्कि, अब मरीजों की जांच हाईटेक मशीनों के माध्यम से की जाती है। इसके लिए जिले में ट्रू नेट (ट्रू न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) और सीबी नॉट (कार्टिरिज बेस्ड न्यूक्लिक ऐसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट) के लिए मशीनों को स्थापित किया गया है। जहां पर मरीजों को 90 मिनट के भीतर जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों को नियमित रूप से टीबी मरीजों की जांच और उनका नोटिफिकेशन करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। इस काम के लिए निजी स्वास्थ्य संस्थानों को भी जिम्मेदारी दी गई है। जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जांच हो सके।
मुख्यालय के अलावा 4 प्रखंडों में ट्रू नेट मशीन स्थापित :
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह सीडीओ डॉ. अनिल भट्ट ने बताया, राज्य सरकार के द्वारा जिले को चार ट्रू नेट मशीन उपलब्ध कराया गया है। जिनको राजपुर, डुमरांव, सिमरी और ब्रह्मपुर पीएचसी में स्थापित किया गया है। इसके अलावा जिला मुख्यालय में सीबी नॉट मशीन भी लगाया जा चुका है। जिसके माध्यम से एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस) के मरीजों की पहचान आसानी से हो जाती है। जिसका लाभ कोई भी संदिग्ध मरीज या व्यक्ति उठा सकता है। यदि किसी को लगता है कि उसमे टीबी के लक्षण हैं, तो वे बीमारी को छुपाने की जगह इन स्थानों में जाकर आसानी से जांच करा सकते हैं।
मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध :
सीनियर लेबोरेटरी सुपरवाइजर कुमार गौरव ने बताया, ट्रू नेट और सीबी नॉट मशीन के साथ साथ जिले के सभी प्रखंडों में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। जहां पर वह अपना इलाज करा सकते हैं। इसके साथ उनको नि:शुल्क दवा भी दी जाती है। जो नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। इससे टीबी के मरीजों को काफी सहूलियत होती है। टीबी रोगी सघन खोज अभियान में टीबी के लक्षण मिलने पर उसके बलगम की जांच की जाती है। टीबी रोग पर नियंत्रण करने के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास भी किया गया है।


पोषण के लिए हर माह मिलते हैं 500 रुपये :
कुमार गौरव में बताया, टीबी एक खतरनाक बीमारी है। टीबी होने पर दवाइयों के साथ ही मरीज को पौष्टिक भोजन की भी बहुत जरूरत होती है। इन जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने निक्षय पोषण योजना शुरू किया है। जिसका लाभ मरीज को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत होने के बाद ही दिया जाता है। उन्होंने बताया, इस योजना के तहत टीबी के मरीजों को केंद्र सरकार द्वारा प्रतिमाह 500 रुपये की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। यह अनुदान मरीज के ठीक होने तक दिया जाता है। जो सरकार द्वारा सीधे उनके खाते में भेजी जाती है।




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