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	<title>Vinamrata Foundation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Vinamrata Foundation &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>दर्द की दवा बनती विनम्रता फाउंडेशन की महिलाएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-medicine-of-women-pain/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Jun 2023 05:15:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[माहवारी समस्या पर ग्रामीण महिलाओं से खुलकर कर रही हैं आरा,6 जून. माहवारी एक ऐसी समस्या है जो प्राकृतिक रूप से सभी महिलाओं के लिए समान रूप से लागू है. या यूँ कहें कि इससे कोई महिलाएं अछुती नही है फिर भी माहवारी के दिनों में होने वाली पीड़ा, दर्द, मानसिक परेशानी और शारीरिक परेशानियों पर कोई बातचीत खुल कर नही करता है. इस बात पर बाहरी तो दूर घर के सदस्य भी खुल कर बात करने से, अपनी समस्या बताने में हिचकिचाते हैं. ऐसे संवेदनशील और महिला शरीर की पीड़ा को आगे बढ़कर कुछ सालों से उनका हमदर्द बन मिल रही है शहर की एक स्वयंसेवी संस्था विनम्रता फाउंडेशन. समय-समय पर महिलाओं, बच्चों, गरीबों और कला के विभिन्न आयामों के संरक्षण से लेकर वर्त्तमान मुद्दों व समस्याओं पर खुल कर सामने से बात करने को तैयार रहती है यह संस्था. माहवारी न होना या देर से आरंभ होना, कुछ लड़कियों को सोलह वर्ष की उम्र तक मासिक धर्म नहीं होना, कम आयु में ही कुछ लड़कियों में माहवारी का जल्दी आना, कभी-कभी तो केवल 9-10 साल की उम्र में ही आना जैसी कई समस्याएं होती हैं. ऐसी समस्याओं पर खुलकर बात करने और उसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से पिछले कुछ दिनों से विनम्रता फाउंडेशन की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित एक कैंपेन चलाया जा रहा है. यह कैंपेन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के बीच तो चल ही रह है, सोशल मीडिया पर भी #BFF यानि #bleedfreefriend जैसे हैशटैग से चलाया जा रहा है, जिसमें उनको स्वास्थ्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>माहवारी समस्या पर ग्रामीण महिलाओं से खुलकर कर रही हैं</strong></p>



<p>आरा,6 जून. माहवारी एक ऐसी समस्या है जो प्राकृतिक रूप से सभी महिलाओं के लिए समान रूप से लागू है. या यूँ कहें कि इससे कोई महिलाएं अछुती नही है फिर भी माहवारी के दिनों में होने वाली पीड़ा, दर्द, मानसिक परेशानी और शारीरिक परेशानियों पर कोई बातचीत खुल कर नही करता है. इस बात पर बाहरी तो दूर घर के सदस्य भी खुल कर बात करने से, अपनी समस्या बताने में हिचकिचाते हैं. ऐसे संवेदनशील और महिला शरीर की पीड़ा को आगे बढ़कर कुछ सालों से उनका हमदर्द बन मिल रही है शहर की एक स्वयंसेवी संस्था विनम्रता फाउंडेशन. समय-समय पर महिलाओं, बच्चों, गरीबों और कला के विभिन्न आयामों के संरक्षण से लेकर वर्त्तमान मुद्दों व समस्याओं पर खुल कर सामने से बात करने को तैयार रहती है यह संस्था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-3.jpg" alt="" class="wp-image-75041" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-3-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>माहवारी न होना या देर से आरंभ होना, कुछ लड़कियों को सोलह वर्ष की उम्र तक मासिक धर्म नहीं होना, कम आयु में ही कुछ लड़कियों में माहवारी का जल्दी आना, कभी-कभी तो केवल 9-10 साल की उम्र में ही आना जैसी कई समस्याएं होती हैं. ऐसी समस्याओं पर खुलकर बात करने और उसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से पिछले कुछ दिनों से विनम्रता फाउंडेशन की ओर से महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित एक कैंपेन चलाया जा रहा है. यह कैंपेन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के बीच तो चल ही रह है, सोशल मीडिया पर भी #BFF यानि #bleedfreefriend जैसे हैशटैग से चलाया जा रहा है, जिसमें उनको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने से लेकर महावारी की स्वच्छता तक के लिए फाउंडेशन से जुड़ी सदस्य जागरूक कर रही हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary.jpg" alt="" class="wp-image-75043" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-2.jpg" alt="" class="wp-image-75042" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-2-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जागरूकता अभियान के अंतर्गत पिछले दिनों संस्था ने संदेश प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बारा गांव में कक्षा से 6 से 8 की लड़कियों के बीच महावारी का परिचय, उसकी जटिल समस्याएं एवं निदान ऊपर जमकर बातचीत की. बच्चों के साथ उनकी माताओं ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने अनुभव को संस्था की महिलाओं के साथ साझा किया. जागरूकता अभियान में माहवारी से संबंधित स्वच्छता, व्यायाम के तरीके खानपान पर विशेष देखरेख एवं किस प्रकार के पैड का इस्तेमाल इन सब चीजों पर जानकारी दी गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-1.jpg" alt="" class="wp-image-75044" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-1-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संस्था की वरिष्ठ सदस्य सदस्य ममता सिन्हा ने बच्चियों को माहवारी के समय अधिक से अधिक साफ-सफाई रखने, उचित खानपान पर जोर देते हुए उन्हें निडर और बेबाक रहने की सलाह दी. सदस्या मृदुला सिन्हा ने लड़कियों को स्कूल में छुट्टी ना मारने, अधिक से अधिक व्यायाम करने और अपनी समस्याओं को अपने घर की महिलाओं से साझा करने की बात पर जोर दिया. उन्होंने यह कहा कि कि यह एक नियमित प्रक्रिया है जिससे संसार की हर एक युवती गुजरती है इससे डरने की अथवा इसमें संकोच करने की कोई आवश्यकता नहीं है. किसी तरीके की परेशानी के लिए अपनी माताओं से या अपनी बड़ी बहनों से सुझाव लेना अत्यंत आवश्यक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-05.jpg" alt="" class="wp-image-75045" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-05.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-05-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>साक्षी मोनी ने माहवारी के समय होने वाले अनियमितताओं पर विशेष बल देते हुए बच्चियों को यह सूचित किया और उन्हें इस बात के लिए जागरूक किया कि कभी-कभी अनियमितताएं भी आती हैं जिन्हें नजरअंदाज करना परेशानी का सबब बन सकता है. अतः अगर माहवारी में अनियमितताएं होती हैं तो उस पर ध्यान देकर अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना है. दाल,हरी सब्जियां, साग, केला, दूध आदि का सेवन कर वे अपनी माहवारी की अनियमितताओं को ठीक कर सकते है. यदि अगर फिर भी इसमें परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक हो जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="338" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-04.jpg" alt="" class="wp-image-75046" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-04.jpg 338w, https://www.patnanow.com/assets/2023/06/PNC_Vinamrata-foundation-senetary-04-197x350.jpg 197w" sizes="(max-width: 338px) 100vw, 338px" /></figure>



<p>फाउंडेशन की सबसे एक्टिव सदस्या व जागरूक नागरिक का दायित्व निभाने वाली खुशबू स्पृहा ने बच्चियों को व्यायाम व योगासन के अलग-अलग आसन दिखाएं जिनसे बच्चियां अपने दर्द को या एंठन को कम कर सकती हैं. साथ ही यह भी बताया की दर्द में मीठा खाने, चॉकलेट आदि खाकर भी अपने मूड को अच्छा किया जा सकता है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस समय में आराम करना अत्यंत आवश्यक है और यदि आपका मन चिड़चिड़ा तो अपनी बातों को अपने साथ के लोगों के साथ साझा करना अत्यंत आवश्यक होता है.</p>



<p>इस अभियान में लगभग 40 बच्चियां एवं उनकी माताओं ने भाग लिया और वह इस बातचीत से बेहद खुश और ऊर्जावान दिखाई दी. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि हमें इस तरीके से जानकारी अभी तक नहीं मिली थी और यह बहुत ही लाभप्रद है जिसे हम अपने दोस्तों और अपने बहनों के बीच में में भी बाटेंगी. संस्था ने बच्चियों को एक सेनेटरी पैड, एक रबर बैंड और एक चॉकलेट देकर उनको प्रोत्साहित किया. कार्यक्रम में शकुंतला देवी, सुधीर कुमार, वेद प्रकाश सामवेदी, उत्कर्ष सिन्हा संस्कार कृष्ण, निर्लिप्त गौड़ माधुरी देवी, रचना, कुसुम, आशा,रीता आदि लोग वहां उपस्थित रहे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>क्या ऐसी देखी है आपने मासिक धर्म के लिए जागरूकता !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kya-dekhi-hai-masik-dharm-ke-liye-aisi-jagrulta/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Aug 2022 02:55:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संकेतित जागरूकता संदेश का व्यापक असर, हम मौन ही अपनी बात कह गए, जिसे कुछ पूछना था वे खुद ही आ गये ! आरा, 30 अगस्त. &#8220;हम आधुनिक भारत में रहते हैं,लेकिन विडंबना है कि मासिक धर्म आज भी एक चुप्पी सी है. सही जानकारी एवं स्वच्छता का ख्याल नही रखने के कारण कई लड़कियों को शुरुआती दौर में ही भयानक रोग घेर लेते हैं.&#8221; ये कहना है युवा और ऊर्जावान भोजपुर की बेटी सुश्री खुश्बू स्पृहा का जिसने पिछले दिनों स्टेशन परिसर में मासिक धर्म के लिए जागरूकता अभियान चलाया. खुश्बू एक संस्था चलाती हैं जिसका नाम है विनम्रता फाउंडेशन जिसकी वे सचिव हैं. महिलाओं, बच्चों और शिक्षा के लिए तो कभी कला के संवर्धन के लिए हर मोड़ पर किसी वटवृक्ष की तरह डटे रहती हैं. इतना इंट्रोडक्शन देना थोड़ा जरूरी इसलिए कि आमतौर पर युवा जहाँ जिंदगी में पैसे के पीछे भागने में व्यस्त हैं वैसे में खुश्बू ऐसे मुद्दे के लिए अकेले निकल पड़ी सड़को पर जिसपर बात करने के लिए झिझक ऐसी है कि न सिर्फ आप बल्कि सामने वाला भी सुनने के लिए तैयार नही है. जी हाँ महिलाओं की आम समस्या से जुड़ी बात यानि मासिक धर्म के प्रति जागरूकता. खुश्बू ने सोचा क्यों न ऐसा जागरूकता किया जाय कि बात भी न हो और बात कह भी दिया जाय. इसलिए उसने चुना संकेतिक भाषा और इसके लिए उसने तैयार किया स्टेशन परिसर में विशाल रंगोली. इस रंगोली पर मासिक धर्म से सम्बंधित संकेत और शब्दों के देखने के बाद वहाँ कई लोग [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संकेतित जागरूकता संदेश का व्यापक असर,</strong> </p>



<p><strong>हम मौन ही अपनी बात कह गए, जिसे कुछ पूछना था वे खुद ही आ गये </strong>!</p>



<p>आरा, 30 अगस्त. &#8220;हम आधुनिक भारत में रहते हैं,लेकिन विडंबना है कि मासिक धर्म आज भी एक चुप्पी सी है. सही जानकारी एवं स्वच्छता का ख्याल नही रखने के कारण कई लड़कियों को शुरुआती दौर में ही भयानक रोग घेर लेते हैं.&#8221; ये कहना है युवा और ऊर्जावान भोजपुर की बेटी सुश्री खुश्बू स्पृहा का जिसने पिछले दिनों स्टेशन परिसर में मासिक धर्म के लिए जागरूकता अभियान चलाया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara.jpg" alt="" class="wp-image-65881" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>खुश्बू एक संस्था चलाती हैं जिसका नाम है विनम्रता फाउंडेशन जिसकी वे सचिव हैं. महिलाओं, बच्चों और शिक्षा के लिए तो कभी कला के संवर्धन के लिए हर मोड़ पर किसी वटवृक्ष की तरह डटे रहती हैं. इतना इंट्रोडक्शन देना थोड़ा जरूरी इसलिए कि आमतौर पर युवा जहाँ जिंदगी में पैसे के पीछे भागने में व्यस्त हैं वैसे में खुश्बू ऐसे मुद्दे के लिए अकेले निकल पड़ी सड़को पर जिसपर बात करने के लिए झिझक ऐसी है कि न सिर्फ आप बल्कि सामने वाला भी सुनने के लिए तैयार नही है. जी हाँ महिलाओं की आम समस्या से जुड़ी बात यानि मासिक धर्म के प्रति जागरूकता. खुश्बू ने सोचा क्यों न ऐसा जागरूकता किया जाय कि बात भी न हो और बात कह भी दिया जाय. इसलिए उसने चुना संकेतिक भाषा और इसके लिए उसने तैयार किया स्टेशन परिसर में विशाल रंगोली.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-1.jpg" alt="" class="wp-image-65882" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-1-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस रंगोली पर मासिक धर्म से सम्बंधित संकेत और शब्दों के देखने के बाद वहाँ कई लोग खुद आकर बातें करने लगे. चाहे स्त्री हो या पुरुष कैसे मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और शरीर को आराम देने के लिए क्या करें इसपर बाते करने लगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="271" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-4.jpg" alt="" class="wp-image-65883" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-4.jpg 271w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-4-158x350.jpg 158w" sizes="(max-width: 271px) 100vw, 271px" /></figure>



<p>आरा की संस्था विनम्रता फाउंडेशन ने भी इस बदलाव में अपनी भूमिका समझी और अपने प्रयासों से यह बेहतर मुकाम हासिल करने हेतु आगे बढ़ रही है. मासिक धर्म पर स्वच्छता एवं इसकी जानकारी हेतु एक जागरूकता रंगोली आरा रेलवे स्टेशन पर बनाई गई जो कि 10 फीट बड़ी है, आकर्षक तरीके से बनाई गई इस रंगोली का मकसद आम जनमानस को मासिक धर्म के लिए जो लज्जा एवं घृणा का भाव उभरता है उसे उसके असली मतलब से अवगत कराना है</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-3.jpg" alt="" class="wp-image-65885" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awareness-Ara-3-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मासिक धर्म या महावारी एक महिला के अस्तित्व, साहस और सहनशीलता का प्रतीक है. महावारी एक सामान्य सी प्रक्रिया है जो प्रत्येक महिला के लिए आवश्यक है, क्योंकि वह उसके गर्भधारण से सीधा जुड़ा हुआ है और यह बात शाश्वत है कि सृजन समाज के लिए कितना आवश्यक है. मासिक धर्म इतना आवश्यक होते हुए भी समाज में अभद्र, अल्पभाषी और लज्जापूर्ण माना जाता है. सभ्य समाज में लोग इस पर बात करने से कतराते हैं. एक महिला मासिक धर्म के समय असहनीय शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ मानसिक कई बदलावों से जूझ रही होती है इस समय उसे विशेष आराम और देखभाल की जरुरत होती है,लेकिन इन सब के अलावा उसे लोगों के बीच सामान्य दिखने की एक मजबूरी होती है ताकि कोई यह ना समझ सके कि उसका मासिक चक्र चल रहा है. यह सभ्य समाज में उसके लिए एक लज्जा की बात हो जाती है. बदलाव के इस समय में कई महिलाएं समाज के बंधनों को तोड़कर इन विषयों पर बोलना शुरू कर चुकी हैं, अपने शरीर को आराम देना, मानसिक बदलाव से लोगों को अवगत कराना, अपने कार्य क्षेत्र में इन मुश्किल दिनों के लिए अवकाश को बाध्य कराना यह सब महत्वपूर्ण पहल है. बेहतर बदलाव के लिए आरा शहर भी हमेशा अग्रसर खड़ा रहा है.</p>



<p><strong>जागरूकता अभियान के दौरान क्या कहा आगन्तुकों ने</strong></p>



<p>इस जागरूकता अभियान में शामिल होने आई डॉक्टर स्वेता सिंह ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं सबसे पहले अपने स्वास्थ्य के बारे में सोचें,पोष्टिक भोजन, आराम और साफ सफाई ये बहुत महत्वपूर्ण है. मुझे खुशी है शहर में ऐसी संस्था है जो इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम कर रही है और बदलाव की कोशिश कर रही है. चंचला जी ने कहा कि हम अपने समय में झिझक कर इन दिनों में गुजारा करते थे लेकिन आज लड़कियां अपनी बात खुलकर कहती हैं अगर अवसर मिलता रहे तो इस तरह के मुद्दों पर बात करके स्थिति को और ठीक किया जा सकता है. तनूजा ने भी कहा है इसपर बात करना बहुत जरूरी है, अपने घर की लड़कियों को सही समय पर उनके शारीरिक बदलावों के बारे में जानकारी देना हमारा फर्ज है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="546" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awarenesses-01.jpg" alt="" class="wp-image-65922" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awarenesses-01.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_MC-awarenesses-01-350x294.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>कस्तूरबा गांधी स्कूल की छात्राएं रंगोली के साथ</figcaption></figure>



<p>करुणा कुमारी ने कहा कि उन्हें अपने समय में जो आभाव दिखा, उससे सीख लेकर अपनी दोनों बेटियों को इस मासिक चक्र के बारे में अवगत पहले ही कराया था जिसका परिणाम यह रहा उन्होंने इसे सकारात्मकता के साथ अपनाया और इन दिनों अपना खास ख्याल भी रखती है. परिवार को भी इस समय में अपनी लड़कियों और महिलाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए.</p>



<p>जागरूकता अभियान से सैकड़ों लोग जुड़े एवं संस्था को साधुवाद किया कई महिलाओं ने अपने अनुभव को भी साझा किया. कार्यक्रम की रंगोली में कलाकार अमन राज और रूपा कुमारी मुख्य रूप शामिल थे साथ ही साथ लोकेश कुमार दिवाकर, अशीष, संस्कार कृष्ण, राहुल कुमार, मुकेश कुमार, रोहित कुमार, आशीष गुप्ता, दीपक, आकाश आदि उपस्थित थे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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