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	<title>VIJAY SINHA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>VIJAY SINHA &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8217;24 घंटे में काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:46:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व विभाग ने हड़ताली अधिकारियों को दिया मौका मार्च में राजस्व महा अभियान के आवेदनों का निपटारा और ई-मापी अभियान है महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को देखते हुए किया गया है फैसला पटना, 15 मार्च।। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी. जो इस निर्धारित समय सीमा में काम पर लौट आयेंगे उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और कई जनहितकारी अभियान इस समय चल रहे हैं. इस अवधि में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों का निष्पादन तथा मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है. उपरोक्त दोनों कार्य सीधे जनता से जुड़े हैं और 31 मार्च तक पूरा करना लक्ष्य है. ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए साल के आखिरी मार्च माह में इन सेवाओं पर आंशिक प्रभाव भी उचित नहीं है.उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन किया जाएगा. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़ा मुद्दा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा मुद्दा है. अगर काम पर लौटेंगे तो उसपर उदारता पूर्वक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजस्व विभाग ने हड़ताली अधिकारियों को दिया मौका</strong></p>



<p><strong>मार्च में राजस्व महा अभियान के आवेदनों का निपटारा और ई-मापी अभियान है महत्वपूर्ण</strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को देखते हुए किया गया है  फैसला </strong></p>



<p><strong>पटना, 15 मार्च।। </strong>उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी. जो इस निर्धारित समय सीमा में काम पर लौट आयेंगे उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और कई जनहितकारी अभियान इस समय चल रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91815" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-bihar-rajasv-maha-abhiyan-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवधि में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महा अभियान के तहत प्राप्त लगभग 46 लाख आवेदनों का निष्पादन तथा मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है. उपरोक्त दोनों कार्य सीधे जनता से जुड़े हैं और 31 मार्च तक पूरा करना लक्ष्य है. ऐसे में प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="520" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-95587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha-650x440.jpg 650w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों की जमीन, प्रमाण-पत्र और राजस्व सेवाओं से जुड़े होते हैं। इसलिए साल के आखिरी मार्च माह में इन सेवाओं पर आंशिक प्रभाव भी उचित नहीं है.<br>उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन किया जाएगा. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से जुड़ा मुद्दा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा मुद्दा है. अगर काम पर लौटेंगे तो उसपर उदारता पूर्वक विचार किया जाएगा. दबाव की राजनीति करने से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है. जनता का काम करके परिणाम देकर हक का कोई भी काम कराया जा सकता है.<br>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य हमेशा जनहित और सुशासन रहा है। सरकार जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>&#8216;CO-RO की हड़ताल के बीच भी नहीं रुकेगा जनता का काम&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/strike-me-bhi-hoga-kaam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 09:13:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी जिलों को दिया गया विशेष मॉड्यूल अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी पटना।। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है. उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें. उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें.उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसी सेवाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, पंचायत सचिव और बीडीओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, सभी जिलों को दिया गया विशेष मॉड्यूल</strong></p>



<p><strong>अपर समाहर्ता (राजस्व) एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता भी रखेंगे निगरानी</strong></p>



<p>पटना।। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है. उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="768" height="520" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-95587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-revenue-minister-vijay-sinha-650x440.jpg 650w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं. इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को तथा अंचलाधिकारियों के कार्य जहां के राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सौंपे गए हैं, ताकि आम नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलती रहें.<br>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च माह में भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं और बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं. इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो <br>उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है. इन मॉड्यूल में कार्य करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मी बिना किसी भ्रम के कार्य कर सकें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="888" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1.jpg" alt="" class="wp-image-95589" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1.jpg 900w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-1-650x641.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /></figure>



<p>विजय सिन्हा ने कहा कि यह मॉड्यूल दो रूपों में उपलब्ध कराया गया है, एक वीडियो फॉर्मेट में, जिसमें चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है, और दूसरा विस्तृत लिखित निर्देशों के रूप में, जिससे अधिकारी–कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर उसे देखकर कार्य कर सकें. इससे नए दायित्व निभा रहे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कार्य निष्पादन में आसानी होगी. इस दौरान किसी भी समस्या के समाधान के लिए सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी समेत कार्य में मदद करने का निर्देश दिया गया है.<br>उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की पूरी निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें. यदि कहीं कोई समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.<br>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है. हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार राजस्व सेवा के पाँच अधिकारियों का त्यागपत्र  स्वीकार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/five-bps-officers-resignation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 16:20:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[जिलाधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर लिया गया निर्णय, तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में प्रशासनिक निर्णय के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने बिहार राजस्व सेवा के पाँच अधिकारियों के त्यागपत्र को स्वीकार कर लिया है. संबंधित जिलाधिकारियों से प्राप्त अनुशंसा पत्रों के आलोक में उपमुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों के त्यागपत्र को उनके द्वारा दिए गए आवेदन की तिथि से प्रभावी मानते हुए स्वीकृति प्रदान की है. जिन अधिकारियों के त्यागपत्र स्वीकार किए गए हैं, उनमें वैशाली जिले के गोरौल अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी अंशु कुमार का त्यागपत्र 19 दिसंबर 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है. वहीं रोहतास जिले के बिक्रमगंज के राजस्व अधिकारी रहे राजन कुमार का त्यागपत्र 26 जून 2025 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया है. इसी प्रकार सारण जिले के परसा की राजस्व अधिकारी रहीं शिवांगी पांडेय का त्यागपत्र 7 मई 2025 से प्रभावी माना गया है. रोहतास जिले के राजपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी अंकिता वर्मा का त्यागपत्र 27 अगस्त 2024 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है. इसके अतिरिक्त हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी रहीं स्मृति कुमारी का त्यागपत्र 20 अगस्त 2025 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया है. यह निर्णय जिलाधिकारियों द्वारा भेजी गई अनुशंसाओं और संबंधित प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद लिया गया है. इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जिलाधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर लिया गया निर्णय, तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल</strong></p>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में प्रशासनिक निर्णय के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने बिहार राजस्व सेवा के पाँच अधिकारियों के त्यागपत्र को स्वीकार कर लिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="860" height="672" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister.jpg" alt="" class="wp-image-94050" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister.jpg 860w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-650x508.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 860px) 100vw, 860px" /></figure>



<p>संबंधित जिलाधिकारियों से प्राप्त अनुशंसा पत्रों के आलोक में उपमुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों के त्यागपत्र को उनके द्वारा दिए गए आवेदन की तिथि से प्रभावी मानते हुए स्वीकृति प्रदान की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>जिन अधिकारियों के त्यागपत्र स्वीकार किए गए हैं, उनमें वैशाली जिले के गोरौल अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी अंशु कुमार का त्यागपत्र 19 दिसंबर 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है. वहीं रोहतास जिले के बिक्रमगंज के राजस्व अधिकारी रहे राजन कुमार का त्यागपत्र 26 जून 2025 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया है. इसी प्रकार सारण जिले के परसा की राजस्व अधिकारी रहीं शिवांगी पांडेय का त्यागपत्र 7 मई 2025 से प्रभावी माना गया है. रोहतास जिले के राजपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी अंकिता वर्मा का त्यागपत्र 27 अगस्त 2024 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है. इसके अतिरिक्त हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी रहीं स्मृति कुमारी का त्यागपत्र 20 अगस्त 2025 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया है.</p>



<p>यह निर्णय जिलाधिकारियों द्वारा भेजी गई अनुशंसाओं और संबंधित प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद लिया गया है. इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सख्ती: अंचल कार्यालयों में हाईटेक CCTV सिस्टम, 2MP कलर-ऑडियो कैमरा, 16 चैनल NVR और 30 दिन की रिकॉर्डिंग होगी अनिवार्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cctv-must-in-circle-offices/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 00:39:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी किए सख्त तकनीकी दिशा-निर्देश, रिमोट मॉनिटरिंग और दो वर्ष की वारंटी अनिवार्य पटना।। राज्य के अंचल कार्यालयों में CCTV लगाने को लेकर उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. सभी अंचल कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले 2MP कलर एवं ऑडियो सपोर्टेड कैमरे, 16 चैनल NVR तथा 30 दिनों की अनिवार्य रिकॉर्डिंग की व्यवस्था हर हाल में लागू होनी चाहिए. ये दिशा निर्देश CCTV कैमरों की गुणवत्ता और कार्यालय की सुरक्षा बनाये रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है. इसका सभी स्तर पर सख्ती से पालन कराया जाएगा. उन्होंने फिर से दुहराया कि कार्यालय आने वाले आम लोगों के लिए बैठने, पीने के लिए पानी और शौचालय की व्यवस्था जरूर की जाय. इसमें कोताही स्वीकार्य नहीं किया जाएगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कैमरों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) अथवा हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़कर रिमोट मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मुख्यालय स्तर से भी निगरानी संभव हो. अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा उपमुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों के लिए हाईटेक CCTV सिस्टम की अनिवार्यता तय कर दी है. विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कैमरों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी किए सख्त तकनीकी दिशा-निर्देश, रिमोट मॉनिटरिंग और दो वर्ष की वारंटी अनिवार्य</strong></p>



<p>पटना।। राज्य के अंचल कार्यालयों में CCTV लगाने को लेकर उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="628" height="596" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-on-cctv.jpg" alt="" class="wp-image-95158"/></figure>



<p>उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. सभी अंचल कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले 2MP कलर एवं ऑडियो सपोर्टेड कैमरे, 16 चैनल NVR तथा 30 दिनों की अनिवार्य रिकॉर्डिंग की व्यवस्था हर हाल में लागू होनी चाहिए. ये दिशा निर्देश CCTV कैमरों की गुणवत्ता और कार्यालय की सुरक्षा बनाये रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है. इसका सभी स्तर पर सख्ती से पालन कराया जाएगा. उन्होंने फिर से दुहराया कि कार्यालय आने वाले आम लोगों के लिए बैठने, पीने के लिए पानी और शौचालय की व्यवस्था जरूर की जाय. इसमें कोताही स्वीकार्य नहीं किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="480" height="270" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/02/PNC-CCTV-AT-STATION.jpg" alt="" class="wp-image-13925" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/02/PNC-CCTV-AT-STATION.jpg 480w, https://www.patnanow.com/assets/2017/02/PNC-CCTV-AT-STATION-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 480px) 100vw, 480px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कैमरों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) अथवा हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़कर रिमोट मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मुख्यालय स्तर से भी निगरानी संभव हो.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, <a href="https://twitter.com/BiharRevenue?ref_src=twsrc%5Etfw">@BiharRevenue</a>  श्री <a href="https://twitter.com/VijayKrSinhaBih?ref_src=twsrc%5Etfw">@VijayKrSinhaBih</a>  ने कहा कि सभी 537 अंचल कार्यालय सीसीटीवी कैमरा से लैस होंगे। इस कार्य के लिए प्रति अंचल कार्यालय एक लाख 25 हजार रुपये आवंटित कर दिये गए हैं। इसी वर्ष इस कार्य को पूरा किया जाएगा।<a href="https://twitter.com/IPRDBihar?ref_src=twsrc%5Etfw">@IPRDBihar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/CCTV?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CCTV</a> <a href="https://t.co/uhCbeir7Xl">pic.twitter.com/uhCbeir7Xl</a></p>&mdash; Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) <a href="https://twitter.com/BiharRevenue/status/2024129275495063636?ref_src=twsrc%5Etfw">February 18, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
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<p><strong>अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा</strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों के लिए हाईटेक CCTV सिस्टम की अनिवार्यता तय कर दी है. विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कैमरों की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता और मॉनिटरिंग व्यवस्था को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है.</p>



<p><strong>2MP कलर और ऑडियो सपोर्ट वाले कैमरे अनिवार्य</strong></p>



<p>निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अंचल कार्यालय में 2 मेगापिक्सल IP गार्ड कैमरे (बुलेट और डोम) लगाए जाएंगे, जिनमें कलर विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होगी। इससे न केवल गतिविधियों की स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग होगी, बल्कि ध्वनि भी सुरक्षित रहेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।</p>



<p><strong>16 चैनल NVR और 144 Mbps बैंडविड्थ</strong></p>



<p>प्रत्येक कार्यालय में 16 चैनल NVR (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) स्थापित किया जाएगा, जिसकी बैंडविड्थ क्षमता 144 Mbps होगी। इससे एक साथ कई कैमरों की हाई-क्वालिटी रिकॉर्डिंग संभव होगी. इसके साथ 6TB सर्विलांस हार्ड डिस्क अनिवार्य की गई है, जिससे कम से कम 30 दिनों का फुटेज सुरक्षित रखा जा सके.</p>



<p><strong>हाई-स्पीड नेटवर्क और रिमोट एक्सेस</strong></p>



<p>CCTV सिस्टम को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) या उपलब्ध हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा. इसके माध्यम से पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से सभी अंचल कार्यालयों की निगरानी की जा सकेगी. सभी जिलाधिकारी (DM), अपर समाहर्ता (ADM) एवं एसडीओ/डीसीएलआर मोबाइल ऐप के जरिए किसी भी समय लाइव फीड देख सकेंगे. अंचल अधिकारी को भी अपने मोबाइल पर सभी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी.</p>



<p><strong>आधुनिक उपकरणों की पूरी सूची</strong></p>



<p>निर्देशों में 16 पोर्ट POE स्विच (100/1000 Mbps), CAT 6A SFTP फुल कॉपर वायर, 32 इंच LED स्क्रीन, 4K HDMI केबल, 4U रैक, जंक्शन बॉक्स सहित सभी आवश्यक तकनीकी उपकरणों का उल्लेख किया गया है. सभी उपकरणों पर न्यूनतम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस लेना अनिवार्य किया गया है.</p>



<p><strong>मुख्य कवरेज क्षेत्र तय</strong></p>



<p>अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा, ताकि कार्यालय में आने-जाने वाले व्यक्तियों और राजस्व कार्यों की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहे.<br>विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का उपयोग केवल CCTV क्रय एवं अधिष्ठापन के लिए ही होगा और इसी वित्तीय वर्ष में व्यय सुनिश्चित करना अनिवार्य है.</p>



<p>बताते चलें कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विभाग का कार्यभार संभालते ही प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने की घोषणा की थी. इस घोषणा को प्रधान सचिव सीके अनिल ने अमली जामा पहनाते हुए सभी 537 अंचलों के लिए सभी जिलों को 6.71 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए थे। निर्देश के अनुसार प्रति अंचल सीसीटीवी अधिष्ठापन पर 1.25 लाख रुपये खर्च करना है. अब कैमरों की क़्वालिटी को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी होने से इसमें होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>सक्षम न्यायालय और “लंबित” की स्पष्ट परिभाषा से दाखिल-खारिज मामलों में नहीं होगा अनावश्यक विलंब</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijay-sinha-clarifies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Feb 2026 16:39:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi vivad]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा 6(12) को लेकर विभाग ने जारी किया है स्पष्ट दिशा निर्देश, वास्तविक खरीदारों को मिलेगी राहत, सभी अंचल अधिकारियों को त्वरित निष्पादन का निर्देश पटना। बिहार विधानसभा में मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि दाखिल-खारिज वादों एवं अन्य राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब की समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने “सक्षम न्यायालय” एवं “लंबित” शब्द की स्पष्ट व्याख्या कर दी है. उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-6 (12) में प्रयुक्त शब्द “सक्षम न्यायालय में लंबित” की विभिन्न अंचलों में अलग-अलग व्याख्या किये जाने के कारण दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन में विलंब हो रहा था. इस स्थिति को देखते हुए विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा की गई. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि “सक्षम न्यायालय” से अभिप्रेत दिवानी/व्यवहार न्यायालय (Civil Court), पटना उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय हैं. साथ ही, राजस्व न्यायालय जैसे डीसीएलआर, एडीएम, डीएम, कमिशनर कोर्ट, विधि विभाग द्वारा अधिकृत न्यायालय एवं बिहार भूमि न्यायाधिकरण (BLT) भी सक्षम न्यायालय की श्रेणी में आयेंगे. “लंबित” का अभिप्राय केवल विधिवत दायर एवं प्रक्रियाधीन वाद से होगा, जिसमें न्यायालय द्वारा संज्ञान (Admission), नोटिस निर्गत, या स्थगन/अंतरिम आदेश (Stay Order, Temporary/Permanent Injunction, Status Quo) प्रभावी हो.उन्होंने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा 6(12) को लेकर विभाग ने जारी किया है स्पष्ट दिशा निर्देश, वास्तविक खरीदारों को मिलेगी राहत, सभी अंचल अधिकारियों को त्वरित निष्पादन का निर्देश</strong></p>



<p>पटना। बिहार विधानसभा में मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि दाखिल-खारिज वादों एवं अन्य राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब की समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने “सक्षम न्यायालय” एवं “लंबित” शब्द की स्पष्ट व्याख्या कर दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="721" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94959" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-650x458.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने सदन को अवगत कराया कि बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-6 (12) में प्रयुक्त शब्द “सक्षम न्यायालय में लंबित” की विभिन्न अंचलों में अलग-अलग व्याख्या किये जाने के कारण दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन में विलंब हो रहा था. इस स्थिति को देखते हुए विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="792" height="523" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg" alt="" class="wp-image-94957" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly-650x429.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल द्वारा सभी स्तर के राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि “सक्षम न्यायालय” से अभिप्रेत दिवानी/व्यवहार न्यायालय (Civil Court), पटना उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय हैं. साथ ही, राजस्व न्यायालय जैसे डीसीएलआर, एडीएम, डीएम, कमिशनर कोर्ट, विधि विभाग द्वारा अधिकृत न्यायालय एवं बिहार भूमि न्यायाधिकरण (BLT) भी सक्षम न्यायालय की श्रेणी में आयेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>“लंबित” का अभिप्राय केवल विधिवत दायर एवं प्रक्रियाधीन वाद से होगा, जिसमें न्यायालय द्वारा संज्ञान (Admission), नोटिस निर्गत, या स्थगन/अंतरिम आदेश (Stay Order, Temporary/Permanent Injunction, Status Quo) प्रभावी हो.<br>उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आवेदन, आपत्ति या अभ्यावेदन का किसी न्यायालय में दायर होना “सक्षम न्यायालय में लंबित” नहीं माना जाएगा। यदि किसी सक्षम न्यायालय द्वारा स्पष्ट स्थगनादेश या अंतरिम आदेश प्रभावी नहीं है, तो राजस्व अधिकारी नियमानुसार अपनी कार्यवाही जारी रखेंगे.<br>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी निर्देशित किया गया है कि सक्षम न्यायालय में दायर वाद की अभिप्रमाणित प्रति में यदि स्पष्ट रूप से स्वीकारण (Admission) अंकित नहीं है, तो उसे “लंबित” नहीं माना जाएगा.<br>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि वास्तविक क्रेताओं (Bonafide Purchasers) को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाए तथा दाखिल-खारिज वादों और भूमि विवादों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सभी अंचल अधिकारी इन स्पष्ट दिशा-निर्देशों के आलोक में कार्य करेंगे और किसी भी वाद को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा.<br>उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित सेवा सुनिश्चित करना डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.</p>



<p>pncb</p>
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			</item>
		<item>
		<title>निर्बाध, तेज और सुरक्षित सेवाओं के लिए 8 घंटे चला बिहारभूमि पोर्टल का मेंटेनेंस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhumi-portal-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:57:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi portal]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण हुआ तकनीकी क्षमता उन्नयन और डेटा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग का महत्वपूर्ण कदम पटना : डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक निर्बाध, तेज एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 15 फरवरी, रविवार को बिहारभूमि पोर्टल पर निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चले इस आठ घंटे के तकनीकी उन्नयन अभियान के दौरान पोर्टल की सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहीं. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. बिहारभूमि पोर्टल पर किया गया निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को भूमि से संबंधित सभी सेवाएं तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित रूप में उपलब्ध हों. इसी उद्देश्य से पोर्टल की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने तथा डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन का कार्य किया गया. इस दौरान क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण के साथ तकनीकी सत्यापन के उपरांत कुल रकबा निर्धारण एवं अभिलेख अद्यतन भी किया गया है.उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाकर हम राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बना रहे हैं. भविष्य में भी तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण हुआ</strong></p>



<p><strong>तकनीकी क्षमता उन्नयन और डेटा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग का महत्वपूर्ण कदम</strong></p>



<p>पटना : डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक निर्बाध, तेज एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 15 फरवरी, रविवार को बिहारभूमि पोर्टल पर निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. प्रातः 10:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक चले इस आठ घंटे के तकनीकी उन्नयन अभियान के दौरान पोर्टल की सभी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहीं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="704" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95042" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-scaled.jpg 704w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-447x650.jpg 447w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000740093-1056x1536.jpg 1056w" sizes="auto, (max-width: 704px) 100vw, 704px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. बिहारभूमि पोर्टल पर किया गया निर्धारित सर्वर मेंटेनेंस डिजिटल भूमि सेवाओं को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को भूमि से संबंधित सभी सेवाएं तेज, त्रुटिरहित और सुरक्षित रूप में उपलब्ध हों. इसी उद्देश्य से पोर्टल की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने तथा डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन का कार्य किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस दौरान क्षेत्रफल का मानकीकरण, हेक्टेयर से एकड़ एवं डिसमिल में रूपांतरण के साथ तकनीकी सत्यापन के उपरांत कुल रकबा निर्धारण एवं अभिलेख अद्यतन भी किया गया है.<br>उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अवसंरचना को मजबूत बनाकर हम राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बना रहे हैं. भविष्य में भी तकनीकी सुधारों के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मेंटेनेंस का मुख्य उद्देश्य पोर्टल की तकनीकी क्षमता को अपग्रेड करना, सर्वर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना तथा डेटा सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना था. इस अवधि में सर्वर अपग्रेडेशन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सुदृढ़ीकरण, सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन और बैकएंड संरचना में आवश्यक सुधार किए गए, ताकि भविष्य में उपयोगकर्ताओं को अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित सेवाएं मिल सकें. निर्धारित सर्वर डाउनटाइम के दौरान महत्वपूर्ण डेटाबेस उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. इस निर्धारित अवधि में तकनीकी टीम द्वारा डेटा शुद्धिकरण एवं मानकीकरण से संबंधित कई अहम कार्य भी पूरे किए गए.</p>



<p>राज्य में अभिलेखों की रिपोर्टिंग को एकरूप एवं मानकीकृत बनाने के उद्देश्य से 43,430 जमाबंदी अभिलेखों में दर्ज क्षेत्रफल को हेक्टेयर से परिवर्तित कर एकड़ एवं डिसमिल में अपडेट किया गया. इससे राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता और उपयोगिता में वृद्धि होगी.<br>साथ ही समीक्षा के दौरान 10,81,815 ऐसे जमाबंदी अभिलेख चिन्हित किए गए, जिनमें व्यक्तिगत प्लॉट का क्षेत्रफल दर्ज था, किंतु कुल रकबा अंकित नहीं था. तकनीकी सत्यापन के उपरांत संबंधित सभी प्लॉटों के क्षेत्रफल का योग कर कुल रकबा निर्धारित किया गया और अभिलेखों में अद्यतन किया गया <br>मेंटेनेंस के दौरान जमीन से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं, दस्तावेज़ अवलोकन, आवेदन की स्थिति जांच तथा अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं. हालांकि, निर्धारित कार्य समय पर पूरा होने के बाद सभी सेवाएं पुनः सामान्य रूप से बहाल कर दी गईं.<br>विभाग ने कहा है कि डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने की यह पहल राजस्व प्रशासन को आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. आम नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विभाग के अधिकारियों ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>समयबद्ध सेवा और पारदर्शिता भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/vijay-sinha-on-revenue/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 14:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhumi vivad]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar bhumi sudhar]]></category>
		<category><![CDATA[Jan samvad]]></category>
		<category><![CDATA[Land reforms]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue department]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=94960</guid>

					<description><![CDATA[राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता का नया अध्याय: बिहार ने तय किया ‘पत्थर पर लकीर’ का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन समृद्धि से शांति सर्वदा राजस्व-भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लंबित से लक्षित कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर है राजस्व-भूमिसुधार विभाग : विजय कुमार सिन्हा जनसंवाद, डिजिटल व्यवस्था और सख्ती से घटे लंबित मामले, बढ़ी सेवा की रफ्तार पटना : “मक्खन पर लकीर तो सब खींचते हैं, खींचनी है तो पत्थर पर लकीर खींचो” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी सूत्र को ध्येय बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 24 नवंबर से दायित्व संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आमजन से जुड़े प्रशासन को सरल, सुलभ, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. बिहार विधानसभा में 2026-2027 के बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़ी प्रक्रियाएँ कानून की जटिलता, प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं और समाज के भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित होती हैं. इसलिए वरीय पदाधिकारियों के साथ शुरुआती बैठकों में ही स्पष्ट कर दिया गया कि राजस्व प्रशासन को जनकेंद्रित और विश्वसनीय बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. बिचौलियों और भूमाफियाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है. साथ ही डिजिटल और फिजिकल तकनीक से व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है. ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ से जमीनी समाधान 12 दिसंबर से प्रमंडलवार शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ जिलावार भी आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता का नया अध्याय: बिहार ने तय किया ‘पत्थर पर लकीर’ का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा</p>



<p>स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन समृद्धि से शांति सर्वदा राजस्व-भूमिसुधार विभाग की प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा</p>



<p>लंबित से लक्षित कार्यसंस्कृति की ओर अग्रसर है राजस्व-भूमिसुधार विभाग : विजय कुमार सिन्हा</p>



<p>जनसंवाद, डिजिटल व्यवस्था और सख्ती से घटे लंबित मामले, बढ़ी सेवा की रफ्तार</p>



<p>पटना : “मक्खन पर लकीर तो सब खींचते हैं, खींचनी है तो पत्थर पर लकीर खींचो” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी सूत्र को ध्येय बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 24 नवंबर से दायित्व संभालने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आमजन से जुड़े प्रशासन को सरल, सुलभ, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं. बिहार विधानसभा में 2026-2027 के बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="792" height="523" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg" alt="" class="wp-image-94957" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly.jpg 792w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-in-assembly-650x429.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़ी प्रक्रियाएँ कानून की जटिलता, प्रक्रियात्मक अपेक्षाओं और समाज के भावनात्मक जुड़ाव से प्रभावित होती हैं. इसलिए वरीय पदाधिकारियों के साथ शुरुआती बैठकों में ही स्पष्ट कर दिया गया कि राजस्व प्रशासन को जनकेंद्रित और विश्वसनीय बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. बिचौलियों और भूमाफियाओं के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की गई है. साथ ही डिजिटल और फिजिकल तकनीक से व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है.</p>



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<p>‘<strong>भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ से जमीनी समाधान</strong></p>



<p>12 दिसंबर से प्रमंडलवार शुरू हुआ ‘भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ जिलावार भी आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर लाइव कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है. इसमें तीन मूल समस्याओं दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन मापी को लक्षित कर मौके पर समाधान कराया जा रहा है और समान प्रकृति की समस्याओं के लिए गाइडलाइन तय की जा रही है.</p>



<p>इस पहल का असर आँकड़ों में दिखा:</p>



<p>ऑनलाइन दाखिल-खारिज निष्पादन 75% से बढ़कर 84% हो गया है. लंबित मामलों का अनुपात 25% से घटकर 16% पर आ गया है.<br>‘परिमार्जन प्लस’ निष्पादन 10% से बढ़कर 75% पर पहुंच गया है.<br>विवाद-रहित दाखिल-खारिज के लिए 14 दिन की समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाई जा रही है.</p>



<p><strong>ई-मापी और समयबद्ध सेवा</strong></p>



<p>भूमि मापी के लिए ई मापी व्यवस्था लागू की गई है। निर्विवाद मापी 7 दिन में, विवादित मापी 11 दिन में और रिपोर्ट अपलोड करने की सीमा 14 दिन तय की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री को गति</strong></p>



<p>इन सुधारों से राज्य में चल रहे एग्रीस्टैक महाभियान को भी गति मिली. मात्र 35 दिनों में 40 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री संभव हुई. दिसंबर से जनवरी अंत तक दाखिल-खारिज और परिमार्जन के 40 लाख लंबित आवेदनों में से 11.50 लाख का निष्पादन किया गया.</p>



<p><strong>जाली दस्तावेजों पर सख्ती, शहरी वंशावली की नई व्यवस्था</strong></p>



<p>भूमि विवाद का बड़ा कारण जाली दस्तावेजों पर अब अनिवार्य प्राथमिकी का निर्देश दिया गया है. शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को सौंपी गई है.</p>



<p><strong>पुराने अभिलेखों से आधुनिक सर्वे की ओर</strong></p>



<p>अधिकांश भूमि अभिलेख 1890–1920 के कैडेस्ट्रल सर्वे काल के हैं। 1958 में शुरू रीविजनल सर्वे 1975 में रुक गया था. अब सटीक, सहज और समयबद्ध भूमि सर्वे की दिशा में राजस्व महाभियान को गति दी गई है. 31 मार्च 2026 तक 46 लाख लंबित आवेदनों के निष्पादन का लक्ष्य है। अब तक 34 लाख से अधिक दस्तावेज स्कैन किए जा चुके हैं. </p>



<p><strong>डिजिटल, पेपरलेस और AI-सक्षम राजस्व न्याय</strong></p>



<p>आवेदन से आदेश तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है, जिसमें AI तकनीक का उपयोग भी शामिल है. इससे न्याय देने की गति बढ़ी है. नियमित सुनवाई, समय पर अपील और आधुनिक प्रणाली से राजस्व न्याय व्यवस्था में सुधार हुआ है. DCLR/ADM स्तर पर निष्पादन दर 51.7% से बढ़कर 55.9% हुई है। इसको लगातार बढ़ाना उद्देश्य है.</p>



<p><strong>मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण : नए पद, नई नियमावली</strong></p>



<p>राज्य में राजस्व कर्मचारी के 3303 नए पद सृजित किए गए हैं। पहले स्वीकृत 8472 पदों की तुलना में अब कुल पदों की संख्या बढ़कर 11,775 हो गई है. वर्तमान में लगभग 3767 कर्मी कार्यरत हैं. रिक्तियों को भरने के लिए वर्ष 2023 में 3559 पदों पर बहाली हेतु अधियाचना बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गई.<br>शेष रिक्त पदों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद वर्ष 2025 में 4492 पदों के लिए प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित की गई है.<br>इससे अंचल स्तर पर लंबित मामलों के निष्पादन, अभिलेख संधारण और जनसेवा की गति में प्रत्यक्ष सुधार की अपेक्षा है.</p>



<p><strong>अमीन संवर्ग: नई नियमावली, तीन-स्तरीय पद सोपान</strong></p>



<p>भूमि मापी व्यवस्था को समयबद्ध और तकनीक-संपुष्ट बनाने के लिए अमीन संवर्ग को भी राज्य स्तरीय दर्जा दिया गया है. इसके तहत बिहार अमीन संवर्ग नियमावली, 2025 लागू की गई है. अब अमीन संवर्ग में तीन-स्तरीय पद सोपान निर्धारित है, अमीन, अमीन ग्रेड-1 और प्रधान अमीन.<br>राज्य में अमीन के कुल 2502 स्वीकृत पद हैं, जिनमें लगभग 1199 कार्यरत हैं। शेष रिक्तियों के रोस्टर क्लियरेंस के बाद 765 पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया है.<br>आगे उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व अभिलेखों को अब ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है. एक जनवरी से चिरकुट से दस्तावेज निकालने की व्यवस्था बंद कर दी गई है. लोगों को इसमें परेशानी न हो इसके लिए प्रत्येक अंचल में अंचल अभिलेखागार भवन स्थापित किये गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="721" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94959" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-assembly-vijay-sinha-650x458.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग “लंबित” से “लक्षित” कार्यसंस्कृति की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, जहाँ जनविश्वास, पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा ही राजस्व प्रशासन की पहचान बनेगी. इसलिए विभाग ने अपना ध्येय वाक्य स्पष्ट भू-सम्पदा, सुशासन, समृद्धि से शांति सर्वदा को बनाया है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>शहीद सैनिकों के आश्रित को राज्य में मिलेगी सरकारी जमीन, नई बंदोबस्ती प्रक्रिया लागू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-minister-order-on-land/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:23:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[गृह जिला के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि हेतु 1 एकड़ या आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि देने का निर्णय, पूर्व के आदेश निरस्त, समाहर्ता को ही रहेगा बंदोबस्ती का अधिकार पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के साथ सरकारी जमीन की बंदोबस्ती को लेकर नई और स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित कर दी है. विभाग स्तर पर गठित समिति के विचार-विमर्श के बाद जारी निर्देशों के अनुसार, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवासीय उपयोग के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है. नई बंदोबस्ती प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के आश्रितों को उनके गृह जिले में सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए भूमि उपलब्ध हो. हमने स्पष्ट, पारदर्शी और व्यवहारिक मानक तय किए हैं, ताकि पात्र परिवारों को बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल लाभ मिल सके. यह निर्णय हमारे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है. सचिव जय सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो. ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, लेकिन पाँच वर्षों तक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गृह जिला के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि हेतु 1 एकड़ या आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि देने का निर्णय, पूर्व के आदेश निरस्त, समाहर्ता को ही रहेगा बंदोबस्ती का अधिकार</strong></p>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शहीद सैनिकों के आश्रितों के साथ सरकारी जमीन की बंदोबस्ती को लेकर नई और स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित कर दी है. विभाग स्तर पर गठित समिति के विचार-विमर्श के बाद जारी निर्देशों के अनुसार, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों को गृह जिला के गृह प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए 1 एकड़ या आवासीय उपयोग के लिए 5 डिसमिल सरकारी जमीन बंदोबस्त की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="862" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000714206-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000714206-scaled.jpg 862w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000714206-547x650.jpg 547w" sizes="auto, (max-width: 862px) 100vw, 862px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है. नई बंदोबस्ती प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले जवानों के आश्रितों को उनके गृह जिले में सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए भूमि उपलब्ध हो. हमने स्पष्ट, पारदर्शी और व्यवहारिक मानक तय किए हैं, ताकि पात्र परिवारों को बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल लाभ मिल सके. यह निर्णय हमारे सैनिकों के प्रति कृतज्ञता और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-revenue-samiksha-baithak-1536x1025.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सचिव जय सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह सुविधा उन सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी, जिन्होंने कम-से-कम छह माह तक लगातार सैनिक सेवा की हो और कार्यरत रहते हुए युद्ध में शहादत पाई हो. ऐसे मामलों में आश्रितों से सलामी ली जाएगी, लेकिन पाँच वर्षों तक वार्षिक लगान नहीं लिया जाएगा. निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल सेना ही नहीं, बल्कि युद्धकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अन्य बलों जैसे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, बिहार मिलिट्री पुलिस, टेरिटोरियल आर्मी, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स, बॉर्डर स्काउट्स, बीआरएफ, लोक सहायक सेवा, एनसीसी, होमगार्ड्स और असम राइफल्स के जवान यदि युद्ध में वीरगति प्राप्त करते हैं, तो उनके आश्रित भी इसी प्रावधान के तहत भूमि बंदोबस्ती के पात्र होंगे. हालांकि, इसके लिए सेलर्स, सोल्जर्स एवं एयरमेन बोर्ड की अनुशंसा और न्यूनतम छह माह की संतोषजनक सेवा का प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा.<br>विभाग ने यह शर्त भी रखी है कि भूमि बंदोबस्ती से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि आश्रित बिहार राज्य का निवासी हो और उसके पास आवास हेतु पहले से निजी जमीन न हो. यदि निजी आवासीय जमीन उपलब्ध पाई जाती है, तो बंदोबस्ती नहीं की जाएगी.<br>समाहर्ता को पूर्ववत् ही इस प्रकार की भूमि बंदोबस्ती का अधिकार रहेगा, लेकिन यह केवल ग्रामीण क्षेत्र की सरकारी, विवादमुक्त जमीन पर ही लागू होगा. साथ ही, यह भी अनिवार्य किया गया है कि चयनित भूमि भूदान, भू-हदबंदी, सैरात, कब्रिस्तान, श्मशान, धार्मिक स्थलों, अतिक्रमण और न्यायालयीन विवाद से पूरी तरह मुक्त हो.<br>पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आदेश की तिथि से पूर्व सैनिकों के साथ भूमि बंदोबस्ती से संबंधित सभी पुराने आदेश और पत्र स्वतः प्रभावहीन माने जाएंगे. नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.</p>



<p><em><strong>pncb</strong></em></p>
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		<item>
		<title>थानों की मनमानी पर लगाम: भूमि विवाद में पुलिस की भूमिका आज से सीमित, कानून के दायरे में ही होगा हस्तक्षेप</title>
		<link>https://www.patnanow.com/thana-ki-manmani-per-lagam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 05:54:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना : 1 फरवरी 2026 से राज्यभर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इन स्पष्ट प्रावधानों का उद्देश्य भूमि विवादों के समाधान को पूरी तरह राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप, दबाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े. उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज से भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. पुलिस का दायित्व केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के किसी भी स्तर पर दखल-कब्जा दिलाने, चहारदीवारी कराने या निर्माण कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिस पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय है. नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु भूमि विवाद की सूचना मिलते ही थाना में स्टेशन डायरी में अलग एवं विस्तृत प्रविष्टि अनिवार्य होगी. दोनों पक्षों का नाम-पता, विवाद का स्वरूप (राजस्व/सिविल/आपसी), भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म) दर्ज करना होगा. यह भी उल्लेख करना होगा कि मामला प्रथम दृष्टया किस राजस्व न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है. प्रत्येक मामले की लिखित सूचना संबंधित अंचलाधिकारी को देना अनिवार्य होगा सूचना ई-मेल/पोर्टल के माध्यम से भी दी जा सकती है. भूमि विवाद के त्वरित समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मामलों की समीक्षा कर प्रगति विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. धारा 107/116 दंप्रसं (BNSS [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना : 1 फरवरी 2026 से राज्यभर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी इन स्पष्ट प्रावधानों का उद्देश्य भूमि विवादों के समाधान को पूरी तरह राजस्व एवं न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप, दबाव या भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94636" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-dbg-vijay-sinha-jan-sunwai-revenue-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आज से भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है. पुलिस का दायित्व केवल शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के किसी भी स्तर पर दखल-कब्जा दिलाने, चहारदीवारी कराने या निर्माण कराने की शिकायत मिली, तो संबंधित पुलिस पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई तय है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p><strong>नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु</strong></p>



<p>भूमि विवाद की सूचना मिलते ही थाना में स्टेशन डायरी में अलग एवं विस्तृत प्रविष्टि अनिवार्य होगी.</p>



<p>दोनों पक्षों का नाम-पता, विवाद का स्वरूप (राजस्व/सिविल/आपसी), भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म) दर्ज करना होगा.</p>



<p>यह भी उल्लेख करना होगा कि मामला प्रथम दृष्टया किस राजस्व न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है.</p>



<p>प्रत्येक मामले की लिखित सूचना संबंधित अंचलाधिकारी को देना अनिवार्य होगा सूचना ई-मेल/पोर्टल के माध्यम से भी दी जा सकती है.</p>



<p>भूमि विवाद के त्वरित समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें मामलों की समीक्षा कर प्रगति विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.</p>



<p>धारा 107/116 दंप्रसं (BNSS समकक्ष प्रावधान) के तहत पुलिस की भूमिका यथावत रहेगी, लेकिन इसका उपयोग केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित होगा.</p>



<p><strong>‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ की दिशा में बड़ा कदम</strong></p>



<p>पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 (2025-2030) के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान (Ease of Living)” के लक्ष्य को धरातल पर उतारने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. राज्य के लगभग 4.5 करोड़ जमाबंदी धारकों को भूमि विवादों में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान मिल सके, यही इस नई प्रणाली का उद्देश्य है.<br>यह व्यवस्था स्पष्ट करती है कि अब भूमि विवाद में न तो थानों की मनमानी चलेगी और न ही पुलिस हस्तक्षेप की आड़ में किसी को डराया-धमकाया जा सकेगा. हर विवाद का समाधान अब कानून के दायरे में, राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया के अनुसार ही सुनिश्चित किया जाएगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>समृद्धि यात्रा में राजस्व विभाग का सघन एक्शन प्लान, लंबित मामलों के युद्धस्तर पर निपटारे का निर्देश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-strict-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Jan 2026 03:36:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar Bhumi]]></category>
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		<category><![CDATA[Revenue department order]]></category>
		<category><![CDATA[Samriddhi yatra]]></category>
		<category><![CDATA[VIJAY SINHA]]></category>
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					<description><![CDATA[दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और भूमि विवाद पर फोकस, 15 वरिष्ठ अधिकारी यात्रा वाले जिलों में तैनात, अंचलों का होगा माइक्रो सुपरविजन पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिलावार समृद्धि यात्रा कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर सख्त कदम उठाए गए हैं. इसके उपरांत विभाग ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा भूमि विवाद निपटारे से जुड़े मामलों में असंतोषजनक प्रगति को गंभीरता से लेते हुए युद्धस्तर पर बैकलॉग समाप्त करने का निर्देश जारी किया है. विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सिवान, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में समृद्धि यात्रा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 15 विभागीय अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले अग्रिम दल (Advance Party) के रूप में संबंधित जिले में योगदान देंगे और अंचलों में चल रहे कार्यों का सूक्ष्म पर्यवेक्षण करेंगे. यह पूरी प्रक्रिया विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित होगी.आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी को एक या दो अंचलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जहां वे अंचल अधिकारियों के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे. लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं भूमि विवाद से जुड़े मामलों को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.इसके साथ ही अंचलों में पदस्थापित सभी हल्का कर्मचारी एवं अमीनों को विभागीय अधिकारियों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया गया है, जिसे उनके कर्तव्य का हिस्सा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और भूमि विवाद पर फोकस, 15 वरिष्ठ अधिकारी यात्रा वाले जिलों में तैनात, अंचलों का होगा माइक्रो सुपरविजन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>पटना।। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिलावार समृद्धि यात्रा कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर सख्त कदम उठाए गए हैं. इसके उपरांत विभाग ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा भूमि विवाद निपटारे से जुड़े मामलों में असंतोषजनक प्रगति को गंभीरता से लेते हुए युद्धस्तर पर बैकलॉग समाप्त करने का निर्देश जारी किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1008" height="704" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg" alt="" class="wp-image-94052" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil.jpg 1008w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-vijay-sinha-revenue-minister-with-ck-anil-650x454.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1008px) 100vw, 1008px" /></figure>



<p>विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सिवान, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली में समृद्धि यात्रा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 15 विभागीय अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले अग्रिम दल (Advance Party) के रूप में संबंधित जिले में योगदान देंगे और अंचलों में चल रहे कार्यों का सूक्ष्म पर्यवेक्षण करेंगे. यह पूरी प्रक्रिया विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित होगी.<br>आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी को एक या दो अंचलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जहां वे अंचल अधिकारियों के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे. लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं भूमि विवाद से जुड़े मामलों को सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.<br>इसके साथ ही अंचलों में पदस्थापित सभी हल्का कर्मचारी एवं अमीनों को विभागीय अधिकारियों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया गया है, जिसे उनके कर्तव्य का हिस्सा माना गया है. तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को लैपटॉप या मोबाइल के माध्यम से आईटी मैनेजर आनंद शंकर को लगातार फीडबैक देने और प्रतिवेदन सौंपने को भी कहा गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="868" height="584" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-mantri-vijay-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-94379" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-mantri-vijay-sinha.jpg 868w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-mantri-vijay-sinha-650x437.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 868px) 100vw, 868px" /></figure>



<p>यह विशेष व्यवस्था समृद्धि यात्रा के प्रथम चरण में 22 जनवरी को सिवान, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर तथा 24 जनवरी 2026 को वैशाली जिले में लागू होगी. दूसरे चरण के लिए अलग से कार्यालय आदेश जारी किया जाएगा.<br>प्रतिनियुक्त सभी 15 अधिकारियों के अंचलवार आवंटन का आदेश भी शीघ्र निर्गत किया जाएगा. विभाग का यह सघन एक्शन प्लान प्रशासनिक स्तर पर भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.</p>



<p><strong>क्या बोले उपमुख्यमंत्री</strong></p>



<figure class="wp-block-pullquote"><blockquote><p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की समृद्धि यात्रा के दौरान आम जनता को भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और भूमि विवाद के लंबित मामलों का युद्धस्तर पर पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. इसी उद्देश्य से यात्रा वाले जिलों में एक दिन पहले राजस्व मुख्यालय के 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. जनता के कार्यों में लापरवाही, टालमटोल या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई होगी.</p></blockquote></figure>



<p><em><strong>pncb</strong></em></p>
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