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	<title>Veer kunwar singh Stedium &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>बिहार दिवस के मौके पर जिला प्रशासन को दिखीं कई संभावनाएं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Mar 2023 03:01:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संभावना के स्टॉल पर दिखीं कई सम्भावनायें चित्रकार संजीव सिन्हा ने DM को भोजपुर अक्षर को भोजपुरी पेंटिंग से सजाई पेंटिंग उपहार में दिया आरा,23 मार्च. शाहाबाद के पुराने मुख्यालय और भोजपुर के वर्तमान मुख्यालय ऐतिहासिक नगरी आरा में बिहार की 111वीं जयंती धूमधाम से मनाई. जिला प्रशासन की ओर से सरकारी इमारतों को दो दिन पहले से ही जहाँ दुल्हन की तरह नीली रौशनी के प्रकाश यंत्रों से सजा दिया गया वही ऐतिहासिक रमना मैदान के अंदर स्थित वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में बुधवार को बिहार दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. स्टेडियम के अंदर विभिन्न स्कूलों और विभागों की झांकियां लगाई गयीं. सबकी प्रस्तुति एक से बढ़कर एक और आकर्षक थी. लेकिन इन झाँकियों में आकर्षण का केंद्र रहा शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा के संभावना स्कूल का स्टॉल. आमतौर पर CBSE कॅरिकुलम के स्कूल देसी और ठेठपन चीजों से दूर रहते हैं. वहाँ स्कूलों में कार्यक्र्म तक में लोकल भाषा या लोकगीतों की प्रस्तुति पर संचालक कतराते हैं लेकिन CBSE बोर्ड से जुड़े होने के बाद भी संभावना स्कूल के बच्चों द्वारा भोजपुर से जुड़े लिट्टी चोखा, दाल पिठोरी, ब्वायल पीठा, फ्राई पीठा, बेसन का सब्जी, लकठो, बेलग्रामी, खाजा, मोतीचूर का लड्डू, खुरमा, होरहा, गुलगुला आदि पारम्परिक व्यंजन को प्रस्तुत किया गया. जिसने यह साबित कर दिया कि भाषा को भले ही आधुनिक बना लें या उसमें ढल जाएं लेकिन अपने जड़ के बिना हमारी पहचान अधूरी है. भाषा तो सिर्फ सम्प्रेषण का एक माध्यम है. असली पहचान तो हमारी लोक परपंरा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संभावना के स्टॉल पर दिखीं कई सम्भावनायें</strong></p>



<p><strong>चित्रकार संजीव सिन्हा ने DM को भोजपुर अक्षर को भोजपुरी पेंटिंग से सजाई पेंटिंग उपहार में दिया</strong></p>



<p>आरा,23 मार्च. शाहाबाद के पुराने मुख्यालय और भोजपुर के वर्तमान मुख्यालय ऐतिहासिक नगरी आरा में बिहार की 111वीं जयंती धूमधाम से मनाई. जिला प्रशासन की ओर से सरकारी इमारतों को दो दिन पहले से ही जहाँ दुल्हन की तरह नीली रौशनी के प्रकाश यंत्रों से सजा दिया गया वही ऐतिहासिक रमना मैदान के अंदर स्थित वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में बुधवार को बिहार दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. स्टेडियम के अंदर विभिन्न स्कूलों और विभागों की झांकियां लगाई गयीं. सबकी प्रस्तुति एक से बढ़कर एक और आकर्षक थी. लेकिन इन झाँकियों में आकर्षण का केंद्र रहा शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा के संभावना स्कूल का स्टॉल.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/IMG-20230322-WA0018.jpg" alt="" class="wp-image-72656" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/IMG-20230322-WA0018.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/IMG-20230322-WA0018-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>आमतौर पर CBSE कॅरिकुलम के स्कूल देसी और ठेठपन चीजों से दूर रहते हैं. वहाँ स्कूलों में कार्यक्र्म तक में लोकल भाषा या लोकगीतों की प्रस्तुति पर संचालक कतराते हैं लेकिन CBSE बोर्ड से जुड़े होने के बाद भी संभावना स्कूल के बच्चों द्वारा भोजपुर से जुड़े लिट्टी चोखा, दाल पिठोरी, ब्वायल पीठा, फ्राई पीठा, बेसन का सब्जी, लकठो, बेलग्रामी, खाजा, मोतीचूर का लड्डू, खुरमा, होरहा, गुलगुला आदि पारम्परिक व्यंजन को प्रस्तुत किया गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sambhavana2.jpg" alt="" class="wp-image-72650" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sambhavana2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sambhavana2-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p>जिसने यह साबित कर दिया कि भाषा को भले ही आधुनिक बना लें या उसमें ढल जाएं लेकिन अपने जड़ के बिना हमारी पहचान अधूरी है. भाषा तो सिर्फ सम्प्रेषण का एक माध्यम है. असली पहचान तो हमारी लोक परपंरा की कहानी है. इतना ही नही बच्चों ने पारंपरिक व्यंजन को मिट्टी के बर्तन और मकई से निर्मित प्लेट में परोस अपनी पर्यावरण के प्रति जवाबदेही भी दिखाई जो वहाँ आने वाले सभी लोगों का दिल छू गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Snjiv-Sinha-painting-1.jpg" alt="" class="wp-image-72652" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Snjiv-Sinha-painting-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Snjiv-Sinha-painting-1-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्टॉलों का निरीक्षण करने के दौरान आरा की महापौर इंदु देवी, जिलाधिकारी राजकुमार, पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार, भाजपा नेता प्रेम पंकज उर्फ ललन समेत जब कई वहाँ पहुँचे तो बच्चों की इस प्रस्तुति पर मुग्ध हो गए. महापौर ने बच्चों की मेहनत को सराहा. उन्होंने कहा कि यह व्यंजन हमारे भोजपुर की पहचान है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sambhavana-002.jpg" alt="" class="wp-image-72653" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sambhavana-002.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sambhavana-002-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भोजपुर जिलाधिकारी राजकुमार ने कहा कि भोजपुर के व्यंजनों की मांग देश ही नहीं विदेशों में भी है. इस दौरान स्टॉल का निरीक्षण करने पहुंचे अतिथियों द्वारा भी स्वादिष्ट व्यंजन का लुफ्त उठाया गया. इस दौरान बच्चों ने अतिथियों को व्यंजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. बच्चों ने कहा कि आजकल के बच्चे पश्चिमी सभ्यता को अपनाकर मोमोज, चाउमिन व अन्य व्यंजनों के पीछे पड़े रहते हैं. हमारे जिले व मिट्टी से जुड़े यह लजीज व्यंजन स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है. प्रतिभागियों में अनीशा शुक्ला, आदिति कुमारी, श्रेया सिंह, सर्जना, स्वाति कुमारी, आयुष पाठक और अजय कुमार सिंह रहें. कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के कला शिक्षक विष्णू शंकर और संजीव सिन्हा का सराहनीय योगदान रहा.</p>



<p><strong>भोजपुर जिलाधिकारी को पेंटिंग गिफ्ट</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sanjiv-sinha-painting.jpg" alt="" class="wp-image-72654" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sanjiv-sinha-painting.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Sanjiv-sinha-painting-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Snjiv-Sinha-painting-1-1.jpg" alt="" class="wp-image-72655" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Snjiv-Sinha-painting-1-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Bihar-divas-Snjiv-Sinha-painting-1-1-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस दौरान कला शिक्षक और देश के राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भोजपुरी शैली की पेंटिंगों से पहचान बनाने वाले संजीव सिन्हा ने भोजपुर को भोजपुरी पेंटिंग से सजाकर अपनी कलात्मकता का न सिर्फ परिचय दिया बल्कि जिलाधिकारी को इसे भेंट भी दिया. बताते चलें कि संजीव सिन्हा की यह पेंटिंग सोशल मीडिया पर इतनी पॉपुलर हुई कि रेलवे ने आरा स्टेशन पर इसी पेंटिंग की तरह स्टेशन के नाम का बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया था. भोजपुर लिखे हुए इस पेंटिंग में भोजपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से लेकर सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है.</p>



<p>आरा से<strong> ओ. पी. पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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			</item>
		<item>
		<title>वह कविता जिसपर थम गए भोजपुर DM के पाँव</title>
		<link>https://www.patnanow.com/poem-of-a-girl-student-stuck-few-minutes-to-dm/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Mar 2023 02:37:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[अनीशा की कविता प्रस्तुति ने उपस्थित आगन्तुकों को प्रस्तुति के जादू में बाँधा आरा, 23 मार्च. बिहार दिवस की 111वीं जयंती के मौके पर आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में कल का नजारा देखने योग्य था. जहाँ स्टॉल विभिन्न रंगों में अपने भोजपुरिया रंग और बिहारीपन की पहचान दे रहे थे वही इन्ही स्टॉलों में से एक सम्भावना स्कूल के स्टॉल पर जिलाधिकारी, भोजपुर SP, मेयर और अन्य लोगों का एक साथ किसी स्कूली छात्रा का सुनना एक अलग ही नजारा प्रस्तुत कर रहा था. संभावना स्कूल के बच्चों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर बच्चों के प्रतिभा के जिलाधिकारी समेत अन्य लोग बच्चों की प्रतिभा और प्रस्तुतिकरण के कायल तो हो ही चुके थे लेकिन जैसे ही वहां से चलने को हुए विद्यालय की एक छात्रा अनीशा शुक्ला ने अपनी बिहार दिवस पर बिहारियों को समर्पित एक कविता सुनाने का आग्रह किया. जिलाधिकारी ने उसका निवेदन यह सोचकर माना कि दो-चार लाइन सुनकर बच्चे की इच्छापूर्ति कर दी जाएगी लेकिन जैसे ही अनीशा ने अपनी कविता की पंक्तियों को अपनी ओज का प्रवाह दिया, फिर तो ऐसा हुआ कि भोजपुर DM के पाँव उसी स्टॉल पर थम गए और उन्होंने उसकी पूरी कविता सुनी. उनके साथ उपस्थित सभी लोग भी कविता प्रस्तुति तक उनके साथ रुके रहे. कविता के खत्म होने पर भाव विभोर भोजपुर DM ने अनीशा शुक्ला का पीठ थपथपा उसे आशीर्वाद दिया और उसका मनोबल बढ़ाया. अनीशा द्वारा प्रस्तुत कविता का अंश पटना नाउ आपके लिए पेश कर रहा है. पढ़िए अनीशा की सोच, जिसमें छुपी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अनीशा की कविता प्रस्तुति ने उपस्थित आगन्तुकों को प्रस्तुति के जादू में बाँधा</strong></p>



<p>आरा, 23 मार्च. बिहार दिवस की 111वीं जयंती के मौके पर आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में कल का नजारा देखने योग्य था. जहाँ स्टॉल विभिन्न रंगों में अपने भोजपुरिया रंग और बिहारीपन की पहचान दे रहे थे वही इन्ही स्टॉलों में से एक सम्भावना स्कूल के स्टॉल पर जिलाधिकारी, भोजपुर SP, मेयर और अन्य लोगों का एक साथ किसी स्कूली छात्रा का सुनना एक अलग ही नजारा प्रस्तुत कर रहा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="358" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita.jpg" alt="" class="wp-image-72643" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-350x193.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संभावना स्कूल के बच्चों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर बच्चों के प्रतिभा के जिलाधिकारी समेत अन्य लोग बच्चों की प्रतिभा और प्रस्तुतिकरण के कायल तो हो ही चुके थे लेकिन जैसे ही वहां से चलने को हुए विद्यालय की एक छात्रा अनीशा शुक्ला ने अपनी बिहार दिवस पर बिहारियों को समर्पित एक कविता सुनाने का आग्रह किया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="377" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-2.jpg" alt="" class="wp-image-72644" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-2-350x203.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जिलाधिकारी ने उसका निवेदन यह सोचकर माना कि दो-चार लाइन सुनकर बच्चे की इच्छापूर्ति कर दी जाएगी लेकिन जैसे ही अनीशा ने अपनी कविता की पंक्तियों को अपनी ओज का प्रवाह दिया, फिर तो ऐसा हुआ कि भोजपुर DM के पाँव उसी स्टॉल पर थम गए और उन्होंने उसकी पूरी कविता सुनी. उनके साथ उपस्थित सभी लोग भी कविता प्रस्तुति तक उनके साथ रुके रहे. कविता के खत्म होने पर भाव विभोर भोजपुर DM ने अनीशा शुक्ला का पीठ थपथपा उसे आशीर्वाद दिया और उसका मनोबल बढ़ाया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="357" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-1.jpg" alt="" class="wp-image-72645" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Anisha-ki-kavita-1-350x192.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अनीशा द्वारा प्रस्तुत कविता का अंश पटना नाउ आपके लिए पेश कर रहा है. पढ़िए अनीशा की सोच, जिसमें छुपी है बिहारियों की शान और भविष्य की कई सम्भवनायें…</p>



<p>क्योंकि समाज मे ऐसा फैला है बदहाली<br>बिहारी होना हो गया है गाली</p>



<p>और जानते हो हम ऐसा काहे कह रहे हैं<br>क्योंकि हम बिहारी होने का<br>जिल्लत सह रहे हैं<br>इसका निवारण नही है<br>इसका कारण तुम ही हो<br>और कोई कारण नहीं है</p>



<p>क्योंकि क्षेत्रियता की तराजू पर<br>तुम ही हर बार इसे तौलते हो<br>मॉम डैड बिहार से हैं और<br>आई एम फ्रॉम दिल्ली बोलते हो</p>



<p>बिहार में मोमो से तुम्हारा स्वाद बढ़ता है<br>और लिट्टी से नाक सिकुड़ता है<br>लाजवाब तुमने नापाक कर दिए<br>और भैया जी को मजाक कर दिया</p>



<p>मैं यह कह रही हूं कि तुम सोचोगे<br>कि तुम्हारी खता क्या है<br>कौन होता हैं बिहारी<br>तुमको पता क्या है</p>



<p>आज मैं आईएस की बात नहीं करूंगी<br>गणित को तो छोड़ दो<br>इतने उच्च पद पर हमारी रिश्तेदारी है<br>उसकी भी बात नहीं करूंगी<br>बस कोशिश करूंगी समझाने की<br>कि कौन-कौन बिहारी है</p>



<p>जो हर सूरत बदल दे<br>वह दिनकर रामधारी है<br>जो पर्वत चीर दे वह<br>मांझी की ज़िद और खुमारी है</p>



<p>जो संसद चला दे वह<br>राजेंद्र प्रसाद की समझदारी है<br>जो गणित बदल दे वह<br>आर्यभट्ट की अविष्कारी है</p>



<p>जो चीर दे जमीन को वह<br>कुंवर सिंह की तलवार तेजधारी है<br>जो पागल कर दे शहनाई की धुन से<br>वह बिस्मिल्लाह खान की गुणकारी है</p>



<p>अब मैं रुक जाती हूँ क्योंकि<br>ये लिस्ट अभी भी जारी है<br>और अभी भी तुम्हारे दिल में कोई खोट हो<br>तो यह गलती तुम्हारी है</p>



<p>क्योंकि तुम्हारे लिए<br>हरियाणा वाले सत्ता चलाते हैं<br>यूपी वाले कट्टा चलाते हैं<br>साउथ वाले कंपनियां चलाते हैं</p>



<p>अपने ही देश की भाषाओं में दिखती है<br>सबको देशद्रोही बोलते हो<br>यह मजाल किसकी है<br>अपने ही देश के उत्तर पूर्वी लोगों को<br>चाइना का माल कहते हो<br>इसको तुम नजर अंदाज मत करना<br>अपनी जमीर को नाराज मत करना<br>यह देश हम सबका है<br>किसी के बाप की जागीर नहीं है</p>



<p>स्कूली छात्रा द्वारा बिहार दिवस पर इस तरह की पंक्तियों के लेखन और उसके जज्बे ने जहाँ उसके अंदर की लेखन प्रतिभा को सबके सामने प्रकट किया है वही आपको बताते चलें कि वीर कुंवर सिंह स्टेडियम की धरती देश के कई प्रसिद्ध कवियों के पाठ का गवाह रहा है. ऐसे में उस भूमि पर नई पीढ़ी द्वारा कविता का रचना और उसका पाठ ये प्रमाण है कि बच्चों का मूल अभी भी बरकरार है. बोर्ड चाहे कोई भी हो, भाषा चाहे कोई भी हो हम ऊंचाईयों तक तभी छलांग लगा पाएंगे जब हमें अपनी धरातल का पता हो क्योंकि उछलने के बाद वही लैंड करना है. पटना नाउ की ओर से अनीशा को उसकी रचना के लिए ढेर सारा स्नेह.</p>



<p>आरा से <strong>ओ. पी. पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यहाँ हुआ अंडर 15 का रोमांचक फुटबॉल मैच !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/football-under-15/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Oct 2022 07:03:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sports]]></category>
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					<description><![CDATA[आरा में पहली बार हुआ 15 वर्ष के नीचे के बच्चों का फुटबॉल मैच अपने ही गोल में कर दिया खिलाड़ी ने गोल जिससे हो गयी हार आरा,18 अक्टूबर. फुटबॉल के दीवाने दुनिया में सर्वाधिक है. दो टीमों के बीच गोल करने के प्रयास के दौरान जो रोमांच पैदा होता है उसे शब्दों में कह पाना एक जटिल काम है यह रोमांच तब और बढ़ जाता है जब खिलाड़ी नन्हे बच्चे हों. आरा में सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ जब ऐतिहासिक रमना मैदान में स्थित वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में किया गया.फुटबॉल का यह मैच गोल्डन बेबी फुटबॉल एकैडमी के तरफ से एकैडमी रेड बनाम एकैडमी ग्रीन के बीच एक दिवसीय आयोजन के रूप में हुआ. इस रोमांचक मैच के 16 वें मिनट में ग्रीन टीम के शुभम कुमार की गलती से उन्हीं के पैर से लग कर फुटबॉल अपने हीं गोल में चला गया. पहले गोल से ही बढ़त बना यह गोल रेड टीम के लिए अंत तक बढ़त के रूप में कायम रहा. इस मैच को रेड टीम ने 1/0 से जीता लेकिन पूरे खेल में उतार चढ़ाव होता रहा. आज के मैच की ख़ासियत यही रही कि ग्रीन टीम के खिलाड़ियों ने ज्यादा समय तक रेड टीम को हॉफ में ही खेलाया, फिर भी मैच वे हार गये. इस मैच के मुख्य रेफरी विनीत गौतम, रवि कुमार, धर्मेश उपाध्याय थे. इस मैच का उद्धघाटन पूर्व खिलाड़ी लाल शरण सिंह, इंद्रदीप सिन्हा, संरक्षक अशोक मानव, लाल बहादुर लाल ने सामूहिक रूप से दोनों टीम के खिलाड़ियों से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>आरा में पहली बार हुआ 15 वर्ष के नीचे के बच्चों का फुटबॉल मैच</strong></p>



<p><strong>अपने ही गोल में कर दिया खिलाड़ी ने गोल जिससे हो गयी हार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="598" height="299" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-9.jpg" alt="" class="wp-image-66799" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-9.jpg 598w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-9-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 598px) 100vw, 598px" /></figure>



<p>आरा,18 अक्टूबर. फुटबॉल के दीवाने दुनिया में सर्वाधिक है. दो टीमों के बीच गोल करने के प्रयास के दौरान जो रोमांच पैदा होता है उसे शब्दों में कह पाना एक जटिल काम है यह रोमांच तब और बढ़ जाता है जब खिलाड़ी नन्हे बच्चे हों. आरा में सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ जब ऐतिहासिक रमना मैदान में स्थित वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में किया गया.<br>फुटबॉल का यह मैच गोल्डन बेबी फुटबॉल एकैडमी के तरफ से एकैडमी रेड बनाम एकैडमी ग्रीन के बीच एक दिवसीय आयोजन के रूप में हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="466" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-1.jpg" alt="" class="wp-image-67764" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-1-350x251.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस रोमांचक मैच के 16 वें मिनट में ग्रीन टीम के शुभम कुमार की गलती से उन्हीं के पैर से लग कर फुटबॉल अपने हीं गोल में चला गया. पहले गोल से ही बढ़त बना यह गोल रेड टीम के लिए अंत तक बढ़त के रूप में कायम रहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="642" height="446" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara.jpg" alt="" class="wp-image-67765" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara.jpg 642w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-350x243.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-130x90.jpg 130w" sizes="(max-width: 642px) 100vw, 642px" /></figure>



<p>इस मैच को रेड टीम ने 1/0 से जीता लेकिन पूरे खेल में उतार चढ़ाव होता रहा. आज के मैच की ख़ासियत यही रही कि ग्रीन टीम के खिलाड़ियों ने ज्यादा समय तक रेड टीम को हॉफ में ही खेलाया, फिर भी मैच वे हार गये. इस मैच के मुख्य रेफरी विनीत गौतम, रवि कुमार, धर्मेश उपाध्याय थे.</p>



<p>इस मैच का उद्धघाटन पूर्व खिलाड़ी लाल शरण सिंह, इंद्रदीप सिन्हा, संरक्षक अशोक मानव, लाल बहादुर लाल ने सामूहिक रूप से दोनों टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर किया. संघ के सचिव रविन्द्र प्रसाद ने विजेता टीम को ट्रॉफी दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="318" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-2.jpg" alt="" class="wp-image-67768" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_fotball-under-15-Ara-2-350x171.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उसके बाद संघ के पदाधिकारियों द्वारा दोनों टीम के खिलाड़ियों को मेडल दे कर सम्मानित किया गया. प्रसाद ने अपने भाषण में दोनों टीम की सराहना करते हुए आज के सफल मैच के लिए दोनों टीमों को बधाई दी.</p>



<p>संचालन गोल्डन बेबी फुटबॉल एकैडमी के कोच विनीत गौतम और धन्यवाद ज्ञापन मो श्मशानद ने किया. उपस्थित लोगों में सर्वश्री शशि सिंह, राजकुमार यादव, अनिल तिवारी, अरविंद सिंह, प्रकाश ओझा, अभिषेक उपाध्याय, विश्वनाथ सिंह भोजपुर फुटबॉल संघ के संरक्षक अशोक मानव उपस्थित थे.</p>



<p>आरा से<strong> ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रस्तुति के पहले दिन ही दर्शकों से खचाखच रही ओपन थियेटर गैलरी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganga-snan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 May 2022 04:16:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[Bhikhari Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[Bhojpurifolksong]]></category>
		<category><![CDATA[Folk Theatre]]></category>
		<category><![CDATA[GANGA SNAN]]></category>
		<category><![CDATA[Theatre]]></category>
		<category><![CDATA[Veer kunwar singh Stedium]]></category>
		<category><![CDATA[भोजपुरी]]></category>
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					<description><![CDATA[लगभग 2 घंटे देरी से शुरू हुई प्रस्तुति, नही हिले दर्शक नाटक के सकरात्मक संदेश ने अंत तक दर्शकों को जोड़े रखा रंगमंच के मंजे कलाकारों ने दिखाया अभिनय का जलवा, नवोदित कलाकारों में दिखी गजब की ऊर्जा आरा,28 मई. प्रभाव क्रियेटिव सोसाइटी द्वारा तैयार भिखारी ठाकुर रचित सुप्रसिद्ध नाटक &#8216;गंगा स्नान&#8217; का मंचन शुक्रवार की शाम वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में कलाकारों द्वारा बनाए गए बाबू ललन सिंह मुक्ताकाश मंच पर किया गया. नाटक का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में भावी मेयर प्रत्याशी विष्णु सिंह दीप प्रज्जवलित कर किया, जिसमें पूर्व पार्षद व भावी मेयर प्रत्याशी जितेंद्र शुक्ला, समाजसेवी अभय विश्वास भट्ट और संस्था के सचिव कमलेश कुंदन भी संयुक्त रूप से शामिल हुए. मुख्य अतिथि ने कम शब्दों में आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कला से उनका पुराना नाता है. कला न सिर्फ मनोरंजन बल्कि जीवन जीना भी सिखाता है. दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन कार्यक्रम लगभग दो घंटे विलंब से शुरू हुआ. बावजूद इसके दर्शकों ने नाटक के अंत तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा यह जरूर साबित कर दिया कि न सिर्फ वे नाट्य प्रेमी हैं बल्कि नाटक ने उन्हें अपने रस से बांधे रखा. ग्रामीण समाज में गंगा स्नान करने के महत्व पर आधारित इस नाटक में एक घर की कहानी है जिसमें मलेछु बहु और अटपट बहु गंगा स्नान करने के लिए जाना चाहती है लेकिन उनके पति तैयार नहीं होते हैं. इसी बीच उनकी बुढ़ी मां भी गंगा स्नान के लिए चलने को कहती है. बेटा मां [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>लगभग 2 घंटे देरी से शुरू हुई प्रस्तुति, नही हिले दर्शक</strong></p>



<p><strong>नाटक के सकरात्मक संदेश ने अंत तक दर्शकों को जोड़े रखा </strong></p>



<p>रं<strong>गमंच के मंजे कलाकारों ने दिखाया अभिनय का जलवा, नवोदित कलाकारों में दिखी गजब की ऊर्जा</strong></p>



<p>आरा,28 मई. प्रभाव क्रियेटिव सोसाइटी द्वारा तैयार भिखारी ठाकुर रचित सुप्रसिद्ध नाटक &#8216;गंगा स्नान&#8217; का मंचन शुक्रवार की शाम वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में कलाकारों द्वारा बनाए गए बाबू ललन सिंह मुक्ताकाश मंच पर किया गया. नाटक का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में भावी मेयर प्रत्याशी विष्णु सिंह दीप प्रज्जवलित कर किया, जिसमें पूर्व पार्षद व भावी मेयर प्रत्याशी जितेंद्र शुक्ला, समाजसेवी अभय विश्वास भट्ट और संस्था के सचिव कमलेश कुंदन भी संयुक्त रूप से शामिल हुए. मुख्य अतिथि ने कम शब्दों में आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कला से उनका पुराना नाता है. कला न सिर्फ मनोरंजन बल्कि जीवन जीना भी सिखाता है.</p>



<p>दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन कार्यक्रम लगभग दो घंटे विलंब से शुरू हुआ. बावजूद इसके दर्शकों ने नाटक के अंत तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा यह जरूर साबित कर दिया कि न सिर्फ वे नाट्य प्रेमी हैं बल्कि नाटक ने उन्हें अपने रस से बांधे रखा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="355" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094015.jpg" alt="" class="wp-image-62805" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094015.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094015-350x191.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ग्रामीण समाज में गंगा स्नान करने के महत्व पर आधारित इस नाटक में एक घर की कहानी है जिसमें मलेछु बहु और अटपट बहु गंगा स्नान करने के लिए जाना चाहती है लेकिन उनके पति तैयार नहीं होते हैं. इसी बीच उनकी बुढ़ी मां भी गंगा स्नान के लिए चलने को कहती है. बेटा मां को ले जाने के लिए तैयार हो जाता है लेकिन उसकी पत्नी उसे ले जाने से मना करती है वह कहती है कि अगर वह बुढ़िया को ले जाएगा तो जहर खा कर मर जायेगी. पत्नी के इस हठ के कारण वह अपनी बूढ़ी मां को मारता पीटता और अंत में वह इस बात पर तैयार होता है कि समान बूढ़ी मां को ढोना पड़ेगा. बेचारी बूढ़ी मां तैयार हो जाती है. सभी गंगा स्नान के लिए जाते हैं. गंगा किनारे मेला लगा है बूढ़ी माता से समान गिर जाने के कारण वे उसे वही छोड़ कर चले जाते हैं. मेले में मलेछू को एक बाबा मिलते हैं. वह उनके जाल में फंस जाता है. पुत्र की प्राप्ति के चक्कर में अपनी पत्नी को बाबा के हवाले कर देता है. बाबा उसकी पत्नी के सारे गहने लूट लेता है. अब मलेछु अपनी पत्नी को भटकता मेले में खोजता है. जब उसकी पत्नी मिलती है तब उन्हें अपने किए पर पछतावा होता है और दोनो मिलकर फिर अपनी बूढ़ी मां को खोज घर वापस आते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="351" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094024.jpg" alt="" class="wp-image-62806" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094024.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094024-350x189.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भिखारी ठाकुर ने गंगा स्नान के माध्यम से परिवार में बुज़ुर्गों की जिस उपेक्षा को दिखाया था प्रभाव क्रियेटिव सोसाइटी की प्रस्तुति ने उसे बेहद ही प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया,जिसके लिए युवा निर्देशक व रंगकर्मी मनोज सिंह बधाई के पात्र हैं.<br>वहीं गीत संगीत को अपने सुरों में पिरोकर नाटक में ठेठ देसीपन का जो आनंद लोकगीतों के माध्यम से श्याम शर्मिला ने दिया कि दर्शक अभिनय और लोकसंगीत के इस जादू में अंत तक फंसे रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="441" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094742.jpg" alt="" class="wp-image-62808" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094742.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220528-094742-350x237.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मलेछु की भूमिका में डॉ पंकज भट्ट, मलेछु बहु की भूमिका में खुशबू स्पृहा, मां की भूमिका में आशा पाण्डेय, अटपट की भूमिका में युवा रंगकर्मी शुभम दूबे, अटपट बहु की भूमिका में ऋतु पांडेय, ढोंगी बाबा की भूमिका में हर्ष जैन ने जहां नाटक में अपनी जीवंत अभिनय से दर्शकों के बीच अपनी जादूगरी कायम की, वही विभिन्न भूमिकाओं में प्रिंस शर्मा , दीपक तिवारी ट्रेन,कुणाल, रितेश टाइगर, मुकेश ओझा,अभिषेक, राजू कुमार सिंह,सुन्दरम बाबा ने अपनी ऊर्जा का परिचय उपस्थित दर्शकों को दिया.</p>



<p>संगीत में तबला पर अभय ओझा और नाल पर हरिशंकर निराला ने साथ दिया तो झाल व अन्य वाद्य यंत्रों के साथ सह गायन में जागृति कुमारी,तारकेश्वर चौबे,संतोष चौबे और वीरेंद्र ओझा ने संगीत को प्रभावी बनाने में समूह गायन का लोहा मनवाया. प्रस्तुति संयोजक मनोज श्रीवास्तव, प्रस्तुति नियंत्रक ओ पी पांडेय और मंगलेश तिवारी थे. धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ रंगकर्मी अंबुज कुमार ने किया.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
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		<title>ओपन थियेटर में होगा आज गंगा-स्नान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aaj-hoga-open-theatre-me-ganga-snan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 May 2022 04:15:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bhikhari Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Folk Theatre]]></category>
		<category><![CDATA[Prabhav creative society Ara]]></category>
		<category><![CDATA[Ramana Maidan]]></category>
		<category><![CDATA[Thearte Artist]]></category>
		<category><![CDATA[Theatre]]></category>
		<category><![CDATA[Veer kunwar singh Stedium]]></category>
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					<description><![CDATA[आज शाम छह बजे से होगी दो दिवसीय मंचन की शुरुआत, परिवार में उपेक्षित वृद्धजनों पर आधारित है नाटक, देगा सकरात्मक संदेश रंगमंच से जुड़े कलाकारों के साथ नवोदित कलाकार भी दिखाएंगे समाज को आईना आरा,27 मई. वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में भिखारी ठाकुर रचित सुप्रसिद्ध नाटक &#8216;गंगा स्नान&#8217; का मंचन आज शाम छह बजे से होने के साथ ही दो दिवसीय मंचन की शुरुआत हो जायेगी. कोरोना काल के समय से जिले वासियों के मन में बने नकारात्मक माहौल को एक मनोरंजक प्रस्तुति के माध्यम से सकारात्मकता में बदलने के प्रयास में नाटक का मंचन किया जा रहा है. प्रभाव क्रिएटिव सोसायटी के बैनर तले हो रहे नाटक के मंचन में ग्रामीण समाज में गंगा स्नान करने के महत्व को दिखाया गया है. गंगा स्नान मन और शरीर के शुद्धिकरण के लिए तो सभी जाते हैं लेकिन कैसे वे जीवन की मैली व्यवस्था में घिरे होते हैं जो स्नान से साफ नहीं हो सकता. गंगा स्नान के समय जगह-जगह गंगा किनारे मेला लगता है धर्म के साथ ठगों का भी किस प्रकार आराजकता मेले में फैले रहता है जो धर्म और दूसरी चीजों पर वहां गए लोगों को लूटते हैं. गंगा स्नान नाटक में एक परिवार को गंगा स्नान के लिए जाते दिखाया गया है, जिसमें एक बूढ़ी मां है जो परिवार द्वारा उपेक्षित है. इस नाटक में भिखारी ठाकुर ने गंगा स्नान के माध्यम से परिवार में बुज़ुर्गों की उपेक्षा को दिखाया है. नाटक का निर्देशन रंगकर्मी मनोज सिंह कर रहे हैं. वहीं गीत संगीत के माध्यम से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p><strong>आज शाम छह बजे से होगी दो दिवसीय मंचन की शुरुआत</strong>,</p>



<p><strong>परिवार में उपेक्षित वृद्धजनों पर आधारित है नाटक, देगा सकरात्मक संदेश</strong></p>



<p><strong>रंगमंच से जुड़े कलाकारों के साथ नवोदित कलाकार भी दिखाएंगे समाज को आईना</strong></p>



<p>आरा,27 मई. वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में भिखारी ठाकुर रचित सुप्रसिद्ध नाटक &#8216;गंगा स्नान&#8217; का मंचन आज शाम छह बजे से होने के साथ ही दो दिवसीय मंचन की शुरुआत हो जायेगी. कोरोना काल के समय से जिले वासियों के मन में बने नकारात्मक माहौल को एक मनोरंजक प्रस्तुति के माध्यम से सकारात्मकता में बदलने के प्रयास में नाटक का मंचन किया जा रहा है.</p>



<p>प्रभाव क्रिएटिव सोसायटी के बैनर तले हो रहे नाटक के मंचन में ग्रामीण समाज में गंगा स्नान करने के महत्व को दिखाया गया है. गंगा स्नान मन और शरीर के शुद्धिकरण के लिए तो सभी जाते हैं लेकिन कैसे वे जीवन की मैली व्यवस्था में घिरे होते हैं जो स्नान से साफ नहीं हो सकता.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="424" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220527-093541.jpg" alt="" class="wp-image-62756" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220527-093541.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220527-093541-350x228.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गंगा स्नान के समय जगह-जगह गंगा किनारे मेला लगता है धर्म के साथ ठगों का भी किस प्रकार आराजकता मेले में फैले रहता है जो धर्म और दूसरी चीजों पर वहां गए लोगों को लूटते हैं.</p>



<p>गंगा स्नान नाटक में एक परिवार को गंगा स्नान के लिए जाते दिखाया गया है, जिसमें एक बूढ़ी मां है जो परिवार द्वारा उपेक्षित है. इस नाटक में भिखारी ठाकुर ने गंगा स्नान के माध्यम से परिवार में बुज़ुर्गों की उपेक्षा को दिखाया है. नाटक का निर्देशन रंगकर्मी मनोज सिंह कर रहे हैं. वहीं गीत संगीत के माध्यम से इस नाटक को सजाया है श्याम शर्मिला ने.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220527-093552.jpg" alt="" class="wp-image-62757" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220527-093552.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/Screenshot_20220527-093552-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पिछले 15 दिनों से चले नाटक कार्यशाला का समापन बुधवार को होने के बाद गुरुवार को देर शाम तक अंतिम रिहर्सल<br>नेशनल साइंटिफिक रिसर्च एंड एनालिसिस सेंटर, बड़ी मठिया के सभागार में कलाकारों ने किया.</p>



<p>अपनी प्रस्तुति के अंतिम चरण में तैयार नाटक &#8221; गंगा स्नान &#8221; के पूर्वाभ्यास में कलाकारों ने जम के पसीना बहाया. कलाकार आज होने वाली प्रस्तुति को लेकर काफी उत्साहित और ऊर्जायुक्त दिखे. कई बार नाटक के दृश्यों और म्यूजिक का सही इंट्री टाइमिंग के साथ पूर्वाभ्यास किया गया. कलाकारो ने कल शाम में प्रस्तुति स्थल वीर कुंवर सिंह स्टेडियम का भी जायजा भी लिया. कलाकार अपनी एंट्री और एग्जिट को लेकर प्रस्तुति से पहले कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. कोरोना काल में सांस्कृतिक कार्यक्रम नही होने के बाद यह पहला मौका होगा जब नाटक की प्रस्तुति की जाएगी हालांकि इसके पूर्व पिछले साल अभिनव एवम एक्ट ने 20 दिवसीय कार्यशाला के बाद एक प्रस्तुति दी थी. लेकिन उसके बाद यह पहला मौका होगा जब किसी लोक नाटक की प्रस्तुति शहर में होगी. नाटक प्रेमी भी इस नाटक को देखने के लिए समय का बड़ी बेसब्री से इंतजार में हैं. नाटक में कई मंजे हुए कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे।</p>



<p>पूर्वाभ्यास में वरिष्ठ रंगकर्मी अम्बुज कुमार,कार्यशाला व प्रस्तुति संयोजक मनोज श्रीवास्तव, नाट्य निर्देशक मनोज सिंह, संस्था के सचिव कमलेश कुंदन, लोक संगीतकार श्याम शर्मीला,खुशबू s स्पृहा, आशा पाण्डेय,राजन जी, युवा रंगकर्मी शुभम दूबे, प्रिंस शर्मा , दीपक तिवारी ट्रेन,कुणाल, रितेश टाइगर, मुकेश ओझा, रितु पाण्डेय,अभिषेक, राजू कुमार सिंह,सुन्दरम बाबा,अभय ओझा, हरिशंकर निराला डॉ पंकज भट्ट आदि उपस्थित थे. गुरुवार को पूर्वाभ्यास के दौरान प्रस्तुति में लगे बैक स्टेज के कलाकर भी नजर आए. अब देखना जबरदस्त होगा कि कलाकारों की मेहनत 27 और 28 मई को होने वाली प्रस्तुति में अपना कितना प्रभाव दर्शको पर छोड़ते हैं.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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