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	<title>Upsc &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>बदलते भोजपुर की तस्वीर: जातीय संघर्षों की धरती से UPSC तक पहुँची आकांक्षा सिंह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/badlate-bhojpur-ki-tasveer-akanksha/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:56:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[UPSC/PCS]]></category>
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					<description><![CDATA[रणवीर सेना के सुप्रीमो की पोती बनी सिविल सर्विस अफसर, UPSC में 301वीं रैंक आरा,7 मार्च। भोजपुर की वही धरती, जो कभी जातीय संघर्ष और नरसंहारों की खबरों के कारण देशभर में सुर्खियों में रहती थी, आज एक नई पहचान बना रही है। इसी जिले की बेटी आकांक्षा सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। आकांक्षा की सफलता इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह कभी बिहार की जातीय राजनीति और संघर्षों के केंद्र में रहे रणवीर सेना के सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं। ऐसे में उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बदलते भोजपुर और नई पीढ़ी की प्राथमिकताओं की कहानी भी बयां करती है। परिवार से जुड़ा चर्चित इतिहासआकांक्षा सिंह, ब्रह्मेश्वर मुखिया के पुत्र इंदु भूषण सिंह की बेटी हैं। 1990 के दशक में भोजपुर की पहचान अक्सर जातीय संघर्ष और निजी सेनाओं की गतिविधियों से जुड़ी खबरों से होती थी। ऐसे माहौल से जुड़े परिवार की नई पीढ़ी का प्रशासनिक सेवा में जाना क्षेत्र के बदलते सामाजिक परिदृश्य को भी दर्शाता है। आरा से शुरू हुई पढ़ाईआकांक्षा सिंह की शुरुआती पढ़ाई आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने एच.डी. जैन कॉलेज, आरा से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। आकांक्षा बताती हैं कि सिविल सेवा की तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे नियमित अध्ययन किया। खास तौर पर उन्होंने करंट अफेयर्स और विषयों की गहरी समझ पर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>रणवीर सेना के सुप्रीमो की पोती बनी सिविल सर्विस अफसर, UPSC में 301वीं रैंक</strong></p>



<p>आरा,7 मार्च। भोजपुर की वही धरती, जो कभी जातीय संघर्ष और नरसंहारों की खबरों के कारण देशभर में सुर्खियों में रहती थी, आज एक नई पहचान बना रही है। इसी जिले की बेटी आकांक्षा सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 301वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079401-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95489" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079401-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079401-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>आकांक्षा की सफलता इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह कभी बिहार की जातीय राजनीति और संघर्षों के केंद्र में रहे रणवीर सेना के सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं। ऐसे में उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बदलते भोजपुर और नई पीढ़ी की प्राथमिकताओं की कहानी भी बयां करती है।</p>



<p><strong>परिवार से जुड़ा चर्चित इतिहास</strong><br>आकांक्षा सिंह, ब्रह्मेश्वर मुखिया के पुत्र इंदु भूषण सिंह की बेटी हैं। 1990 के दशक में भोजपुर की पहचान अक्सर जातीय संघर्ष और निजी सेनाओं की गतिविधियों से जुड़ी खबरों से होती थी। ऐसे माहौल से जुड़े परिवार की नई पीढ़ी का प्रशासनिक सेवा में जाना क्षेत्र के बदलते सामाजिक परिदृश्य को भी दर्शाता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079400-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95490" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079400-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079400-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>आरा से शुरू हुई पढ़ाई</strong><br>आकांक्षा सिंह की शुरुआती पढ़ाई आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने एच.डी. जैन कॉलेज, आरा से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।</p>



<p>आकांक्षा बताती हैं कि सिविल सेवा की तैयारी के दौरान उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे नियमित अध्ययन किया। खास तौर पर उन्होंने करंट अफेयर्स और विषयों की गहरी समझ पर विशेष ध्यान दिया।</p>



<p><strong>इंटरव्यू में भी आया भोजपुर का जिक्र</strong><br>सिविल सेवा के इंटरव्यू के दौरान उनसे भोजपुर से जुड़े कई सवाल पूछे गए। इंटरव्यू बोर्ड ने हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित भोजपुर के लोकगायक भारत सिंह भारती के बारे में भी प्रश्न किया, जिसका उन्होंने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया।</p>



<p><strong>पूरा हुआ एक सपना</strong><br>परिवार के लोगों के अनुसार, ब्रह्मेश्वर मुखिया की इच्छा थी कि उनके परिवार से कोई सदस्य यूपीएससी पास कर प्रशासनिक सेवा में जाए। आकांक्षा की सफलता को उसी सपने के पूरा होने के रूप में देखा जा रहा है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="573" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079418-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95491" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079418-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079418-650x364.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>भोजपुर में खुशी की लहर</strong><br>आकांक्षा की सफलता के बाद पूरे भोजपुर जिले में खुशी का माहौल है। उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी.</p>



<p><strong>बदलते समय की पहचान</strong><br>1990 के दशक में जिस भोजपुर का नाम जातीय संघर्षों और निजी सेनाओं के कारण सुर्खियों में आता था, आज उसी जमीन से प्रशासनिक सेवा में जाने वाली नई पीढ़ी सामने आ रही है। यह बदलाव न केवल समाज के बदलते सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अब यहां की युवा पीढ़ी बंदूक नहीं, किताब और कलम के सहारे भविष्य गढ़ना चाहती है.</p>



<p><strong>एक रिजल्ट पर दो का दावा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="578" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079626-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95499" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079626-scaled.jpg 578w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079626-367x650.jpg 367w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079626-868x1536.jpg 868w" sizes="auto, (max-width: 578px) 100vw, 578px" /></figure>



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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="790" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079398-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95492" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079398-scaled.jpg 790w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001079398-501x650.jpg 501w" sizes="auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px" /></figure>



<p>हालांकि रिजल्ट आने के बाद यूपी की एक आकांक्षा नाम की कैंडिडेट ने अपना नाम का दावा किया है। दोनों के एडमिट कार्ड पर एक ही रोल नंबर है। यूपी की आकांक्षा डॉक्टर है और रिजल्ट आने के बाद उसने एक वीडियो जारी कर अपने नाम पर दावा किया है। अब दोनों में से सही कौन है ये तो आयोग जांच कर तय करेगा लेकिन बहरहाल भोजपुरवासी आज आकांक्षा के नाम आने के बाद बहुत ही खुश दिखे।</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट </p>
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		<title>फुलवारी शरीफ की बेटी ने यूपीएससी में किया कमाल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/phulwari-sharif-girl-passes-upsc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 07:01:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC/PCS]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
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					<description><![CDATA[232वीं रैंक के साथ प्रिया कुमारी ने यूपीएससी में रचा इतिहासफुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की बेटी ने बढ़ाया पटना का मान फुलवारी शरीफ। अजीत।। कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सेल्फ स्टडी के दम पर फुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की बेटी प्रिया कुमारी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 232वीं रैंक हासिल कर परिवार, गांव और पूरे इलाके का नाम रोशन किया है. परिणाम आने के बाद गांव में खुशी का माहौल है और लोगों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया.प्रिया के छोटे भाई प्रिंस कुमार बेंगलुरु में मैकेनिकल इंजीनियर हैं. परिवार के अन्य सदस्यों और भाइयों प्रकाश कुमार और शौर्य शर्मा ने भी उनकी तैयारी के दौरान हर कदम पर सहयोग किया. परिणाम आने के बाद महमदपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई. बड़ी संख्या में गांव और आसपास के लोग प्रिया के घर पहुंचकर बधाई देने लगे. लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की. ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बेटी ने पूरे इलाके का मान बढ़ाया है और यह गांव की पहली लड़की है जिसने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए नई प्रेरणा दी है. प्रिया कुमारी के पिता राम नारायण सिंह सारण के बेला दरियापुर स्थित रेल चक्का कारखाना में टेक्नीशियन ग्रेड-वन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुजानती देवी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं. दादा विजय नारायण शर्मा राजस्व कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हैं. परिवार में शिक्षा का माहौल होने के कारण बचपन से ही प्रिया को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>232वीं रैंक के साथ प्रिया कुमारी ने यूपीएससी में रचा इतिहास<br>फुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की बेटी ने बढ़ाया पटना का मान</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ। अजीत।। कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सेल्फ स्टडी के दम पर फुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की बेटी प्रिया कुमारी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया 232वीं रैंक हासिल कर परिवार, गांव और पूरे इलाके का नाम रोशन किया है. परिणाम आने के बाद गांव में खुशी का माहौल है और लोगों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया.प्रिया के छोटे भाई प्रिंस कुमार बेंगलुरु में मैकेनिकल इंजीनियर हैं. परिवार के अन्य सदस्यों और भाइयों प्रकाश कुमार और शौर्य शर्मा ने भी उनकी तैयारी के दौरान हर कदम पर सहयोग किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="651" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-pass-232-rank-priya-with-family-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95467" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-pass-232-rank-priya-with-family-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-pass-232-rank-priya-with-family-650x413.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>परिणाम आने के बाद महमदपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई. बड़ी संख्या में गांव और आसपास के लोग प्रिया के घर पहुंचकर बधाई देने लगे. लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की. ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बेटी ने पूरे इलाके का मान बढ़ाया है और यह गांव की पहली लड़की है जिसने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए नई प्रेरणा दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="844" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-rank232-priya-phulwari-sharif.jpg" alt="" class="wp-image-95469" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-rank232-priya-phulwari-sharif.jpg 844w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-rank232-priya-phulwari-sharif-650x444.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 844px) 100vw, 844px" /></figure>



<p>प्रिया कुमारी के पिता राम नारायण सिंह सारण के बेला दरियापुर स्थित रेल चक्का कारखाना में टेक्नीशियन ग्रेड-वन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुजानती देवी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं. दादा विजय नारायण शर्मा राजस्व कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हैं. परिवार में शिक्षा का माहौल होने के कारण बचपन से ही प्रिया को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया गया.<br>प्रिया कुमारी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई डीएवी वाल्मी से की. इसके बाद उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2021 से पेसिफिक न्यूज प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी कर रही हैं. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी. उन्होंने बताया कि कई जगहों पर कोचिंग भी की, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने सेल्फ स्टडी पर ही सबसे अधिक भरोसा किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="820" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-priya-232-rank-upsc2025.jpg" alt="" class="wp-image-95466" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-priya-232-rank-upsc2025.jpg 820w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-priya-232-rank-upsc2025-650x457.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 820px) 100vw, 820px" /></figure>



<p>प्रिया ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने 2021 में सीएस फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया 21वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन उन्हें उससे संतुष्टि नहीं मिली. उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए कुछ बड़ा करने का था. इसी उद्देश्य से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और आखिरकार मेहनत रंग लाई.<br>प्रिया कुमारी ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं. उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि कोचिंग और नोट्स उपयोगी होते हैं, लेकिन सफलता का सबसे बड़ा आधार सेल्फ स्टडी है. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब का भी सही तरीके से उपयोग करें और नियमित पढ़ाई जारी रखें.<br>पिता राम नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया. उन्होंने हमेशा बच्चों की शिक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया और अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया. उन्होंने कहा कि बेटी की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है.<br>मां सुजानती देवी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटियों पर भरोसा करें, उन्हें पढ़ने और अपने सपने पूरे करने का मौका दें. बेटियों को आगे बढ़ने की आजादी दी जाए तो वे परिवार और समाज दोनों का नाम रोशन कर सकती हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="649" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-232rank-priya-with-family-phulwari-sharif-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95465" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-232rank-priya-with-family-phulwari-sharif-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-upsc-232rank-priya-with-family-phulwari-sharif-650x412.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>दादा विजय नारायण शर्मा ने इस सफलता के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि प्रिया शुरू से ही मेहनती रही है और कई परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुकी थी, लेकिन वह हमेशा और बेहतर करना चाहती थी. परिवार ने हमेशा उसे संघर्ष जारी रखने की प्रेरणा दी और आज उसका परिणाम सबके सामने है.</p>
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