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	<title>Udyog &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>राज्य में बनेंगे 11 मेगा पार्क, सभी जिलों में फूड पार्क बनाने का भी सीएम ने दिया निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:39:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि औद्योगिक विकास से बिहार समृद्धि के रास्ते पर बढ़ेगा, इसके माध्यम से ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य में 11 मेगा पार्क एवं सभी 38 जिलों में फूड पार्क बनायें. औद्योगिक विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें, 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें. बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करें. राज्य में संसाधन की कमी नहीं है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित &#8216;संकल्प सभागार&#8217; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों से विचार-विमर्श करें, उनके सुझावों पर अमल करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनायें. उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए</strong></p>



<p><strong>औद्योगिक विकास के लिए 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें</strong></p>



<p>पटना।। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि औद्योगिक विकास से बिहार समृद्धि के रास्ते पर बढ़ेगा, इसके माध्यम से ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है. उन्होंने कहा कि राज्य में 11 मेगा पार्क एवं सभी 38 जिलों में फूड पार्क बनायें. औद्योगिक विकास के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें, 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक बनायें. बिहार को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करें. राज्य में संसाधन की कमी नहीं है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="570" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1000950058-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97026" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1000950058-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/1000950058-650x362.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को लोक सेवक आवास स्थित &#8216;संकल्प सभागार&#8217; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की.</p>



<p>समीक्षा बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिए चलायी जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति तथा भावी कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="538" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97031" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-industries-department-Samiksha-by-cm-650x341.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों, उद्यमियों से विचार-विमर्श करें, उनके सुझावों पर अमल करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को &#8216;ईज ऑफ डुइंग बिजनेस&#8217; के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनायें. उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां एवं सुविधाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाये ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो. ग्राम स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा दें. स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित करें. फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम०एस०एम०ई०) क्षेत्रों में काफी संभावनायें हैं, इसको ध्यान में रखते हुये इस पर तेजी से कार्य करें. बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य करें। स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत कर युवाओं के लिये नये अवसर सृजित किये जाएं. उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="774" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-97029" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-cm-samrat-chaudhary-11-650x491.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्योगों के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करें. सभी जिलों के जिलाधिकारी भूमि अधिग्रहण के लिये लोगों से बात करें और उनकी भूमि का उचित मूल्य देकर उन्हें सहमत करायें. उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित प्रोत्साहन (इंसेंटिव) समय पर उपलब्ध करायें.</p>



<p>इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, निदेशक, एमएसएमई अमन समीर, निदेशक, हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विद्यानंद सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>5 साल में 50 लाख करोड़ के निवेश की योजना पर काम शुरू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/udyog-high-level-meeting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Dec 2025 15:50:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar industry]]></category>
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		<category><![CDATA[Industry in bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Udyog]]></category>
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					<description><![CDATA[सीएम नीतीश कुमार ने की उद्योग विभाग की समीक्षा पटना।। बिहार सरकार ने सूबे में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रयास शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1, अणे मार्ग स्थित &#8216;संकल्प&#8217; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अगले पांच वर्ष में राज्य के औद्योगिक विकास हेतु तैयार की गयी कार्य योजना प्रस्तुत की. इस दौरान उन्होंने दो दशक की औद्योगिक विकास गाथा, प्रमुख औद्योगिक इकाईयों, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025, बिहार में उद्यमिता एवं स्वरोजगार हेतु प्रयास, आगामी पांच वर्षों के लिये &#8216;बिहार औद्योगिक संकल्प&#8217; सहित अन्य महत्त्वपूर्ण बिंदुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यहां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जायेगा. आधुनिक फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ 5 नये मेगा फूड पार्क स्थापित किये जायेंगे 10 औद्योगिक पार्क एवं 100 एम०एस०एम०ई० पार्कों का विकास किया जायेगा. उद्योग प्रासंगिक कौशल और उद्यमिता में अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा. डोभी, गयाजी में 1700 एकड़ में फैले इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना प्रक्रिया को तीव्र गति से बढ़ाया जा रहा है. राज्य के 29 जिलों में फैले 14036 एकड़ क्षत्र में इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के जैसे 31 नये अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे. पूर्वी भारत का नया &#8216;टेक हब&#8217; बनेगा बिहार बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब बनाने के उद्देश्य से डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी एवं फिनटेक सिटी की स्थापना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सीएम नीतीश कुमार ने की उद्योग विभाग की समीक्षा </strong></p>



<p>पटना।। बिहार सरकार ने सूबे में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रयास शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1, अणे मार्ग स्थित &#8216;संकल्प&#8217; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="587" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573276-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93374" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573276-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573276-650x373.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अगले पांच वर्ष में राज्य के औद्योगिक विकास हेतु तैयार की गयी कार्य योजना प्रस्तुत की. इस दौरान उन्होंने दो दशक की औद्योगिक विकास गाथा, प्रमुख औद्योगिक इकाईयों, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025, बिहार में उद्यमिता एवं स्वरोजगार हेतु प्रयास, आगामी पांच वर्षों के लिये &#8216;बिहार औद्योगिक संकल्प&#8217; सहित अन्य महत्त्वपूर्ण बिंदुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यहां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जायेगा. आधुनिक फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ 5 नये मेगा फूड पार्क स्थापित किये जायेंगे  10 औद्योगिक पार्क एवं 100 एम०एस०एम०ई० पार्कों का विकास किया जायेगा. उद्योग प्रासंगिक कौशल और उद्यमिता में अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा. डोभी, गयाजी में 1700 एकड़ में फैले इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना प्रक्रिया को तीव्र गति से बढ़ाया जा रहा है. राज्य के 29 जिलों में फैले 14036 एकड़ क्षत्र में इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के जैसे 31 नये अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे.</p>



<p><strong>पूर्वी भारत का नया &#8216;टेक हब&#8217; बनेगा बिहार</strong></p>



<p>बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब बनाने के उद्देश्य से डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी एवं फिनटेक सिटी की स्थापना हेतु कार्य योजना के निर्माण तथा उसके कार्यान्वयन के सतत अनुश्रवण के लिए शीर्ष समिति का गठन किया गया है. साथ ही बिहार को एक &#8216;वैश्विक Back end-Hub&#8217; एवं &#8216;ग्लोबल वर्क प्लेस&#8217; के रूप में विकसित एवं स्थापित करने हेतु कार्य योजना बनाकर उसके कार्यान्वयन के लिए सतत अनुश्रवण करने के लिए एक शीर्ष समिति का गठन किया गया है. इसके अलावा प्रतिभाशाली युवाओं एवं उद्यमियों को राज्य अंतर्गत स्टार्टअप एवं अन्य न्यू एज इकोनॉमी प्रक्षेत्र के रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को विस्तारित करने हेतु कार्य योजना बनाकर उसके कार्यान्वयन एवं सतत अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="796" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573277.jpg" alt="" class="wp-image-93363" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573277.jpg 796w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573277-650x353.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 796px) 100vw, 796px" /></figure>



<p>गयाजी के डोभी में लगभग 1,700 एकड़ में फैले Integrated Manufacturing Cluster (IMC) की स्थापना प्रक्रिया को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही उसका शुभारंभ भी कर दिया जाएगा. राज्य के 29 जिलों के 14,036 एकड़ भूमि पर फैले Integrated Manufacturing Cluster (IMC) मॉडल की तर्ज पर 31 नए अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 10 सेक्टर-विशेष पार्क जैसे कि टेक्सटाइल पार्क, फार्मा पार्क आदि शामिल होंगे. राज्य में तीव्र औद्योगिक विकास पर कुल 26,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.</p>



<p>बिहार में अब उद्योगों की स्थापना के लिये सभी गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचनायें उपलब्ध हैं, जैसे- अच्छे सड़क मार्ग, रेलवे एवं हवाई मार्ग से अच्छी सम्पर्कता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति। राज्य में कानून का राज स्थापित है एवं विधि व्यवस्था की स्थिति काफी बेहतर है। साथ ही हमलोग यह भी सुनिश्चित करेंगे कि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए किसी मजबूरी में राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेl</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="543" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573278-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93362" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573278-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573278-650x345.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000573278-1536x815.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की तेज आर्थिक तरक्की और रोजगार पैदा करने के लिए वृहद पैमाने पर औद्योगीकरण का होना जरूरी है. बिहार सरकार ने इस दिशा में काफी काम किया है. औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या जो वर्ष 2005 में 46 थी, वह बढ़कर अब वर्ष 2025 में 94 हो गयी है. औद्योगिक इकाईयों की संख्या वर्ष 2005 में 1674 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 3500 हो गयी है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में बिहार से औद्योगिक उत्पादों का निर्यात जो मात्र 25 करोड़ रूपये था, वह बढ़कर वर्ष 2025 में 17 हजार करोड़ रूपये हो गया है. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की संख्या 2005 के मुकाबले 72 हजार से बढ़कर 2025 में 35 लाख हो गयी है और बिहार के GSDP में उद्योगों का योगदान वर्ष 2005 के 5.4 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 21 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है. यह सरकार द्वारा बिहार के औद्योगिक विकास हेतु किये गये प्रयासों को दर्शाता है.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज 1, अणे मार्ग स्थित &#39;संकल्प&#39; में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।<br><br>माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि किसी भी राज्य की तेज आर्थिक तरक्की और रोजगार पैदा करने के लिए वृहद… <a href="https://t.co/YuC4ybmjfG">pic.twitter.com/YuC4ybmjfG</a></p>&mdash; IPRD Bihar (@IPRDBihar) <a href="https://twitter.com/IPRDBihar/status/1997304404601713084?ref_src=twsrc%5Etfw">December 6, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार को भारत के शीर्ष पांच निवेश अनुकूल राज्यों में सम्मिलित करने हेतु उद्योग विभाग देश-दुनिया के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में निवेशक सम्मेलनों का आयोजन करेगा, ताकि बड़े से बड़े उद्योगों को आकर्षित किया जा सके. हमलोगों ने अगले 5 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है. इसके तहत Ease of Doing Business (EoDB) को बढ़ावा देना, आधुनिक फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ 5 नए मेगा फूड पार्क स्थापित करना, राज्य में 10 औद्योगिक पार्क एवं 100 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम पार्कों को विकसित करना, उद्योग-प्रासंगिक कौशल एवं उद्यमिता में 7 लाख लोगों को प्रशिक्षित करना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय की स्थापना एवं सभी जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र स्थापित करना शामिल है. इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार की सुविधा उपलब्ध कराना प्रमुख है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बंद उद्योगों को मिलेगा दोबारा शुरू करने का मौका</title>
		<link>https://www.patnanow.com/biada-amnesty-policy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Aug 2025 13:11:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[Udyog]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 19 अगस्त।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर चल रही मुकदमेबाजी को कम करना और मुकदमेबाजी पर खर्च हो रहे पैसे और समय को बचाना है. इसके साथ ही वैसी इकाइयां जो काफी समय से बंद या खाली पड़ी हैं, उनकी औद्योगिक भूमि को फिर से उद्योग के काम में लाना है. इससे बंद पड़ी उद्योगों को दोबारा शुरू करने का मौका दिया जाएगा. यह नीति 31 दिसंबर 2025 तक लागू होगी. सरल शब्दों में कहा जाए तो बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 उन उद्योगों को मौका देती है जिनका आवंटन विवादों या काम न होने की वजह से अटक गया है. इस नीति से वे अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उद्योग चला सकते हैं, जिससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. बिहार में उद्योग से जुड़ी मुकदमेबाजी लगातार बढ़ रही है. इससे उद्योग लगाने में परेशानी होती है, इसलिए यह नीति एक समाधान के रूप में लाई गई है. इसके तहत जो इकाइयां इस नीति का लाभ लेना चाहती हैं, वे स्वेच्छा से आगे आ सकती हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे उद्योग शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएं. इससे औद्योगिक विकास होगा और लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे. पिछले कुछ सालों में बियाडा ने देखा कि कई औद्योगिक इकाइयां या तो बिल्कुल काम नहीं कर रही थीं, या बहुत कम उत्पादन कर रही थीं. इस पर बियाडा ने इन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>बियाडा ने जारी की एमनेस्टी नीति</strong></li>



<li><strong>31 दिसंबर 2025 तक लागू</strong></li>
</ul>



<p>पटना, 19 अगस्त।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर चल रही मुकदमेबाजी को कम करना और मुकदमेबाजी पर खर्च हो रहे पैसे और समय को बचाना है. इसके साथ ही वैसी इकाइयां जो काफी समय से बंद या खाली पड़ी हैं, उनकी औद्योगिक भूमि को फिर से उद्योग के काम में लाना है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada.png" alt="" class="wp-image-59835" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada-350x197.png 350w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>इससे बंद पड़ी उद्योगों को दोबारा शुरू करने का मौका दिया जाएगा. यह नीति 31 दिसंबर 2025 तक लागू होगी. सरल शब्दों में कहा जाए तो बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 उन उद्योगों को मौका देती है जिनका आवंटन विवादों या काम न होने की वजह से अटक गया है. इस नीति से वे अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उद्योग चला सकते हैं, जिससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="984" height="620" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production.jpg" alt="" class="wp-image-91460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production.jpg 984w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production-650x410.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 984px) 100vw, 984px" /></figure>



<p>बिहार में उद्योग से जुड़ी मुकदमेबाजी लगातार बढ़ रही है. इससे उद्योग लगाने में परेशानी होती है, इसलिए यह नीति एक समाधान के रूप में लाई गई है. इसके तहत जो इकाइयां इस नीति का लाभ लेना चाहती हैं, वे स्वेच्छा से आगे आ सकती हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे उद्योग शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएं. इससे औद्योगिक विकास होगा और लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे.</p>



<p>पिछले कुछ सालों में बियाडा ने देखा कि कई औद्योगिक इकाइयां या तो बिल्कुल काम नहीं कर रही थीं, या बहुत कम उत्पादन कर रही थीं. इस पर बियाडा ने इन इकाइयों का निरीक्षण किया और नोटिस जारी किए. कारण बताओ नोटिस प्राप्त होने या कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर विभिन्न इकाइयों का आवंटन रद्द कर दिया गया. इसके परिणामस्वरूप कई शिकायतें दर्ज की गईं.</p>



<p>संपूर्ण तथ्यों पर विचार करने और इस बात पर विचार करने के बाद कि बहुत अधिक मुकदमेबाजी हुई है, इस पर विचार किया गया कि एक नीति बनाई जाए जिसके तहत रद्द की गई इकाइयों को उद्योग स्थापित करने और एक निश्चित समयावधि के भीतर परीक्षण के अधीन अथवा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के लिए माफी दी जाएगी जो निर्धारित शपथ पत्र, प्रशासनिक प्रभार, लागू शुल्क और बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर निर्भर करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-650x432.jpg" alt="" class="wp-image-24168" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption class="wp-element-caption">BIA PRESIDENT KPS KESHRI (File)</figcaption></figure>



<p><strong>बीआईए ने बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 का किया स्वागत</strong></p>



<p>पटना, 19 अगस्त। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की ओर से जारी की गई एमनेस्टी पॉलिसी – 2025 का बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने स्वागत किया है.<br>एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि बीआईए सरकार से यह मांग करता रहा है कि जिन औद्योगिक इकाइयों का संचालन किसी परिस्थिति के कारण बंद हो गया था और जिनका भू-आवंटन बियाडा ने रद्द कर दिया, लेकिन इकाई प्रबंधन उन्हें फिर से शुरू करने का इच्छुक है, उन्हें एक और अवसर मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में राज्य के औद्योगिक विकास के संबंध में बंद पड़े उद्योगों को अपना उद्योग शुरू करने के लिए दोबारा मौका दिए जाने की घोषणा की थी. उसी घोषणा के अनुपालन में बियाडा ने अब एमनेस्टी पॉलिसी 2025 अधिसूचित कर दी है.</p>



<p>नीति के अनुसार, उन सभी इकाइयों जिनका भूखंड किसी तीसरे पक्ष को आवंटित ना हुआ हो और भू आवंटन रद्द कर दिया गया है, को मौका दिया जाएगा.केपीएस केशरी ने कहा कि यह कदम निश्चित रूप से बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा और बिहार में औद्योगिकरण को गति देगा. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन भूखंडों का आवंटन पहले ही किसी तीसरे पक्ष को हो चुका है, उन्हें उसी औद्योगिक क्षेत्र में अन्य उपयुक्त भूखंड देकर या किसी और तरीके से भरपाई की जाए.</p>



<p>बीआईए अध्यक्ष ने यह भी बताया कि संगठन ने इस नीति को लेकर कई व्यवहारिक सुझाव दिए थे, जिनमें से अधिकांश को पॉलिसी में शामिल किया गया है. हालांकि बैंक गारंटी की शर्त पर उनकी सहमति नहीं थी, लेकिन उनका मानना है कि यह प्रावधान उन उद्यमियों के लिए है जो वास्तव में अपने प्रोजेक्ट के प्रति गंभीर रुचि रखते हैं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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