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	<title>tweet &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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		<title>एक्टर पंकज त्रिपाठी की अंदर की बात आ गई सामने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Oct 2021 15:12:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
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					<description><![CDATA[ट्वीट कर कहा दूसरों को तुच्छ न समझें अपने से जूनियर को ग़ुलाम और स्वयं को मालिक समझ लेना दुःखद है पटना: किसी भी संस्था में अपने से जूनियर को ग़ुलाम और स्वयं को मालिक समझ लेना दुःखद है. अपनी सोच समझ को श्रेष्ठ और दूसरों को तुच्छ समझना दुःखद है. जूनियर, सीनियर से परे लोग एक दूसरे को सहकर्मी क्यों नहीं स्वीकार कर पाते हैं? अपनी महत्वकांक्षाओं के लिए सहकर्मियों को उनके निजी जीवन, उनके हॉबी की आहुति देने पर क्यों मजबूर कर देते हैं? आपके सहकर्मी एक रिसोर्स के साथ एक ह्यूमन भी तो हैं ना! लोगों के जीवन मे उत्साह घोलने की जगह अनावश्यक तनाव क्यों घोलना है? सेहतमंद वर्क कल्चर आपको नहीं भी मिला हो तो आप इसकी शुरुआत कर सकते हैं ना! याद रखिए नौकरी जीवन के लिए हैं, जीवन नौकरी के लिए नहीं है। आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस है। जागरूक हों और समाज मे अपना योगदान सुनिश्चित करने का प्रयास करें. प्रख्यात अभिनेता बिहार के लाल पंकज त्रिपाठी की दिल की बात आज सामने आ गई है उन्होंने लोगों से बिना भेद भाव ,जूनियर सीनियर से अलग काम करने की अपील की है। पंकज त्रिपाठी अपने बेबाकी बात के लिए जाने जाते हैं । अपने ट्वीट के जरिए देश के लोगों से अपील की है और कई सवाल भी पूछे हैंपंकज त्रिपाठी के इस ट्वीट को सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है.खास कर रंगकर्मियों के बीच इस ट्वीट को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। आपके क्या विचार हैं हमें [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br><strong>ट्वीट कर कहा दूसरों को तुच्छ न समझें</strong></p>



<p><strong>अपने से जूनियर को ग़ुलाम और स्वयं को मालिक समझ लेना दुःखद है</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="483" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/FB_IMG_1633873387079.jpg" alt="" class="wp-image-56147" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/FB_IMG_1633873387079.jpg 483w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/FB_IMG_1633873387079-282x350.jpg 282w" sizes="(max-width: 483px) 100vw, 483px" /><figcaption><strong>अभिनेता पंकज त्रिपाठी का त्रिपाठी का ट्वीट </strong></figcaption></figure>



<p>पटना: <em>किसी भी संस्था में अपने से जूनियर को ग़ुलाम और स्वयं को मालिक समझ लेना दुःखद है. अपनी सोच समझ को श्रेष्ठ और दूसरों को तुच्छ समझना दुःखद है. जूनियर, सीनियर से परे लोग एक दूसरे को सहकर्मी क्यों नहीं स्वीकार कर पाते हैं? अपनी महत्वकांक्षाओं के लिए सहकर्मियों को उनके निजी जीवन, उनके हॉबी की आहुति देने पर क्यों मजबूर कर देते हैं? आपके सहकर्मी एक रिसोर्स के साथ एक ह्यूमन भी तो हैं ना! लोगों के जीवन मे उत्साह घोलने की जगह अनावश्यक तनाव क्यों घोलना है? सेहतमंद वर्क कल्चर आपको नहीं भी मिला हो तो आप इसकी शुरुआत कर सकते हैं ना! याद रखिए नौकरी जीवन के लिए हैं, जीवन नौकरी के लिए नहीं है।</em></p>



<p><strong>आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस है। जागरूक हों और समाज मे अपना योगदान सुनिश्चित करने का प्रयास करें.</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="566" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1010_192626.jpg" alt="" class="wp-image-56148" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1010_192626.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/10/Screenshot_2021_1010_192626-350x305.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>अभिनेता पंकज त्रिपाठी</strong></figcaption></figure>



<p>प्रख्यात अभिनेता बिहार के लाल पंकज त्रिपाठी की दिल की बात आज सामने आ गई है उन्होंने लोगों से बिना भेद भाव ,जूनियर सीनियर से अलग काम करने की अपील की है। पंकज त्रिपाठी अपने बेबाकी बात के लिए जाने जाते हैं । अपने ट्वीट के जरिए देश के लोगों से अपील की है और कई सवाल भी पूछे हैं<br>पंकज त्रिपाठी के इस ट्वीट को सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है.खास कर रंगकर्मियों के बीच इस ट्वीट को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। आपके क्या विचार हैं हमें भेजें  या कमेंट करें </p>



<p><a href="mailto:editor@patnanow.com" target="_blank" rel="noreferrer noopener">editor@patnanow.com</a> </p>



<p></p>
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		<title>जनगणना को जातिगत बनाने पर लालू का फिर से जोर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/laloo-yadav-ne-janganana-ko-jatigat-bnane-par-fir-se-jor-diya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Dec 2019 15:54:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Caste Census]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[tweet]]></category>
		<category><![CDATA[जातीय जनगणना]]></category>
		<category><![CDATA[लालू प्रसाद यादव]]></category>
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					<description><![CDATA[रांची (ब्युरो रिपोर्ट) &#124; पर देशभर में NRC &#8211; NPR पर जारी बहस के बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को ट्वीट कर इसे जातिगत जनगणना बनाने पर फिर से जोर दिया। राजद नेता लालू प्रसाद ने कहा कि जातिगत जनगणना में आखिर केंद्र सरकार को क्या दिक्कत है? लालू ने अपने ट्वीट में ये लिखा है &#8211;“कथित NPR, NRC और 2021 की भारतीय जनगणना पर लाखों करोड़ खर्च होंगे। सुना है NPR में अनेकों अलग-2 कॉलम जोड़ रहे है लेकिन इसमें जातिगत जनगणना का एक कॉलम और जोड़ने में क्या दिक्कत है?‬ ‪क्या 5000 से अधिक जातियों वाले 60% अनगिनत पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदू नहीं है जो आप उनकी गणना नहीं चाहते?‬ अगर पिछड़ों-अतिपिछड़ों की जातीय जनगणना नहीं होगी तो उन वर्गों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक उत्थान एवं कल्याण के लिए योजनाएँ कैसे बनेगी? बजट का प्रावधान कैसे होगा?आप जनगणना में कुत्ता-बिल्ली, हाथी-घोड़ा, सुअर-चीता सब गिनते है। सभी धर्मों के लोगों को गिनते है लेकिन पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदुओं को नहीं गिनते? क्यों? क्योंकि पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदू संख्याबल में सबसे ज़्यादा है। उन्हें डर है कि अगर पिछड़े हिंदुओं की आबादी के सही आँकड़े आ गए तो लोग उन आँकड़ों के आधार पर जागरुक होकर अपना हक़ माँगने लगेंगे। बहुसंख्यक हिंदुओं को पता लग जाएगा कि आरएसएस का नागपुरिया गैंग उन बहुसंख्यक हिंदुओं के सभी हक़-अधिकारों का हनन कर पिछड़े हिंदुओं का सारा हिस्सा खा रहा है। साथियों, मुस्लिम तो बहाना है, दलित-पिछड़ा असल निशाना है। हमने तत्कालीन मनमोहन सरकार से 2010 में जातीय जनगणना को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-laloo-yadav-on-npr.png" alt="" class="wp-image-42744" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-laloo-yadav-on-npr.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-laloo-yadav-on-npr-350x153.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>रांची (ब्युरो रिपोर्ट) </strong>| पर देशभर में NRC &#8211; NPR पर जारी बहस के बीच  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को ट्वीट कर इसे जातिगत जनगणना बनाने पर फिर से जोर दिया। राजद नेता लालू प्रसाद ने कहा कि जातिगत जनगणना में आखिर केंद्र सरकार को क्या दिक्कत है?</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="586" height="481" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-laloo-tweet-on-npr.png" alt="" class="wp-image-42742" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-laloo-tweet-on-npr.png 586w, https://www.patnanow.com/assets/2019/12/patna-now-laloo-tweet-on-npr-350x287.png 350w" sizes="(max-width: 586px) 100vw, 586px" /></figure>



<p>लालू ने अपने ट्वीट में ये लिखा है &#8211;<br><em>“कथित NPR, NRC और 2021 की भारतीय जनगणना पर लाखों करोड़ खर्च होंगे। सुना है NPR में अनेकों अलग-2 कॉलम जोड़ रहे है लेकिन इसमें जातिगत जनगणना का एक कॉलम और जोड़ने में क्या दिक्कत है?‬<br> ‪क्या 5000 से अधिक जातियों वाले 60% अनगिनत पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदू नहीं है जो आप उनकी गणना नहीं चाहते?‬ अगर पिछड़ों-अतिपिछड़ों की जातीय जनगणना नहीं होगी तो उन वर्गों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक उत्थान एवं कल्याण के लिए योजनाएँ कैसे बनेगी? बजट का प्रावधान कैसे होगा?<br>आप जनगणना में कुत्ता-बिल्ली, हाथी-घोड़ा, सुअर-चीता सब गिनते है। सभी धर्मों के लोगों को गिनते है लेकिन पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदुओं को नहीं गिनते? क्यों? क्योंकि पिछड़े-अतिपिछड़े हिंदू संख्याबल में सबसे ज़्यादा है। उन्हें डर है कि अगर पिछड़े हिंदुओं की आबादी के सही आँकड़े आ गए तो लोग उन आँकड़ों के आधार पर जागरुक होकर अपना हक़ माँगने लगेंगे। बहुसंख्यक हिंदुओं को पता लग जाएगा कि आरएसएस का नागपुरिया गैंग उन बहुसंख्यक हिंदुओं के सभी हक़-अधिकारों का हनन कर पिछड़े हिंदुओं का सारा हिस्सा खा रहा है।<br> साथियों, मुस्लिम तो बहाना है, दलित-पिछड़ा असल निशाना है। हमने तत्कालीन मनमोहन सरकार से 2010 में जातीय जनगणना को स्वीकृति दिलवाई थी लेकिन उसपर हज़ारों करोड़ खर्च करने के बाद वर्तमान सरकार ने वो सारे आँकड़े छुपा लिए और उन्हें कभी सार्वजनिक नहीं किया। हमारी पार्टी सड़क से संसद तक यह लड़ाई लड़ती रहेगी।&#8221;</em><br>बताते चलें कि इन दिनों नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पूरे देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. देश में कई जगहों पर इसके खिलाफ हिंसा देखने को मिली है. इस कारण, कई राज्यों में इंटरनेट बंद किया गया तथा इसको लेकर कदम उठाए गए हैं. विपक्ष दल लगातार इसके खिलाफ आंदोलन किए जा रहे हैं. <br>ज्ञातव्य है, लालू यादव चारा घोटाला के मामले में रांची में जेल की सजा काट रहे हैं. इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से वे रांची के एक अस्पताल में भर्ती हैं. </p>
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