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	<title>Training &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>अनुशासनिक कार्रवाई में सीसीए रूल से तय होगा नैसर्गिक न्याय का रास्ता: मुख्य जांच आयुक्त</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gad-janch-ayukt-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 00:03:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। सरकारी सेवक के खिलाफ दर्ज अनुशासनिक कार्रवाई कई बार न्यायालय से प्रक्रिया में त्रुटि के कारण खारिज हो जाती है. इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि संचालन या प्रस्तुतिकरण अधिकारी प्रकरण की जांच और कार्रवाई में सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 2005 के प्रावधानों का ठीक ढंग से पालन नहीं करते. ये बातें गुरुवार को महानिदेशक-सह- मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने सरकारी विभागों और कार्यालयों में पदास्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कही. वह पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आयोजित अनुशासनिक कार्यवाही से संबंधित उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. दीपक कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी सेवक के खिलाफ लगे आरोपों में न्यायालय अक्सर दो महत्वपूर्ण बातों को संज्ञान में लेते हैं. इसमें पहले उक्त सरकारी सेवक के खिलाफ नैसर्गिक न्याय का अनुपालन हुआ कि नहीं और दूसरा अनुशासनिक कार्रवाई में सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील (सीसीए) नियमावली 2005 के तकनीकी पक्षों का ख्याल रखा गया है कि नहीं. उन्होंने बताया कि सरकारी सेवक के खिलाफ दर्ज प्रकरण में सीसीए रूल का पालन करने से नैसर्गिक न्याय का खुद-ब-खुद अनुपालन होगा. महानिदेशक-सह- मुख्य जांच आयुक्त ने कहा कि सचिवालय में पदस्थापित पदाधिकारियों की भूमिका सामान्य रूप से बदलती रहती है. इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि सेवावार सभी पदाधिकारियों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित किया जाए. इसी के तहत पहले चरण में सचिवालय में पदस्थापित भारतीय प्रशासनिक सेवा के 109 पदाधिकारियों को अनुशासनिक कार्यवाही को लेकर प्रशिक्षित किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>सचिवालय में पदास्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के 249 पदाधिकारियों को मिला प्रशिक्षण</strong></li>



<li><strong>प्रशिक्षण में बिहार सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के प्रावधानों से कराया गया रूबरू</strong></li>
</ul>



<p>पटना।। सरकारी सेवक के खिलाफ दर्ज अनुशासनिक कार्रवाई कई बार न्यायालय से प्रक्रिया में त्रुटि के कारण खारिज हो जाती है. इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि संचालन या प्रस्तुतिकरण अधिकारी प्रकरण की जांच और कार्रवाई में सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 2005 के प्रावधानों का ठीक ढंग से पालन नहीं करते. ये बातें गुरुवार को महानिदेशक-सह- मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने सरकारी विभागों और कार्यालयों में पदास्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कही. वह पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आयोजित अनुशासनिक कार्यवाही से संबंधित उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865075-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96316" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865075-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865075-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865075-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>दीपक कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी सेवक के खिलाफ लगे आरोपों में न्यायालय अक्सर दो महत्वपूर्ण बातों को संज्ञान में लेते हैं. इसमें पहले उक्त सरकारी सेवक के खिलाफ नैसर्गिक न्याय का अनुपालन हुआ कि नहीं और दूसरा अनुशासनिक कार्रवाई में सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील (सीसीए) नियमावली 2005 के तकनीकी पक्षों का ख्याल रखा गया है कि नहीं. उन्होंने बताया कि सरकारी सेवक के खिलाफ दर्ज प्रकरण में सीसीए रूल का पालन करने से नैसर्गिक न्याय का खुद-ब-खुद अनुपालन होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865080-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96318" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865080-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865080-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865080-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>महानिदेशक-सह- मुख्य जांच आयुक्त ने कहा कि सचिवालय में पदस्थापित पदाधिकारियों की भूमिका सामान्य रूप से बदलती रहती है. इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि सेवावार सभी पदाधिकारियों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित किया जाए. इसी के तहत पहले चरण में सचिवालय में पदस्थापित भारतीय प्रशासनिक सेवा के 109 पदाधिकारियों को अनुशासनिक कार्यवाही को लेकर प्रशिक्षित किया गया. दूसरे फेज में गुरुवार को सचिवालय में पदास्थापित बिहार प्रशासनिक सेवा के 249 पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865076-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96319" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865076-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865076-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000865076-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर प्रशिक्षक सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव सतीश तिवारी ने सीसीए रूल के संवैधानिक और उसके पृष्ठभूमि से प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों को रूबरू कराया. उन्होंने आपराधिक मामलों में विशेषतौर पर रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े जाने एवं अनुप्रत्यानुपातिक धनोपार्जन के मामले में आरोप पत्र गठन की प्रक्रिया के साथ ही अनुशासनिक कार्रवाई के हर चरण को विस्तार से बताया. अन्य गणमान्य लोगों में प्रशिक्षक के रूप में सेवा निवृत्त संयुक्त सचिव शालिग्राम पांडेय, मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय से संयुक्त सचिव अमरेश कुमार अमर, उप सचिव आशुतोष कुमार आदि मौजूद रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>जनगणना 2027 के लिए 3 लाख कर्म होंगे प्रशिक्षित, जानिए कैसे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/census-training-starts/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Feb 2026 06:55:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[Census 2027]]></category>
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					<description><![CDATA[डिजिटल मोड में जनगणना 2027, 33 बिंदुओं पर होगा सर्वे, 3 लाख कर्मी होंगे प्रशिक्षित पटना।। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और घर-घर सर्वेक्षण के लिए मास्टर ट्रेनरों के पहले बैच का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण मंगलवार को शस्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में प्रारंभ हो गया.जनगणना कार्य निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 48 मास्टर ट्रेनर भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के निदेशक एम रामचंद्रुडू ने कहा कि जनगणना 2027 देश का एक विशाल राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें पूरे देश में 32 लाख से अधिक लोग कार्य करेंगे. बिहार में यह संख्या तीन लाख से ऊपर होगी. इन सभी कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी राज्य के 140 मास्टर ट्रेनरों पर है. उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर इस प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. यदि वे विषयवस्तु को सही ढंग से नहीं समझेंगे तो इसका प्रभाव पूरे जिले पर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि चार दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर तैयार मॉड्यूल के आधार पर संचालित किया जा रहा है, ताकि पहले चरण के मकान सूचीकरण से जुड़ी हर विधा में प्रतिभागियों को दक्ष बनाया जा सके. दूसरा चरण, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। साथ ही इसके लिए अलग से प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा. देशहित का कार्य पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से लें प्रशिक्षण: अपर सचिवनिदेशक ने बताया कि मकान सूचीकरण और घर घर सर्वेक्षण के दौरान 33 बिंदुओं पर जानकारी संकलित की जाएगी। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>डिजिटल मोड में जनगणना 2027, 33 बिंदुओं पर होगा सर्वे, 3 लाख कर्मी होंगे प्रशिक्षित</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>पटना में पहले बैच का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्रारंभ</strong></li>



<li><strong>डिजिटल और सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम से पूरी प्रक्रिया की होगी मॉनिटरिंग</strong></li>
</ul>



<p>पटना।। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और घर-घर सर्वेक्षण के लिए मास्टर ट्रेनरों के पहले बैच का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण मंगलवार को शस्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में प्रारंभ हो गया.जनगणना कार्य निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 48 मास्टर ट्रेनर भाग ले रहे हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-census-2027-training-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95211" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-census-2027-training-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-census-2027-training-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के निदेशक एम रामचंद्रुडू ने कहा कि जनगणना 2027 देश का एक विशाल राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें पूरे देश में 32 लाख से अधिक लोग कार्य करेंगे. बिहार में यह संख्या तीन लाख से ऊपर होगी. इन सभी कर्मियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी राज्य के 140 मास्टर ट्रेनरों पर है. उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर इस प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. यदि वे विषयवस्तु को सही ढंग से नहीं समझेंगे तो इसका प्रभाव पूरे जिले पर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि चार दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर तैयार मॉड्यूल के आधार पर संचालित किया जा रहा है, ताकि पहले चरण के मकान सूचीकरण से जुड़ी हर विधा में प्रतिभागियों को दक्ष बनाया जा सके. दूसरा चरण, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। साथ ही इसके लिए अलग से प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="796" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-93213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 796w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department-650x627.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 796px) 100vw, 796px" /></figure>



<p><strong>देशहित का कार्य पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से लें प्रशिक्षण: अपर सचिव</strong><br>निदेशक ने बताया कि मकान सूचीकरण और घर घर सर्वेक्षण के दौरान 33 बिंदुओं पर जानकारी संकलित की जाएगी। आमजन को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे वे मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें. इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग CMMS के माध्यम से की जाएगी. उन्होंने इसे देशहित का कार्य बताते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से प्रशिक्षण लेने और आगे जिलों में प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया. इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण है तथा सभी मास्टर ट्रेनरों को इसे छात्र की तरह ग्रहण करना चाहिए. किसी भी प्रकार की शंका को तत्काल पूछकर स्पष्ट कर लेना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में होगी और कंपाइल शीट बनाने की आवश्यकता नहीं होगी. सभी जानकारियां ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी, जो फिलहाल डेवलपिंग स्टेज में है और समय-समय पर इसकी जानकारी साझा की जाती रहेगी. जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक संजीव कुमार साव, अरुण मुंडा, निरंजन कुमार तथा सहायक निदेशक अंगद सिंह ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया. इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सहायक निदेशक सुधांशु शेखर, अमरेंद्र कुमार, सुमित कुमार आनंद, सुधीर कुमार ओंकारा, सुजाता प्रत्यूष सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="1013" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-deputy-cm-and-revenue-minister-2-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95209" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-deputy-cm-and-revenue-minister-2-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/pnc-vijay-sinha-deputy-cm-and-revenue-minister-2-650x643.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>जनगणना केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ : उपमुख्यमंत्री</strong><br>उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ है. यह देश की विकास नीतियों, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और भविष्य की योजनाओं के वैज्ञानिक निर्धारण का मूल आधार बनती है. बिहार में लगभग तीन लाख कर्मियों की भागीदारी और 140 मास्टर ट्रेनरों की जिम्मेदारी इस अभियान के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है. डिजिटल मोड में मकान सूचीकरण और 33 बिंदुओं पर विस्तृत सर्वेक्षण की प्रक्रिया पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी. सेन्सस मैनेजमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) के माध्यम से निगरानी व्यवस्था इसे और अधिक प्रभावी बनायेगी। मैं सभी मास्टर ट्रेनरों और जनगणना से जुड़े कर्मियों से आह्वान करता हूं कि वे इसे राष्ट्रीय कर्तव्य और जनसेवा का अवसर मानते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें. बिहार इस राष्ट्रीय अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश के सामने एक आदर्श स्थापित करेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पहल: जीवन रक्षा कौशल के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bsdma-master-trainer-training/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Sep 2024 17:31:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[Swimming]]></category>
		<category><![CDATA[Training]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान में चलाए जा रहे &#8216;सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम&#8217; के 21वें बैच के पर्यवेक्षण और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करने के लिए शुक्रवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत और सदस्य पी. एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र सिंह, और प्रकाश कुमार ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया. प्राधिकरण द्वारा ‘सुरक्षित तैराकी’ कार्यक्रम के 21वें बैच (17-25 सितंबर) के अंतर्गत बेगूसराय जिले के बलिया, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, और बछवारा प्रखंड के कुल 27 प्रशिक्षु 9 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत तैराकी न जानने वाले या तैराकी का अल्पज्ञान रखने वाले 6-18 वर्ष आयु वर्ग के बालक/बालिकाओं को तैराकी सिखाने और जीवनरक्षा कौशल विकसित करने हेतु &#8220;मास्टर ट्रेनर्स&#8221; के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न हितधारकों के सहयोग से तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल में तैराकी की विभिन्न तकनीकें, डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के विभिन्न उपाय, जलवायु परिवर्तन, सर्पदंश प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, घरेलू संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट बनाने और उसके उपयोग की जानकारी दी जा रही है. इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि हमें प्रकृति से गहरा प्रेम करना चाहिए और जल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है. इसलिए, जैसे नदियों में जल हमेशा प्रवाहित रहता है, वैसे ही आपको भी प्रवाहमान रहना चाहिए. उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे सभी तैराकों से &#8216;बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय&#8217; के सिद्धांत पर कार्य करने की अपील की और उन्हें यहाँ अर्जित ज्ञान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान में चलाए जा रहे &#8216;सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम&#8217; के 21वें बैच के पर्यवेक्षण और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करने के लिए शुक्रवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत और सदस्य पी. एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र सिंह, और प्रकाश कुमार ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया.</p>



<p>प्राधिकरण द्वारा ‘सुरक्षित तैराकी’ कार्यक्रम के 21वें बैच (17-25 सितंबर) के अंतर्गत बेगूसराय जिले के बलिया, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, और बछवारा प्रखंड के कुल 27 प्रशिक्षु 9 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इस कार्यक्रम के तहत तैराकी न जानने वाले या तैराकी का अल्पज्ञान रखने वाले 6-18 वर्ष आयु वर्ग के बालक/बालिकाओं को तैराकी सिखाने और जीवनरक्षा कौशल विकसित करने हेतु &#8220;मास्टर ट्रेनर्स&#8221; के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है.</p>



<p>मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न हितधारकों के सहयोग से तैयार किए गए प्रशिक्षण मॉड्यूल में तैराकी की विभिन्न तकनीकें, डूबते हुए व्यक्ति को बचाने के विभिन्न उपाय, जलवायु परिवर्तन, सर्पदंश प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सीपीआर, घरेलू संसाधनों से इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट बनाने और उसके उपयोग की जानकारी दी जा रही है.</p>



<p>इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने कहा कि हमें प्रकृति से गहरा प्रेम करना चाहिए और जल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है. इसलिए, जैसे नदियों में जल हमेशा प्रवाहित रहता है, वैसे ही आपको भी प्रवाहमान रहना चाहिए. उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे सभी तैराकों से &#8216;बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय&#8217; के सिद्धांत पर कार्य करने की अपील की और उन्हें यहाँ अर्जित ज्ञान के माध्यम से समाज की सहायता करने की प्रतिज्ञा दिलवाई. उन्होंने तैराकों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया और समाज में दूसरों की मदद करने का दायित्व सौंपा.</p>



<p>सदस्य पी. एन. राय ने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को सुरक्षित तैराकी के प्रति जागरूक करें. उन्होंने कहा, &#8220;आपकी जिम्मेदारी है कि डूबने जैसी घटनाओं में पहले स्वयं को सुरक्षित करें और फिर दूसरों को डूबने से बचाएं. आप स्कूलों, पंचायतों और स्थानीय संगठनों में जाकर जागरूकता फैलाएं. डूबने से बचाव के लिए यह आपकी प्रमुख जिम्मेदारी है.&#8221;</p>



<p>प्राधिकरण के सदस्य नरेंद्र सिंह ने कहा कि &#8220;आप जो प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उसे गांव-गांव तक पहुंचाएं और लोगों को जागरूक करें. यह आपका दायित्व है कि समाज में डूबने की घटनाओं को कम करने में भागीदारी सुनिश्चित करें.&#8221;</p>



<p>कार्यक्रम का मंच संचालन प्राधिकरण के &#8216;सुरक्षित तैराकी&#8217; कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. जीवन कुमार ने किया. इस अवसर पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलवाहन संस्थान के निदेशक और प्राचार्य सहित तैराकी प्रशिक्षक एवं प्राधिकरण के जनसम्पर्क पदाधिकारी उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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