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	<title>TRAI &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>ट्राई के अनुसार, रेवन्यू मार्केट शेयर में भी ये बिहार-झारखंड में नंबर वन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/trai-says-jio-number-one-in-bihar-jharkhand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Nov 2019 10:48:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना / रांची (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; रिलायंस जियो 4.4 % की बढ़त के साथ बिहार सर्किल में नंबर-वन टेल्कम ऑपरेटर बनी हुई है. 30 सितंबर को खत्म हुई दूसरी तिमाही पर जारी ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले जियो का रेवन्यू मार्केट शेयर 4.4 फीसदी बढ़कर 55.7  % से 60.1 % जा पहुँचा है. पहली तिमाही में एजीआर 872.51 करोड़ था जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 924.92 करोड़ हो गया है. ग्रॉस रेवन्यू यानी सकल राजस्व में भी रिलायंस जियो पिछले एक साल में 36 फीसदी से 43.2 फीसदी तक जा पहुँचा है. दूसरी तिमाही में 1154 करोड़ के ग्रॉस रेवन्यू कलेक्शन साथ बिहार टेल्कम सर्किल आन्ध्रप्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरे पायदान पर है. देशभर में जियो के आरएमएस यानी रेवन्यू मार्केट शेयर के लिहाज से बिहार सर्किल छठे मुकाम पर है. ट्राई के इस रिपोर्ट के अनुसार बिहार सर्किल में भारती एयरटेल दूसरी तिमाही में 2.3 फीसदी नुकसान के साथ 33.3 फीसदी से घटकर 31 फीसदी पर आ गयी है. पहली तिमाही में एयरटेल का एजीआर 521.13 करोड़ था जो दूसरी तिमाही में घटकर 476.84 करोड़ रह गया है. आरएमएस में तीसरे नंबर पर कायम वोडा-आइडिया को भी इस दौरान 2.3 फीसदी का नुकसान हुआ है. एजीआर का आँकड़ा 9 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी आ पहुँचा है. वोडा-आइडिया को पहली तिमाही में 141.6 करोड़ की आय हुयी थी जो दूसरी तिमाही में घटकर 102.68 करोड़ रह गयी है. ट्राई के एजीआर रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सर्किल में BSNL समेत दूसरे [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="340" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/11/Adobe_Post_20191127_1616350.04984625543854526.png" alt="" class="wp-image-42338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/11/Adobe_Post_20191127_1616350.04984625543854526.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/11/Adobe_Post_20191127_1616350.04984625543854526-350x183.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना / रांची (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| रिलायंस जियो 4.4 % की बढ़त के साथ बिहार सर्किल में नंबर-वन टेल्कम ऑपरेटर बनी हुई है. 30 सितंबर को खत्म हुई दूसरी तिमाही पर जारी ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले जियो का रेवन्यू मार्केट शेयर 4.4 फीसदी बढ़कर 55.7  % से 60.1 % जा पहुँचा है. पहली तिमाही में एजीआर 872.51 करोड़ था जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 924.92 करोड़ हो गया है. ग्रॉस रेवन्यू यानी सकल राजस्व में भी रिलायंस जियो पिछले एक साल में 36 फीसदी से 43.2 फीसदी तक जा पहुँचा है. दूसरी तिमाही में 1154 करोड़ के ग्रॉस रेवन्यू कलेक्शन साथ बिहार टेल्कम सर्किल आन्ध्रप्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरे पायदान पर है. देशभर में जियो के आरएमएस यानी रेवन्यू मार्केट शेयर के लिहाज से बिहार सर्किल छठे मुकाम पर है.<br> ट्राई के इस रिपोर्ट के अनुसार बिहार सर्किल में भारती एयरटेल दूसरी तिमाही में 2.3 फीसदी नुकसान के साथ 33.3 फीसदी से घटकर 31 फीसदी पर आ गयी है. पहली तिमाही में एयरटेल का एजीआर 521.13 करोड़ था जो दूसरी तिमाही में घटकर 476.84 करोड़ रह गया है.<br> आरएमएस में तीसरे नंबर पर कायम वोडा-आइडिया को भी इस दौरान 2.3 फीसदी का नुकसान हुआ है. एजीआर का आँकड़ा 9 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी आ पहुँचा है. वोडा-आइडिया को पहली तिमाही में 141.6 करोड़ की आय हुयी थी जो दूसरी तिमाही में घटकर 102.68 करोड़ रह गयी है.<br> ट्राई के एजीआर रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सर्किल में BSNL समेत दूसरे ऑपरेटर को .2 फीसदी का फायदा हुआ है. पहली तिमाही में एजीआर 30.91 करोड़ था जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 34.34 हो गया है.<br> मुश्किलों से जूझ रहे टेल्कम सेक्टर की दिग्गज कपनियों के मुकाबले तीन साल पुरानी रिलायंस जियो की बढ़त जारी है. किफायती प्लान और विस्तृत नेटवर्क के कारण सीएमएस यानी कंज्यूमर मार्केट शेयर और आरएमएस यानी रेवन्यू मार्केट शेयर में जियो का जलवा कायम है.<br> ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में आरएमएस के पैमाने पर रिलायंस जियो वायरलेस सर्विस में 44.8 % हिस्सेदारी के साथ नंबर वन बना हुआ है. एयरटेल 27.1 % शेयर के साथ दूसरे नंबर पर है। 23.2 % हिस्सेदारी के साथ वोडा-आइडिया तीसरे नंबर पर है.</p>
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		<title>बुरी खबर : 9 अक्टूबर से Jio से अन्य पर किए गए कॉल पर IUC का करना होगा भुगतान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/iuc-to-be-charged-by-jio-for-making-calls-to-other-network/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Oct 2019 11:44:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ग्राहक को मिलेगा IUC टॉप-अप वाउचर के मूल्य के बराबर का डेटा फ्रीJIO उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहींटर्मिनेशन शुल्क खत्म करने के फैसले पर ट्राई द्वारा पुनर्विचार करने के बाद Jio शुल्क लेने को बाध्यIUC के जीरो होने तक ही टॉप-अप वाउचर के माध्यम से टर्मिनेशन शुल्क लिया जाएगापिछले तीन वर्षों में Jio ने अन्य ऑपरेटरों को IUC शुल्क के रूप में लगभग 13,500 करोड़ रुपये का किया भुगतानमुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; जियो का नेटवर्क इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बुरी खबर है. जियो अपने नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर किये गए कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट IUC (इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज) लेगा. इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है. जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है. दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं.कंपनी ने बयान में कहा कि जब तक किसी कंपनी को अपने उपभोक्ताओं द्वारा किसी अन्य नेटवर्क पर फोन करने के एवज में भुगतान करना होगा, तब तक उपभोक्ताओं से यह शुल्क लिया जाएगा. कंपनी ने कहा कि जियो के फोन या लैंडलाइन पर कॉल करने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही व्हाट्सऐप और फेसटाइम समेत इस तरह के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="255" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-Jio-to-charge-iuc-650x255.png" alt="" class="wp-image-41601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-Jio-to-charge-iuc.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/10/pnc-Jio-to-charge-iuc-350x137.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><em><strong>ग्राहक को मिलेगा IUC टॉप-अप वाउचर के मूल्य के बराबर का डेटा फ्री<br>JIO उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं<br>टर्मिनेशन शुल्क खत्म करने के फैसले पर ट्राई द्वारा पुनर्विचार करने के बाद Jio शुल्क लेने को बाध्य<br>IUC के जीरो होने तक ही टॉप-अप वाउचर के माध्यम से टर्मिनेशन शुल्क लिया जाएगा<br>पिछले तीन वर्षों में Jio ने अन्य ऑपरेटरों को IUC शुल्क के रूप में लगभग 13,500 करोड़ रुपये का किया भुगतान</strong></em><br><strong>मुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| जियो का नेटवर्क इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बुरी खबर है. जियो अपने नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर किये गए कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट IUC (इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज) लेगा. इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज या IUC एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है. जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब  IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है. दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं.<br>कंपनी ने बयान में कहा कि जब तक किसी कंपनी को अपने उपभोक्ताओं द्वारा किसी अन्य नेटवर्क पर फोन करने के एवज में भुगतान करना होगा, तब तक उपभोक्ताओं से यह शुल्क लिया जाएगा.<br> कंपनी ने कहा कि जियो के फोन या लैंडलाइन पर कॉल करने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसके साथ ही व्हाट्सऐप और फेसटाइम समेत इस तरह के अन्य मंचों से किये गये फोन कॉल पर भी शुल्क नहीं लगेगा.<br>जियो नेटवर्क की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 2011 से बार-बार यह कहा है कि IUC शुल्क शून्य किया जाना चाहिए. ट्राई ने कहा था कि जनवरी, 2020 तक इसे समाप्त कर दिया जाएगा. लेकिन अब ट्राई ने इस बारे में परामर्श पत्र जारी किया है. इस परामर्श पत्र ने अनिश्चितता पैदा कर दी है और Jio को मजबूर कर दिया है कि अपनी अनिच्छा के बावजूद वह सभी ऑफ-नेट मोबाइल वॉयस कॉल के लिए 6 पैसे प्रति मिनट के इस नियामक शुल्क को वसूले। यह वसूली खासकर तब तक, जब तक IUC शुल्क मौजूद हैं. इस कारण जियो पहली बार अपने उपभोक्ताओं से कॉल का शुल्क लेने वाली है. अभी तक जियो के उपभोक्ताओं को सिर्फ डेटा का शुल्क देना होता था.</p>



<p>If you want the IUC to go to zero …sign the petition …#ZEROIUC<br>
http://chng.it/8qSLr6wK</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>जियो का 4जी नेटवर्क वोडा-आइडिया और एयरटेल के जॉइन्ट 4जी नेटवर्क से भी बड़ा – ट्राई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/trai-says-4g-network-of-jio-biggest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Sep 2019 15:35:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना / मुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; 4जी नेटवर्क बढ़ाने के बड़े बड़े वायदे करने वाले वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल, ट्राई के हालिया रिलिज किए गए आंकड़ों में फिसड्डी साबित हुए हैं. वोडा-आइडिया का हाल सबसे बुरा है. वोडा-आइडिया 4जी नेटवर्क को बढ़ाने के मामले में अपने प्रतिद्वंदी एयरटेल और जियो से काफी पीछे छूट गई है. ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक जून 2019 में रिलायंस जियो के 4जी ई-नोड्स (एंटीना) की संख्या 7 लाख 86 हजार के करीब थी. वहीं एयरटेल और वोडा-आइडिया के पास क्रमश: 3 लाख 26 हजार और 1 लाख 75 हजार 4जी ई-नोड्स थे. ई-नोड्स को अक्सर मोबाइल टॉवर पर लगाया जाता है. यह एक ऐसा उपकरण होता है जिसका इस्तेमाल 4जी नेटवर्क के लिए किया जाता है.ट्राई के मुताबिक 4जी नेटवर्क पर ग्राहक को सबसे अधिक स्पीड तो मिलती ही है डेटा की खपत का अधिकांश भाग भी 4जी नेटवर्क पर ही होता है. 4जी नेटवर्क की बढ़ती मांग को देखकर कंपनियां भी अपना नेटवर्क मजबूत करना चाहती हैं. जिस कंपनी के पास जितने अधिक 4जी ई-नोड्स होते है उसका नेटवर्क उतना ही मजबूत माना जाता है.इस मामले में जियो अपने प्रतिद्वंदी कंपनियों से कहीं आगे है. जियो लगातार अपना 4जी नेटवर्क मजूबत कर रहा है. एयरटेल ने भी पिछले एक साल में कुछ तेजी दिखाई है. वोडा-आइडिया 4जी नेटवर्क की इस रेस में बहुत पीछे छूट गई है.एक साल पहले यानी जून 2018 में जियो के ई-नोड्स की तादाद 5 लाख 34 हजार के करीब थी. एयरटेल के पास इस समय 1 लाख 86 हजार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>पटना / मुंबई (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | 4जी नेटवर्क बढ़ाने के बड़े बड़े वायदे करने वाले वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल, ट्राई के हालिया रिलिज किए गए आंकड़ों में फिसड्डी साबित हुए हैं. वोडा-आइडिया का हाल सबसे बुरा है. वोडा-आइडिया 4जी नेटवर्क को बढ़ाने के मामले में अपने प्रतिद्वंदी एयरटेल और जियो से काफी पीछे छूट गई है.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-TRAI-data-report-650x366.png" alt="" class="wp-image-41226" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-TRAI-data-report.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/pnc-TRAI-data-report-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक जून 2019 में रिलायंस जियो के 4जी ई-नोड्स (एंटीना) की संख्या 7 लाख 86 हजार के करीब थी. वहीं एयरटेल और वोडा-आइडिया के पास क्रमश: 3 लाख 26 हजार और 1 लाख 75 हजार 4जी ई-नोड्स थे. ई-नोड्स को अक्सर मोबाइल टॉवर पर लगाया जाता है. यह एक ऐसा उपकरण होता है जिसका इस्तेमाल 4जी नेटवर्क के लिए किया जाता है.<br>ट्राई के मुताबिक 4जी नेटवर्क पर ग्राहक को सबसे अधिक स्पीड तो मिलती ही है डेटा की खपत का अधिकांश भाग भी 4जी नेटवर्क पर ही होता है. 4जी नेटवर्क की बढ़ती मांग को देखकर कंपनियां भी अपना नेटवर्क मजबूत करना चाहती हैं. जिस कंपनी के पास जितने अधिक 4जी ई-नोड्स होते है उसका नेटवर्क उतना ही मजबूत माना जाता है.<br>इस मामले में जियो अपने प्रतिद्वंदी कंपनियों से कहीं आगे है. जियो लगातार अपना 4जी नेटवर्क मजूबत कर रहा है. एयरटेल ने भी पिछले एक साल में कुछ तेजी दिखाई है. वोडा-आइडिया 4जी नेटवर्क की इस रेस में बहुत पीछे छूट गई है.<br>एक साल पहले यानी जून 2018 में जियो के ई-नोड्स की तादाद 5 लाख 34 हजार के करीब थी. एयरटेल के पास इस समय 1 लाख 86 हजार और वोडा-आइडिया के पास 1.52 लाख के करीब ई- नोड्स मौजूद थे.<br>पिछले साल भर में जहां रिलायंस जियो ने अपने 4जी नेटवर्क को मजबूत करते हुए 2 लाख 12 हजार ई-नोड्स जोड़े. अपने 4जी नेटवर्क को स्ट्ऱॉग बताने का दावा करने वाले एयरटेल ने साल भर में 1.4 लाख और वोडाफोन-आइडिया ने मात्र 23 हजार ई-नोड्स ही 4जी नेटवर्क में जोड़े. यानी दोनों कंपनियों ने मिलकर भी जियो से करीब 50 हजार ई-नोड्स कम जोड़ पाई.<br>जियो को सबसे बेहतरीन माने जाने वाले 4जी नेटवर्क में बढ़त हासिल है. इसे ट्राई के अगस्त 2019 के 4जी डाउनलोड स्पीड के आंकड़ों से समझा जा सकता है. अगस्त में एयरटेल की औसत 4जी डाउनलोड स्पीड थी 8.2 एमबीपीएस, वोडाफोन की 7.7 एमबीपीएस, आइडिया की 6.1 एमबीपीएस वहीं रिलायंस जियो की 4जी डाउनलोड स्पीड कई गुना अधिक 21.3 एमबीपीएस दर्ज की गई थी.</p>
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