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		<title>वह मंच जो पड़ा सब पर भारी, अब है बिहार की बारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Feb 2023 07:22:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[उद्योग मंत्री ने किया GTRI 3.0 में शिरकत एकाग्रता के हिसाब से बिहार को नही मिला उसका हक : उद्योग मंत्री पोएट डिप्लोमेट अभय कुमार के &#8220;बिहारी लिटरेचर&#8217; किताब का हुआ विमोचन कई योजनाओं और नए आइडिया पर मंथन के साथ बाद हुआ कार्यक्रम का समापन पटना, 26 फरवरी. दुनिया भर में अपने विजनेस और स्टार्ट अप से अपनी पहचान बनाने वाले बिहारियों को एक जगह पर इकठ्ठा करने वाला GTRI अपने तीसरे आयोजन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा मंच बनकर उभरा जो बिहारियों पर प्रचलित कहावत एक बिहारी सब पर भारी जैसा प्रतीत होने लगा. मतलब GTRI अबतक के उन तमाम ऐसे आयोजनों पर भारी पड़ रहा है जो इस तरह के आयोजन से एक दूसरे से जुड़े रहते है. अब इस मंच पर आए लोगों से बिहार को बहुत उम्मीदें हैं. अब बिहार इन बिहारियों पर टकटकी लगाए अपनी बारी के इंतजार में है. दुनिया भर से बिहारी शख्सियतों को एक मंच पर लाने वाले कार्यक्रम GTRI 3.0 के दूसरे दिन का शुभारंभ किताब के विमोचन से हुआ. कार्यक्रम के संचालक ने सबको सम्बोधित करते हुए कहा कि बातों का व्यापारी मैं शैलेश आप सभी का स्वगत करता हूँ और इसी सम्बोधन के साथ अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया. स्थानीय लेमन ट्री प्रीमियर होटल में मुख्य अतिथि के रुप मे आये माननीय उद्योग मंत्री बिहार सरकार समीर कुमार महासेठ ने किताब &#8216;बिहारी लिटरेचर&#8217; का विमोचन कर किया. मुख्य अतिथि को डालमिया कॉरपोरेट हेड राजेश कुमार ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया. किताब का लेखन अभय कुमार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>उद्योग मंत्री ने किया GTRI 3.0 में शिरकत</strong></p>



<p><strong>एकाग्रता के हिसाब से बिहार को नही मिला उसका हक : उद्योग मंत्री</strong></p>



<p><strong>पोएट डिप्लोमेट अभय कुमार के &#8220;बिहारी लिटरेचर&#8217; किताब का हुआ विमोचन</strong></p>



<p><strong>कई योजनाओं और नए आइडिया पर मंथन के साथ बाद हुआ कार्यक्रम का समापन</strong></p>



<p>पटना, 26 फरवरी. दुनिया भर में अपने विजनेस और स्टार्ट अप से अपनी पहचान बनाने वाले बिहारियों को एक जगह पर इकठ्ठा करने वाला GTRI अपने तीसरे आयोजन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा मंच बनकर उभरा जो बिहारियों पर प्रचलित कहावत एक बिहारी सब पर भारी जैसा प्रतीत होने लगा. मतलब GTRI अबतक के उन तमाम ऐसे आयोजनों पर भारी पड़ रहा है जो इस तरह के आयोजन से एक दूसरे से जुड़े रहते है. अब इस मंच पर आए लोगों से बिहार को बहुत उम्मीदें हैं. अब बिहार इन बिहारियों पर टकटकी लगाए अपनी बारी के इंतजार में है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="282" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-01-1.jpg" alt="" class="wp-image-71864" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-01-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-01-1-350x152.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>दुनिया भर से बिहारी शख्सियतों को एक मंच पर लाने वाले कार्यक्रम GTRI 3.0 के दूसरे दिन का शुभारंभ किताब के विमोचन से हुआ. कार्यक्रम के संचालक ने सबको सम्बोधित करते हुए कहा कि बातों का व्यापारी मैं शैलेश आप सभी का स्वगत करता हूँ और इसी सम्बोधन के साथ अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया. स्थानीय लेमन ट्री प्रीमियर होटल में मुख्य अतिथि के रुप मे आये माननीय उद्योग मंत्री बिहार सरकार समीर कुमार महासेठ ने किताब &#8216;बिहारी लिटरेचर&#8217; का विमोचन कर किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-001.jpg" alt="" class="wp-image-71866" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-001.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-001-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-001-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p> मुख्य अतिथि को डालमिया कॉरपोरेट हेड राजेश कुमार ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया. किताब का लेखन <strong>अभय कुमार</strong> (DDG, ICCR, G20,Poet Diplomat) ने लिखी है और वे विमोचन के इस दौरान मुख्य अतिथि के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-samir-mahaseth-with-Abhay-kr-2.jpg" alt="" class="wp-image-71867" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-samir-mahaseth-with-Abhay-kr-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-samir-mahaseth-with-Abhay-kr-2-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p><strong>एकाग्रता के हिसाब से बिहार को नही मिला उसका हक : उद्योग मंत्री</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="286" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahadev-n-Vikas-Vaibhav.jpg" alt="" class="wp-image-71872" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahadev-n-Vikas-Vaibhav.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahadev-n-Vikas-Vaibhav-350x154.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस मौके पर बोलते हुए बिहार सरकार के उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत कितनी विशाल है ये किताब इसका प्रमाण है. पुराने समय में जो बिहार, बंगाल और उड़ीसा का बनावट था उसे बांटने का काम जो हुआ वो ठीक नही हुआ. उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के मंदिरों से भी पुराना इतिहास है हमारे शिलालेखों का. यहाँ जब मंदिर बनेंगे तो वहां से ज्यादा भीड़ होगी यहाँ देखने के लिए. लेकिन हम बनावट में कमजोर हैं. हमारे साथ सौतेला बर्ताव होता आया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="351" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahaseth-minister.jpg" alt="" class="wp-image-71869" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahaseth-minister.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahaseth-minister-350x189.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार की एकाग्रता के हिसाब से यदि उसका हक मिलता तो आज ये हाल नही रहता. उन्होंने एक कहानी सुनाते हुए कहा कि एक राजा ने एक व्यक्ति को महल घूमने की आजादी इस शर्त पर दिया कि सिर पर तेल से भरा एक घड़ा बर्तन लेकर घूमना होगा और यदि तेल का एक बूंद भी उसके शरीर पर गिरा तो सिर कलम कर दिया जाएगा. वह व्यक्ति पूरा महल घूमने के बाद राजा के समक्ष पेश किया जाता है. राजा पूछते हैं कि बताओ कैसा लगा महल तो उस व्यक्ति ने कहा कि तेल छलकने पर सिर कलम करने का जो आपने आदेश दिया था इसकी वजह से पूरे समय महल घूमने के दौरान ध्यान तेल के बर्तन पर ही रहा, महल को घुमा तो लेकिन ध्यान से देख ही नही पाया. उन्होंने इस कहानी को बिहार और बिहारियों के संदर्भ में कहा. उन्होंने व्यापार पर चर्चा करते हुए कहा कि ब्रेक इवन पॉइंट से बाहर निकलने पर ही प्रॉफिट होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जबतक हमारे मिट्टी के लोग ये नही प्रण नही करेंगे कि उन्हें अपने मिट्टी के लिए कुछ करना है तो बिहार का विकास नही हो सकता.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="292" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-samir-mahaseth-with-Abhay-kr.jpg" alt="" class="wp-image-71870" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-samir-mahaseth-with-Abhay-kr.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-samir-mahaseth-with-Abhay-kr-350x157.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कर्यक्रम के पहले सत्र में <strong>अभय कुमार</strong> (<em><strong>DDG, ICCR, G20,Poet </strong></em><strong><em>Diploma</em>t</strong>) और <em><strong>CIMP के डायरेक्टर</strong></em> <strong>डॉ राणा सिंह </strong>को आमंत्रित किया गया. किताब पर चर्चा करते हुए उन्होंने अभय कुमार से पूछा कि इतिहास और अतीत के पन्नो ने उन्हें क्या इंस्पायर किया. इतिहास और कल्चर किसने ज्यादा प्रेरित किया. इसपर जवाब देते हुए अभय कुमार ने कहा कि मैं मगही क्षेत्र से हूँ. मैं मगही किताब ढूंढता था तो नही मिलती थी तो मैंने कविता लिखी और वह जो प्रकशित हुई तब लोगों ने बताया कि मगही में बहुत सी रचनाये हैं. फिर मैंने मगही पर काम शुरू किया फिर उसके अलावां मैने बाकी भोजपुरी, अंगिका, बज्जिका, जैसे कई भाषाओं को एक साथ पिरोने का काम शुरू किया. फिर इस किताब की परिकल्पना की 2021 में. मेरी अज्ञानता ने मुझे इस किताब के लिए प्रेरित किया. रामधारी सिंह दिनकर जी की रश्मि रथी ने सबसे ज्यादा प्रेरित किया. विद्यापति के किताबों का अनुवाद किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="288" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Abhay-kumar-n-Rana-ji.jpg" alt="" class="wp-image-71871" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Abhay-kumar-n-Rana-ji.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Abhay-kumar-n-Rana-ji-350x155.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>तकनीक ही दे सकता अफोर्डेबल एजुकेशन</strong></p>



<p>दूसरा सत्र में बतौर वक्ता <strong><em>विकास वैभव</em></strong> (IG पुलिस और अपराध अनुसंधान), <strong><em>डॉ राणा सिंह</em></strong> (डायरेक्टर-CIMP), <strong><em>रवि प्रकाश</em></strong> (डायरेक्टर, प्राइमरी एजुकेशन, GoB), और <strong><em>पंकज कुमार</em></strong> (कार्यकारी एडिटर,TV9 भारतवर्ष) रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="291" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahadev-n-Vikas-Vaibhav-01.jpg" alt="" class="wp-image-71873" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahadev-n-Vikas-Vaibhav-01.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-Samir-mahadev-n-Vikas-Vaibhav-01-350x157.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong><em>डॉ राणा सिंह</em></strong> ने विषय प्रवेश कराते हुए पैनल में शामिल लोगों से पूछा कि कैसे एजुकेशन को आसान बनाया जाए इसके लिए एजुकेशन काउंसिल,तकनीक और इंस्टिट्यूट को हमे आगे लाना होगा. ओपेन प्लेटफॉर्म लाना होंगा.</p>



<p>इसपर IPS <strong>विकास वैभव</strong> ने कहा कि तकनीक ही चेंज ला सकता है.अफोर्डेबल एजुकेशन तकनीक ही दे सकता है लेकिन बेहतर शिक्षक ही दे सकते हैं. कोविड के दौरान शुक्रगुजार हूँ कि तकनीक ने शिक्षा को जारी रखा. लेकिन ज्ञानी पुरुषों का रहना इसके लिए बहुत जरूरी है. बिहार वह भूमि है जहाँ ज्ञानियों की भरमार है. एजुकेशन के लिए शिक्षक कहीं के हों गांव या शहर ये मायने नही रखता बस बेहतर लोग चाहिए. उन्होंने कहा कि 4 साल पहले मैंने कुछ छात्रों से मिला तो जाना कि B.Tech की डबल डिग्री उनके पास हैं. ऐसे लोग ही एंटरप्रेन्योरशिप लेकर आ रहे हैं तो एजुकेशन का आना बेहतर है और इसमें थोड़ा समय लगेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="284" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2.jpg" alt="" class="wp-image-71874" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-350x153.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही बिहार सरकार के प्राइमरी एजुकेशन के डायरेक्टर <strong>रवि प्रकाश </strong>ने अफोर्डेबल एजुकेशन पर बात करते हुए बताया कि हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं अफोर्डेबल और बेटर एजुकेशन के लिए. इस दिशा में सरकार काम कर रही है. लेकिन जब तकनीक की बात होती है तो BYJUS जैसे प्राइवेट कंपनी की बात होती है. हम ई एजुकेशन पर काम कर रहे हैं. डाटा, डिवाइस और कॉंटेन्ट पर काम करना जरूरी है ताकि तकनीक का एजुकेशन में बेहतरीन उपयोग हो सके. हमने पिछले साल तकनीक के साथ कोलैबोरेशन कर एक एक्जाम कंडक्ट किया 6-8 तक के छात्रों के लिए एक छत्रवृति योजना लाकर और यह जानकर खुशी हुई कि 6 क्लास का छात्र HC वर्मा जैसी शख्सियत से बात कर रहे हैं.</p>



<p><strong>पंकज कुमार</strong> ने कहा कि देश में कई जगहों पर घूमने के दौरान एजुकेशन के कई पहलुओं को देखने को मिला. बिहार में बेहतर ब्रेन है लेकिन ये भी है कि एजुकेशन को लेकर जो कई दफा मजाक बनाया गया है वो भी याद रखना होगा. हमें ये देखना होगा कि एजुकेशन को बदलने के दौरान साइकिल,<br>पोशाक योजना और चरवाहा विद्यालय जैसे चेंज भी किये जा सकते हैं जिसको हमने देखा.</p>



<p><strong>निखिल नरेन</strong> ने बात करते हुए कहा कि पहले अफोर्डेबल एजुकेशन को कैसे बनाया जाए इसपर काम करना होगा. केवल मिड डे मील खाने आते हैं ऐसा नही है. PTR अच्छे होने चाहिए क़्वालिटी टीचर नियुक्त कर रहे हैं. इस पर आधरित समझ विकसित किया गया है. लर्निंग आउट कम पर फोकस हो हम एजुकेशन पर काम कर रहे हैं. क्लास 1-3 तक के छात्रों को 60 तक की गिनती पढ़ना नही आता है तो उसके लिए भी प्रोग्राम विकसित किया गया. निपुण पंचायत मिशन विकसित किया जा रहा है स्वच्छता मिशन की तरह ताकि बच्चे निपुण हो सके. ये अलग बात है परिणाम देर से आते हैं. ये अलग बात है कि कभी- कभी जल्दी परिणाम आते हैं.</p>



<p><strong>कृषि, टेक्सटाइल और फ़ूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र है बिहार</strong> : <strong>के सिद्धार्थ</strong></p>



<p>GTRI के मुख्य प्रेरणा स्त्रोत <em><strong>मुख्य सचिव बिहार सरकार</strong></em>, <strong>के. सिद्धार्थ</strong> विदेश में रहने की वजह से पहले दिन देर शाम को पहुँचे जिसकी वजह से पहले दिन उन्होंने मंच साझा नही किया. दूसरे दिन उन्होंने GTRI मंच पर अपने अविभाषण मे आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि GTRI एक अद्भुत मंच है.<br></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="286" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-vikas-vaibhav-Ravi-kumar-01.jpg" alt="" class="wp-image-71875" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-vikas-vaibhav-Ravi-kumar-01.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-vikas-vaibhav-Ravi-kumar-01-350x154.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मेहनत करने की क्षमता ही बिहार को अव्वल बनाता है. बिहार एक ऐसा जगह है जहाँ हर क्षेत्र में बेहतर करने की संभावनाएं भरी पड़ी हैं. जरूरत है सकरात्मक सोंच की. यहाँ जरूरत है वैसे सकरात्मक सोच वाले लोगों की जो अपनी मिट्टी के लिए निवेश की सोचते हों. यहां प्राइवेट सेक्टर के निवेश की जरूरत है. साथ ही जरूरत है बेहतर और उचित प्रशिक्षण की जिससे बेहतर कार्य प्रणाली को विकसित किया जा सके. बिहार कृषि , टेक्सटाइल और फ़ूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों की पॉलिसी में परिवर्तन कर सबके लिए आकर्षण का केंद्र बना है.</p>



<p><strong>स्टार्ट अप के लिए ब्रांडिंग और कस्टमर इनसाइट</strong></p>



<p>तृतीय सत्र में वक्ता के रूप में <strong>रवि रंजन</strong>, प्रेजेंटर ऑफ रॉयल फैमिली ऑफ दुबई, <strong>चैतन्य कुमार सुवनम</strong>, कंट्री हेड IDFC बैंक और <strong>शिवेश सिंह</strong>, कंट्री हेड(HR) बंधन बैंक मंच पर आसीन हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="352" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-vikas-vaibhav-n-Ravi-kumar.jpg" alt="" class="wp-image-71876" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-vikas-vaibhav-n-Ravi-kumar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI-3-day-2-vikas-vaibhav-n-Ravi-kumar-350x190.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>शिवेश सिंह</strong>, कंट्री हेड (HR) बंधन बैंक ने बिहार में उद्यमिता विकास पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि बंधन बैंक ने युवाओं को फण्ड करने के लिए आकर्षक योजनाओं को चला रही है. उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप का उद्देश्य समाज की समस्याओं पर काम करने का होना चाहिए, बंधन बैंक के पास कई प्रोडक्ट हैं जो बहुत सारे स्टार्ट अप फण्ड करती है.</p>



<p>आईडीफ़सी बैंक के कंट्री हेड, <strong>चैतन्य कुमार</strong> <strong>सुवनाम</strong> ने कहा कि स्टार्ट अप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रही है. रिस्क इवैल्यूएशन पैरामीटर्स को बैंक ने बदला है ताकि ज्यादा से ज्यादा फंड स्टार्ट अप को उनके बिज़नेस मॉडल को देख कर दिया जा सके.</p>



<p>वही <strong>रवि रंजन</strong> ने बताया कि कोई भी देश या राज्य उद्यमिता के बल पर ही आगे बढ़ सकती है. स्टार्ट अप के लिए ब्रांडिंग और कस्टमर इनसाइट की बहुत जरूरत है. इनोवेशन की जरूरत है एक सफल प्रोडक्ट बनाने की जरूरत है. अच्छे स्टार्ट फंडिंग के लिए आज बहुत सारे विकल्प खुले हैं. बैंकिंग प्रोडक्ट में भी कई इनोवेशन करने की जरूरत है.</p>



<p>कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन <strong>शैलेश कुमार</strong> ने किया. आयोजन को आयोजित करने वालों में क्यूरेटर अदिति नन्दन, वैशाली श्वेता, प्रत्यूष गौरव, देवेन्द्र सिंह, संध्या नंदन, दिव्यम आर्यन,राहुल कुशवाहा, और निखिल कुमार की विशेष भूमिका रही. दूसरे दिन भी तीन सत्र में कई नामी चेहरे देखने को मिलेंगे. तीन सत्र के बाद कार्यक्रम का समापन होगा.</p>



<p>पटना से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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			</item>
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		<title>क्या ! ये सब बिहारी हैं!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kya-ye-sab-bihari-hain/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Feb 2023 02:21:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दुनिया भर से जुटे बिहारियों का सबसे बड़ा मंच बना GTRI GTRI 3.0 में जुटे देश के दिग्गज कहा &#8211; &#8220;भगवान और बिहारी हर जगह मिलते हैं&#8221; पटना, 25 फरवरी. बिहार की राजधानी पटना में रविवार को दो दिवसीय एक ऐसा कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ जिसमें आने वाले सारे बिहारी ही थे. यही नही ये बिहारी देश में शीर्षस्थ कम्पनियों में अपने बेहतरीन काम के लिए ही नही बल्कि विश्व के कई देशों में अपने बेहतरीन काम के लिए जाने जाते हैं. जी हाँ हम बात कर रहे हैं GTRi (grand trunck Road Initiative) द्वारा आयोजित तीसरे साल के दो दिवसीय कार्यक्रम GTRI 3.0 की. GTRI 3.0 का शुभारंभ स्थानीय लेमन ट्री प्रीमियर होटल में रविवार को हुआ. 25-26 फरवरी तक चलने वाले देश के सबसे बड़े बिहारी प्रतिभाओं के इस कार्यक्रम के पहले दिन का उद्घाटन प्यूमा के प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली, CNN की पॉलिटिकल एडिटर, फेमस न्यूज एंकर और जीडी गोईनिका अवार्ड से सम्मानित प्रसिद्ध पत्रकार मरिया शकील, लीगल पे के मास्टरमाइंड CEO कुंदन शाही, ड्रूल्‌स के CEO डॉ. शशांक सिन्हा, रिलायंस ट्रेंड फुटवियर के CEO कुमार नितेश,बजाज ग्रुप के वॉयस प्रेजिडेंट नीरज झा, डालमिया ग्रुप के जीएम राजेश कुमार, प्रोफेसर नागेंद्र शर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि और GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. आये हुए अतिथियों का स्वागत GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने पुष्प गुच्छ देकर किया. पॉलिटिकल विल की वजह से नही बदल रहा बिहार कार्यक्रम के पहले दिन तीन सत्र हुए जिसमें पहले सत्र के वक्ता के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>दुनिया भर से जुटे बिहारियों का सबसे बड़ा मंच बना GTRI</strong></p>



<p><strong>GTRI 3.0 में जुटे देश के दिग्गज कहा &#8211; &#8220;भगवान और बिहारी हर जगह मिलते हैं&#8221;</strong></p>



<p>पटना, 25 फरवरी. बिहार की राजधानी पटना में रविवार को दो दिवसीय एक ऐसा कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ जिसमें आने वाले सारे बिहारी ही थे. यही नही ये बिहारी देश में शीर्षस्थ कम्पनियों में अपने बेहतरीन काम के लिए ही नही बल्कि विश्व के कई देशों में अपने बेहतरीन काम के लिए जाने जाते हैं. जी हाँ हम बात कर रहे हैं GTRi (grand trunck Road Initiative) द्वारा आयोजित तीसरे साल के दो दिवसीय कार्यक्रम GTRI 3.0 की. GTRI 3.0 का शुभारंभ स्थानीय लेमन ट्री प्रीमियर होटल में रविवार को हुआ. 25-26 फरवरी तक चलने वाले देश के सबसे बड़े बिहारी प्रतिभाओं के इस कार्यक्रम के पहले दिन का उद्घाटन प्यूमा के प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली, CNN की पॉलिटिकल एडिटर, फेमस न्यूज एंकर और जीडी गोईनिका अवार्ड से सम्मानित प्रसिद्ध पत्रकार मरिया शकील, लीगल पे के मास्टरमाइंड CEO कुंदन शाही, ड्रूल्‌स के CEO डॉ. शशांक सिन्हा, रिलायंस ट्रेंड फुटवियर के CEO कुमार नितेश,बजाज ग्रुप के वॉयस प्रेजिडेंट नीरज झा, डालमिया ग्रुप के जीएम राजेश कुमार, प्रोफेसर नागेंद्र शर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि और GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. आये हुए अतिथियों का स्वागत GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने पुष्प गुच्छ देकर किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-14.jpg" alt="" class="wp-image-71830" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-14.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-14-350x153.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p><strong>पॉलिटिकल विल की वजह से नही बदल रहा बिहार</strong></p>



<p>कार्यक्रम के पहले दिन तीन सत्र हुए जिसमें पहले सत्र के वक्ता के रूप <strong><em>अभिषेक गांगुली</em></strong> (प्यूमा इंडिया एन्ड साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक), <strong><em>मारिया शकील</em></strong> पॉलिटिकल एडिटर और न्यूज एंकर CNN व लीगल पे फाउंडर और CEO <strong><em>कुंदन शाही</em></strong> रहे. पहले सत्र का विषय था- &#8216;<em><strong>बिहार द लैंड ऑफ ऑपर्चुनिटी.&#8217;</strong></em><br>पहले सत्र में जब विषय पर हुआ वाद-विवाद बड़ा ही रोचक हुआ जिसमें बिहार को संभावना और उसमें आने वाली दिक्कतों को बड़े ही तर्क के साथ वक्ताओं ने रखा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="290" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-3.jpg" alt="" class="wp-image-71818" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-3-350x156.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>विषय पर बात करते हुए अभिषेक गांगुली ने सबको गर्मजोशी से अभिवादन करते हुए कहा कि मैं बिहारी हूँ ये गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि पटना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था मैं भागलपुर से हूँ और मेरे पिताजी देवघर में बढ़े थे और पटना कॉलेज से पढाई हुई थी. इसलिए मेरे लिए इमोशनल बात है. अगर ये पटना में नही होता तो मैं इस कार्यक्रम में नही आता. TNB कॉलेज में पढ़ने वाले अभिषेक ने कहा कि उनके समय मे 3 साल की डिग्री जगह 5 साल लग जाता था. पहले उन्हें डिफेंस करना पड़ा कि मैंने फेल नही किया बल्कि रिजल्ट ही लेट मिला है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="295" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-10.jpg" alt="" class="wp-image-71821" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-10.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-10-350x159.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि बिहारी टेडेंसी इज आउटस्टेंडिंग इसका रीजन है कयोंकि जब आपको कुछ नही मिलता है तो आप अंडर डॉग बन जाते हैं. जो टेंयूसीटी और रेजिलियेन्स बिहार में है वो कहीं नही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="272" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-6.jpg" alt="" class="wp-image-71819" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-6.jpg 272w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-6-206x350.jpg 206w" sizes="(max-width: 272px) 100vw, 272px" /></figure>



<p>हर जगह IAS और सिविल सर्विसेज की फैक्ट्री है यहां. यहाँ सबके ज्यादा उर्वर दिमाग है. साथ ही उन्होंने माना कि हमारे पास बहुत चैलेंज है. अगर रिसोर्स कम है तो सकरात्मक है काम और मेहनत के लिए. बिहार कास्ट की भूमि हो गया है यहाँ आपके नाम से पहले आपका कास्ट पूछा जाता है. बिहार इस द लैंड फ़ॉर इमेन्स अपॉरचुनिटी फ़ॉर न्यू कम्पनी. उन्होंने कहा कि इंटरप्रेनरशिप इज द हाईएस्ट पे ऑफ लीडरशिप.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="286" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-5.jpg" alt="" class="wp-image-71820" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-5.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-5-350x154.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही पटना से स्नातक करने वाली और फिर CNN के दिल्ली में काम करने वाली फेमस पत्रकार मारिया शकील ने कहा कि 17 साल 6 महीने काम के बाद भी मैं अपने जमीन से जुड़ी हूँ. अच्छा लगता है बिहारी कहलाना. यह मेरे पापा की कर्मभूमि है. उन्होंने कहा कि मैंने पूरे भारत के सभी राज्यों का भ्रमण किया है लेकिन इनमें बिहार कहीं का नही दिखता है. रायपुर और उदयपुर और बेहतर है. जब सरकारी लोगों से पूछा जाता है इसका कारण तो जवाब मिलता है लैंड लॉक है. उन्होंने कहा कि क्या यूपी नही है लैंड लॉक. हिमाचल और बिहार की सड़कों में जमीन आसमान का अंतर है. इसके पीछे उन्होंने अबसेन्सऑफ पोलिटिकल विल का होना बताया. मेरा गाँव मखदूम पुर है और वहां जाने में कई घण्टे लग जाते है. उन्होंने अपने टोकियो के जर्नी को याद करते हुए कहा कि चैन ऑफ रेस्टुरेंट टोकियो में मिला जहां बिहारी मिले और वे वहाँ अपने रेस्टोरेंट की वजह से जाने जाते हैं. लेकिन यह प्राइड कम हो रहा है कि जो पोलिटिकल एक्सेस में जाने जाते थे जो आज नही है. हम आज टाइम वॉर में फंसे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-1.jpg" alt="" class="wp-image-71822" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-1-350x155.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही कुंदन शाही ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि अगर आप भूखे हैं तो आपका प्रॉब्लम भोजन हैं जब भजन मिकता है तो हमर 100 प्रॉब्लम और याद आता है. हमे सरकार से ज्यादा ही अपेक्षा है. हम दिल्ली या कहीं और जाते हैं तो रूल फॉलो करते हैं लेंकिन यहाँ नही करते हैं. यहाँ भाई होते हैं और बाहर भइया बन जाते हैं. हमें चनपटिया मॉडल पर ध्यान देने की जरूरत है. हमारे रोल मॉडल जो रहे हैं वे ठेकेदार रहे हैं, कभी बिजिनेस मैन नही रहा है. यहाँ धंधा करने वाले को अच्छे से पेश ही नही किया गया है.<br>उन्होंने कहा कि 1962 के बाद कोई सरकार स्थिर नही थी लेकिन लालू के आने के बाद स्थिरता आयी. 2000 के बाद चन्जेज आये हैं. पॉलिसी कहीं ना कहीं इसके पीछे एक बड़ा कारण है. लेकिन पिछले 30 सालों में कुछ चेंज हुए हैं. पिछले 10 सालों में धंधा करना आसान हो गया है. नए इंटरप्रेन्योर आये हैं. उन्होंने कहा कि कम से कम मैंने बियार्डा द्वारा 20 कम्पनियों को स्थापित होते देखा है. इस दौरान कई लोगों ने सवाल भी पूछे जिसका वक्ताओं ने उत्तर भी दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-11.jpg" alt="" class="wp-image-71827" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-11.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-11-350x153.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस सेशन में ऐड गुरु राज कुमार झा ने कहा कि 35 साल से नौकरी करने के बाद आज गॉंव में हूँ और दिल्ली से 17 घण्टे में गाँव आ जाता हूँ. ब्यूरोक्रेट्स अच्छे हैं ब्यूरोक्रेसी अच्छी नही है.</p>



<p>इस पर जवाब देते हुए मारिया शकील ने कहा कि कम्पेरेटिव स्टडी जब होती है तो लगता है कि हम पीछे हैं, तब दुख होता है. जब भी बिहार की बात होती है आज के पॉलिटिशियन की तुलना 15 साल पहले वाले पॉलिटिशियनप से होती है.</p>



<p>वही एक सज्जन ने पूछा कि हाऊ कैन वे चेंज दिस पोलिटिकल विल? जवाब मिला- समय लगेगा, जब हम आईडिया,सकरात्मक सोच, कुछ नया विचारों, बेकार की चीजों को अलग कर इसे बेहतर कर सकेंगे.</p>



<p>पॉलिटिकल विल (राजनीतिक इच्छा) पर जवाब करते हुए कुंदन शाह ने कहा कि दारू बन्द हो गया ये पॉलिटिकल विल है. अब इसके फायदे और घाटे अलग-अलग हो सकते हैं. दहेज पर पॉलिसी बनी लेकिन कितने लोग हैं जो उसे फॉलो करते हैं. इसलिए ये विल जरूरी है.</p>



<p><strong>इन्टरप्रेनरशिप ही लाएगा बदलाव बिहार में</strong></p>



<p>दूसरे सत्र में वक्ता के रूप में रिलायंस ट्रेंड फुटवियर के CEO कुमार नितेश, द्रुल्स के CEO डॉ शशांक सिन्हा, बजाज ग्रुप के जीएम नीरज कुमार, शार्क इंडिया के क्यूरेटर और दुबई रॉयल फैमिली के प्रेजेंटर रविरंजन शामिल हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-8.jpg" alt="" class="wp-image-71823" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-8.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-8-350x155.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>प्रभु और बिहारी कहीं भी मिलते हैं</strong></p>



<p>इस सत्र में बोलते हुए बेगूसराय में जन्में और पटना में पढ़ाई सम्पन्न करने वाले कुमार नितेश ने कहा कि अमूल से विजनेस की जर्नी स्टार्ट की. फिर शराब कंपनी में काम किया तो पिताजी ने कहा कि कंपनी चेंज करो नही तो शराब के नाम पर शादी नही होगी. फिर दूसरे कम्पनी में काम किया. बाटा के MD के रूप में थाईलैंड काम किया. लोग बिहारी कहते हैं तो अच्छा लगता है. हां मैं बिहारी हूँ. उन्होंने भारत के बाहर भी काम करते हुए बिहारियों को हर जगह पाया और कहा कि प्रभु और बिहारी कहीं भी मिलते हैं.</p>



<p>द्रुल्स के CEO डॉ शशांक सिन्हा ने एक सवाल -&#8216;कौन सा विद्द्या है जो बिना सरकार के बिना चल सके&#8217; का जवाब देते हुए कहा कि इन्वेस्टमेंट किस लेवल और किस कारण से चाहिए ये पहले जानना जरूरी है. बंगलोर में 8 किमी मोबिलिटी है फिर भी वहां ग्रोथ कैसे है. ये एक चैलेंज है. बैंकॉक से 7 फ्लाइट हर रोज बोधगया के लिए है पर बिहार में या देश मे क्यों नही है. पर्यटन के क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र है. हर बुद्धिज्म देश को इसके लिए तैयार करना होगा. हमने अपना इमेज खुद खराब किया है.</p>



<p>बजाज ग्रुप के नीरज कुमार ने कहा कि सहरसा के गांव से हूँ भागलपुर से कनेक्शन मेरा भी है. माता जी वहीं की हैं. पेशे से पत्रकार हैं.</p>



<p>रविरंजन क्यूरेटर शार्क इंडिया ने कहा कि PC नेटवर्क से लाइफ स्टार्ट किया. मीडिया हाउस से स्टार्ट किया. इन्टरप्रेनरशिप से स्टार्ट किया. जब मैंने स्टार्ट किया तो लोग इसको मानते नही थे. अब तो इसी का जमाना है. दुबई रॉयल फैमली के प्रेजेंटर बना. टीवी शो और फिल्मों से बहुत चीढ़ है क्योंकि इनलोगों अच्छी चीजें नही पेश किया. शार्क इंडिया स्टार्ट किया जो काफी पॉपुलर हुआ. इन्टरप्रेनरशिप ही है जो बदलाव ला सकता है. पलामु फ्लोराइड का गढ़ है पानी बेकार है लेकिन सरकार का ध्यान नही है. पॉलिसी नही बनी है इसलिए चीजे नही हो पा रही है.</p>



<p><strong>अगले 10 सालों में पर्यटन,कृषि और नई कम्पनियों के लिए सम्भावनाओं से भरा हैं बिहार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="288" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-9.jpg" alt="" class="wp-image-71824" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-9.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-9-350x155.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>तीसरे सत्र का विषय रहा -&#8216;<strong>इंटरप्रेनरशिप एंड ऐन आईडिया टू ग्रोन.&#8217;</strong> इसके लिए पैनल में जीविका के हेड, IAS राहुल कुमार, ज्योति भारद्वाज फाउंडर टिफिट इंडिया ऑफ शार्क टैंक,राज कुमार झा, क्रिएटिव, रेडियो मधुबनी<br>अमरेंद्र सिंह फाउंडर देहात, ग्लोबल ब्यूटी सीक्रेट्स की संस्थापक/सीईओ ऐश्वर्या नीर शामिल हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-12.jpg" alt="" class="wp-image-71826" width="365" height="159" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-12.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-12-350x153.jpg 350w" sizes="(max-width: 365px) 100vw, 365px" /></figure>



<p>विषय पर बात करते हुए जीविका के CEO, IAS <strong><em>राहुल कुमार </em></strong>ने सभी पैनेलिस्टों और आये लोगों का स्वगत किया. 2011 बैच के IAS, जीविका के साथ जन जीवन हरियाली के भी मिशन डायरेक्टर हैं. उन्होंने कहा कि जीविका महिलाओं पर काम करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी संस्था है. जिसमें 1 करोड़ 30 लाख महिलाएँ जुड़ी हैं. जहां एक परिवार से सिर्फ एक ही महिला आती है. मतलब लगभग 6.5 करोड़ परिवार से जीविका जुड़ा हुआ है.</p>



<p>शार्क टैंक से चर्चा में आयी टिफिट इंडिया की फाउंडर <strong><em>ज्योति भारद्वाज</em></strong> ने पैनल में बुलाने के लिए सबका आभार व्यक्त करते हुए कहा इस कार्यक्रम से बेटर नरेशन मैंने आज तक नही देखा. मुम्बई में रहती हूँ. मै बिहार से हूँ ये कहना अच्छा लगता है मैं गर्व से कहती हूँ शार्क टैंक में भी जब गयी तो मैंने शान से कहा कि बिहारी हूँ.</p>



<p><strong>ऑगलीवियो के क्रिएटिव डायरेक्टर ऐड गुरु और रेडियो मधुबनी </strong>पर अपनी आवाज के लिए जाने जाने वाले <strong>राज कुमार झा</strong> ने कहा कि हम कुछ भी बेच लेते हैं. साबुन,तेल, नमक,पेपर कपड़ा कुछ भी. उन्होंने माहौल को बड़ा ही सरल बनाते हुए बताया कि वे बचपन मे घर से भाग गए थे. बहुत कुछ किया जो किया अपने आप से मेहनत कर किया. पिछले 5 साल से गांव में हूँ. कुछ भी करता हूँ खेती बारी, लिखना,विजनेस, एडवर्टिजमेंट आदि. मैं एडवरटाइजिंग वाला आदमी हूँ जी. टेढ़ा है पर मेरा है ये हम जानते हैं. इंटरप्रेनरशिप के बारे में बता दूं कि हमारे यहाँ बिजनेस का सेंस ही नही है. कोई आइडिया सोच भी ले तो परिवार वाले को लगता है कि इसको भूत पकड़ लिया है. उन्होंने बताया कि पिताजी ब्युरोकेट्स थे लेकिन ऑफिस जाते बहुत कम देखा था. हम जब रात-रात भर एडवरटाइजिंग में गायब रहते तो वे पूछा करते थे कि कौन सा काम करता है जो रातभर गायब रहता है. सोशल असेप्टेन्स नही है हमारे यहाँ बिजनेस का. उन्होंने कहा कि अब एग्रीकल्चर में इन्फॉर्मेशन कौन समझेगा? किसान हैं भाई, हिंदी चाहिए वो अंग्रेजी नही जानते.</p>



<p>11 लाख उद्यमियों और किसान इससे जुड़े <strong>अमरेंद्र सिंह फाउंडर देहात </strong>ने बताया कि 2011 से शुरू हुई कंपनी. कंप्यूटर साइंस से फायदा नही हुआ. हम पांच हैं इस कंपनी में और सभी ने पढ़ाई की है कहीं-कहीं से. उन्होंने शुरुआती दिनों की याद करते हुया बताया कि पैसे नही थे घर वाले नौकरी छोड़ने पर नाराज थे. सलाह देने वाली काफी कम्पनियां तो जाती थी किसानों के पास लेकिन किसानों की समस्या से किसी को कोई वास्ता नही था. हमने उनकी खेती को आसान करने के लिए सोचा. इसमें तकनीक को आजमाया.. डेढ़ लाख जगह तक पहुंच है. छोटे लोगों को आज चेंज किया. सपना है किसान के खेती को आसान करना. 300 बिलियन का एग्रीकल्चर का धंधा है..14 करोड़ किसान हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-13.jpg" alt="" class="wp-image-71828" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-13.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-13-350x155.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ऐश्वर्या नीर, ग्लोबल ब्यूटी सीक्रेट्स की संस्थापक/सीईओ ने कहा कि ऐश्वर्या हेल्थ केयर बिहारियो का एक ब्रांड है 2006 में शुरू हुआ था. जिसमें बहुत ही बिहारी लोग जुड़े हैं. फिर मैंने अपना कम्पनी शुरू की जो शहनाज हुसैन के बाद मेरी दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. उन्होंने हर्बल ब्यूटी को ग्लोबल बनाया है. उन्होंने कहा कि इंडिया मदर है और बिहार ग्रैंड मदर है. बिहार को उसका हक मिलना चाहिए. मीडिया में थी CNBC में तो बिजनेस तो देखती रहती थी. बहुत सारे बिजनेस को सीखा देखा और बचपन से बिजनेस को देखते आयी इसलिए कुछ करने की ठाना.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="291" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one.jpg" alt="" class="wp-image-71825" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-350x157.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन शैलेश कुमार ने किया. आयोजन को आयोजित करने वालों में क्यूरेटर अदिति नन्दन, वैशाली श्वेता, प्रत्यूष गौरव, देवेन्द्र सिंह, संध्या नंदन, दिव्यम आर्यन,राहुल कुशवाहा, और निखिल कुमार की विशेष भूमिका रही. दूसरे दिन भी तीन सत्र में कई नामी चेहरे देखने को मिलेंगे. तीन सत्र के बाद कार्यक्रम का समापन होगा.</p>



<p>पटना से<strong> ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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