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	<title>Swasth Samiksha &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>स्वास्थ्य सचिव ने 6 जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की, सर्जरी की संख्या और प्रकार बढ़ाने का दिया निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 17:45:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना,11 सितंबर 2026: स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को राज्य के 6 जिलों- नवादा, किशनगंज, औरंगाबाद, बक्सर, गोपालगंज एवं जमुई के सदर अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सर्जरी की प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की. बैठक में बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में केवल सर्जरी की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सर्जरी के प्रकार (Types of Surgery) में भी विस्तार किया जाए. उन्होंने कहा कि उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, ऑपरेशन थिएटर और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को जिला स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि कई सदर अस्पतालों में अभी भी मुख्य रूप से Lower Segment Caesarean Section (LSCS) जैसी सर्जरी अधिक हो रही हैं, जबकि सामान्य सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग एवं अन्य जटिल सर्जरी की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है. विशेषज्ञ चिकित्सकों को केवल ओपीडी तक सीमित न रखते हुए उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप सर्जिकल सेवाओं का विस्तार करने का निर्देश दिया गया. अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार नवादा सदर अस्पताल में कुल 224 सर्जरी (7 प्रकार), बक्सर में 80 सर्जरी (7 प्रकार), गोपालगंज में 80 सर्जरी (6 प्रकार), औरंगाबाद में 38 सर्जरी (5 प्रकार), जमुई में 89 सर्जरी (4 प्रकार) और किशनगंज में 63 सर्जरी (4 प्रकार) की गईं. स्वास्थ्य सचिव ने औरंगाबाद, बक्सर और गोपालगंज में पिछले महीनों की तुलना में सर्जरी [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना,11 सितंबर 2026: स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को राज्य के 6 जिलों- नवादा, किशनगंज, औरंगाबाद, बक्सर, गोपालगंज एवं जमुई के सदर अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सर्जरी की प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की. बैठक में बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-department-Samiksha-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99210" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-department-Samiksha-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-department-Samiksha-650x432.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-department-Samiksha-1536x1021.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में केवल सर्जरी की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सर्जरी के प्रकार (Types of Surgery) में भी विस्तार किया जाए. उन्होंने कहा कि उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, ऑपरेशन थिएटर और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को जिला स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए.</p>



<p>उन्होंने कहा कि कई सदर अस्पतालों में अभी भी मुख्य रूप से Lower Segment Caesarean Section (LSCS) जैसी सर्जरी अधिक हो रही हैं, जबकि सामान्य सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग एवं अन्य जटिल सर्जरी की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है. विशेषज्ञ चिकित्सकों को केवल ओपीडी तक सीमित न रखते हुए उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप सर्जिकल सेवाओं का विस्तार करने का निर्देश दिया गया.</p>



<p>अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार नवादा सदर अस्पताल में कुल 224 सर्जरी (7 प्रकार), बक्सर में 80 सर्जरी (7 प्रकार), गोपालगंज में 80 सर्जरी (6 प्रकार), औरंगाबाद में 38 सर्जरी (5 प्रकार), जमुई में 89 सर्जरी (4 प्रकार) और किशनगंज में 63 सर्जरी (4 प्रकार) की गईं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="681" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-secretary-analysis-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-99211" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-secretary-analysis-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-secretary-analysis-650x432.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/09/pnc-health-secretary-analysis-1536x1021.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>स्वास्थ्य सचिव ने औरंगाबाद, बक्सर और गोपालगंज में पिछले महीनों की तुलना में सर्जरी की संख्या में आई कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए. उन्होंने अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित समीक्षा करने और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जिला अस्पतालों को मजबूत बनाने पर जोर दिया.</p>



<p>उल्लेखनीय है कि जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं के विस्तार पर स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है. जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप जून से अगस्त 2026 के बीच सर्जरी की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. जून 2026 में जिला अस्पतालों में कुल 2,428 सर्जरी हुई थीं, जो जुलाई में बढ़कर 5,650 और अगस्त में 8,209 तक पहुंच गईं. जुलाई की तुलना में अगस्त में सर्जरी की संख्या में 45.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.</p>



<p>अगस्त 2026 में कई जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया। वैशाली जिला अस्पताल में 651 सर्जरी, पटना में 587, अररिया में 529, मधेपुरा में 494 और भोजपुर में 362 सर्जरी की गईं. इससे स्पष्ट है कि जिला अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग बढ़ रहा है.</p>



<p>वहीं सर्जरी के प्रकारों में भी लगातार विस्तार किया जा रहा है. अगस्त माह में बेगूसराय जिला अस्पताल में 60 प्रकार की सर्जरी, पटना में 53, नालंदा में 42, भोजपुर में 40 और मुजफ्फरपुर में 33 प्रकार की सर्जरी उपलब्ध कराई गईं. विशेषज्ञ विभागों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें जुलाई की तुलना में ईएनटी सर्जरी में 471.7 प्रतिशत, ऑर्थोपेडिक्स में 296.2 प्रतिशत, नेत्र रोग में 174.3 प्रतिशत और जनरल सर्जरी में 66.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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