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	<title>sunil kumar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;छोटे कदम, बड़े बदलाव&#8217;: प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग से निरंतर नवाचार की लहर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 01:35:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8216;शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे&#8216; प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला में बोले शिक्षा मंत्री पटना।। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेला में राज्य के सभी जिलों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को देखकर अत्यंत गर्व और संतोष का अनुभव हुआ. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे. शिक्षा मंत्री गुरुवार को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) द्वारा महेंद्रू में आयोजित पीबीएल कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय मेला सह प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान उक्त बातें कहीं. इसके पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उसके बाद शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र, प्रो. अरिंदम बोस सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया एवं बच्चों से संवाद किया. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार में शिक्षा सहभागिता, प्रयोग एवं वास्तविक जीवन से जुड़ी सीख की दिशा में आगे बढ़ रही है. जब बच्चे स्वयं मॉडल बनाकर, प्रयोग कर एवं अपनी समझ प्रस्तुत करते हैं, तब सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है. इस पहल के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास तथा सहयोगात्मक सीखने की संस्कृति विकसित हो रही है. उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में बिहार न केवल राष्ट्रीय औसत [&#8230;]]]></description>
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<p>&#8216;<strong>शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे</strong>&#8216;</p>



<p><strong>प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला में बोले शिक्षा मंत्री </strong></p>



<p>पटना।। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेला में राज्य के सभी जिलों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को देखकर अत्यंत गर्व और संतोष का अनुभव हुआ. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-2048x1152.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>शिक्षा मंत्री गुरुवार को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) द्वारा महेंद्रू में आयोजित पीबीएल कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय मेला सह प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान उक्त बातें कहीं. इसके पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उसके बाद शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र, प्रो. अरिंदम बोस सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया एवं बच्चों से संवाद किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="780" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763510-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95341" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763510-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763510-650x495.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार में शिक्षा सहभागिता, प्रयोग एवं वास्तविक जीवन से जुड़ी सीख की दिशा में आगे बढ़ रही है. जब बच्चे स्वयं मॉडल बनाकर, प्रयोग कर एवं अपनी समझ प्रस्तुत करते हैं, तब सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है. इस पहल के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास तथा सहयोगात्मक सीखने की संस्कृति विकसित हो रही है. उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में बिहार न केवल राष्ट्रीय औसत को पार करें, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करें. वहीं अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों में पठन-पाठन की ललक होनी चाहिए तभी हम आगे बढ़ सकते हैं. यह प्रयास बेहतर है इसे निरंतर जारी रखने की जरूरत है. एससीईआरटी के निदेशक  दिनेश कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग मेला विद्यालयों में सीखने की बदलती दिशा का सशक्त प्रमाण है। यह पहल कक्षा को संवाद, खोज एवं प्रयोग का जीवंत मंच बना रही है, जहां विद्यार्थी स्वयं सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में हैं. शिक्षकों की सक्रिय भूमिका एवं सामूहिक प्रयासों से सीखना अधिक अर्थपूर्ण बन रहा है। ऐसे प्रयास राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शिक्षा की सुदृढ़ नींव तैयार कर रहे हैं.<br>विदित हो कि बिहार के सरकारी विद्यालयों के कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए विज्ञान एवं गणित विषय में संचालित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन मंत्रा सोशल सर्विसेज के सहयोग से एससीईआरटी परिसर में गरुवार को किया गया, जिसमें शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अतिथियों को पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया.<br>इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में विज्ञान से संबंधित विद्वानों का एक पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने ‘अनुभव से नेतृत्व’ विषय पर अपने विचार साझा किए. इस चर्चा के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराया गया. साथ ही ‘किलकारी’ के प्रतिभावान प्रशिक्षुओं द्वारा विज्ञान विषय पर नाट्य प्रस्तुति भी दी गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95340" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-2048x1152.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी ने बिहार के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया. इसमें राज्य के सभी 38 जिलों से चयनित छात्र-छात्राओं एवं विज्ञान तथा गणित शिक्षकों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए.कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा सभी प्रोजेक्ट्स का सूक्ष्म अवलोकन किया गया तथा विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की गई. सभी बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए विभिन्न जिलों से आए विद्यालयों को गणित एवं विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया।<br>गणित विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यालयों का चयन किया गया, जिसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हरिपुर कैमूर, पो. मध्य विद्यालय, इटहरी, बांका, उ० म० वि० पहाडपुर कटिहार, उ० म० वि० डुमरा टोल, समस्तीपुर, मध्य विद्यालय दतियाना, पटना शामिल हैं। इसी प्रकार विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयनित विद्यालयों में मध्य विद्यालय रामनगर, मुंगेर, मध्य विद्यालय बीहट, बेगूसराय, बुनियादी विद्यालय,वृंदावन, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बंधु बिगहा, अरवल, और मध्य विद्यालय कुड़वा गयाजी शामिल है। वहीं राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं विज्ञान तथा गणित शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.<br>इस मौके पर संयुक्त निदेशक (डायट) समर बहादुर, संयुक्त निदेशक (प्रशासन) सुषमा कुमारी, विभागाध्यक्ष स्नेहाशीष दास, इम्तियाज आलम एवं विभा रानी, सभी जिलों के जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक, साइंस फॉर सोसाइटी के प्रोफेसर अरुण कुमार, मंत्रा सोशल सर्विसेज के प्रतिनिधि सौरभ सिंह,  नीरज दास गुरु, सभी जिलों से आए अभिभावक उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>&#8220;हरित बिहार बनाना है- नया बिहार बनाना है&#8221;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pcb-environment-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Jun 2025 15:44:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-सामान्य विशेषकर भावी पीढ़ी में इसकी चेतना अभिवर्धित करने के उद्देश्य से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा आज पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार डॉ सुनील कुमार द्वारा किया गया. इस अवसर पर मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार डॉ. सुनील कुमार ने अपने संबोधन कहा कि प्लास्टिक के खतरों से अपने जीवन को बचायें, क्योंकि प्लास्टिक उत्पादों का विघटन नहीं होता है. जलाये जाने पर विषाक्त गैसें उत्सर्जित हाती हैं. जब कृषि भूमि, नदी नालों में फेंका जाता है तो जमीन की उर्वरा शक्ति का क्षय होता है. नाले अवरूद्ध होते है, पशुधन द्वारा निगले जाने पर उनका जीवन खतरे में पड़ जाता है. राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई करते हुए क्रमशः अधिसूचना दिनांक 24 अक्टूबर, 2018 से राज्य के शहरी तथा दिनांक 11 दिसम्बर, 2018 से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित प्लास्टिक कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया फिर 01 जुलाई, 2022 के प्रभाव से एकल उपयोग वाले उन्नीस चिन्हित उत्पादों को भी प्रतिबंधित किया गया है. ऐसे उत्पादों पर लगे प्रतिबंध के बारे में जन-चेतना फैलाने की जरूरत हैं. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में हरित आवरण बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. वर्तमान में राज्य में 12.55 प्रतिशत वन क्षेत्र है. कृषि रोड मैप के तहत वानिकी किसान योजना&#8217; की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि किसान अपने रैयती भूमि पर पेड़ लगा कर आर्थिक लाभ भी ले सकते है. वृक्ष, इसके [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-सामान्य विशेषकर भावी पीढ़ी में इसकी चेतना अभिवर्धित करने के उद्देश्य से बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा आज पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार डॉ सुनील कुमार द्वारा किया गया.</p>



<p>इस अवसर पर मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार डॉ. सुनील कुमार ने अपने संबोधन कहा कि प्लास्टिक के खतरों से अपने जीवन को बचायें, क्योंकि प्लास्टिक उत्पादों का विघटन नहीं होता है. जलाये जाने पर विषाक्त गैसें उत्सर्जित हाती हैं. जब कृषि भूमि, नदी नालों में फेंका जाता है तो जमीन की उर्वरा शक्ति का क्षय होता है. नाले अवरूद्ध होते है, पशुधन द्वारा निगले जाने पर उनका जीवन खतरे में पड़ जाता है.</p>



<p>राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई करते हुए क्रमशः अधिसूचना दिनांक 24 अक्टूबर, 2018 से राज्य के शहरी तथा दिनांक 11 दिसम्बर, 2018 से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित प्लास्टिक कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया  फिर 01 जुलाई, 2022 के प्रभाव से एकल उपयोग वाले उन्नीस चिन्हित उत्पादों को भी प्रतिबंधित किया गया है. ऐसे उत्पादों पर लगे प्रतिबंध के बारे में जन-चेतना फैलाने की जरूरत हैं.</p>



<p>उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में हरित आवरण बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. वर्तमान में राज्य में 12.55 प्रतिशत वन क्षेत्र है. कृषि रोड मैप के तहत वानिकी किसान योजना&#8217; की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि किसान अपने रैयती भूमि पर पेड़ लगा कर आर्थिक लाभ भी ले सकते है. वृक्ष, इसके फल आदि भी उन्हीं की सम्पति होगी. जल जीवन हरियाली योजना द्वारा भूगर्भीय जल का स्तर सुधरा है. उन्होंने बताया कि प्रधान मंत्री के आ‌ह्वान पर &#8216;एक पेड़ माँ के नाम&#8217; के तहत बिहार राज्य में 4 करोड़ 24 लाख पेड़ लगाये गये हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="540" height="408" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/pnc-bspcb-environment-day.jpg" alt="" class="wp-image-90528"/></figure>



<p>इस अवसर पर उन्होंने एक नारा दिया हरित बिहार बनाना है- नया बिहार बनाना है.</p>



<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार डॉ. हरजोत कौर बम्हरा गा.प्र.श्रे., अपने संबोधन में बताया कि पर्यावरण एक वैश्विक विषय है. इसमें ये मेरा पर्यावरण ये तेरा पर्यावरण है, नहीं चल सकता. यह सबका सझाा है. पर्यावरण के मामले में एक की अच्छाई बुराई का प्रभाव सबों पर पड़ता है. पर्यावरण पर मंडरा रहे खतरों से निपटने में सभी सरकारें मिल-जुल कर अपना योगदान दे रहे हैं.</p>



<p>उन्होंने ने बताया कि प्लास्टिक अपने विशेष गुणों के कारण हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा सा बन गया है. पर इनके प्रयोग के बाद ऐसे कचरों का निपटान एक वैश्विक चुनौती बनती जा रही है </p>



<p>उन्होंने ने बताया कि बिहार राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है. साथ ही एकल उपयोग वाले चिन्हित प्लास्टिक उत्पादों को भी प्रतिबंधित किया जा चुका है. जब तक हम आप सभी इसका उपयोग बन्द नहीं करेगें ये प्रतिबंध प्रभावी नहीं हो पायेगा.</p>



<p>उन्होंने कुछ वर्षों पूर्व के काल का स्मरण करते हुए बताया कि उपयोग की वस्तु का कई रूपों में उपयोग किया जाता था, पुराने कपड़ा को सुजनी कला से कलात्मक रूप देकर इनके पुनर्प्रयोग किया जाता है. पहले हम रूमाल का प्रयोग किया था, पर अब इसके स्थान टिशू पेपर ने ले लिया है, जिसका उत्पादन पेड़ों को काटकर ही किया जाता है </p>



<p>उन्होंने जन-सामान्य से अपील किया किः</p>



<p>रोजमर्रा के इस्तेमाल में प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक उत्पादों का इस्तेमाल कम करे, घर से निकले कचरों को वर्गीकृत करके निष्पादन करें.</p>



<p>उन्होंने कोविड काल में पर्यावरण स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि जब दैनिक जीवन की सारी गतिविधियाँ ठप पड़ गई थी, तो प्रदूषण भी कम था, सूदूर पहाड़ जो आम दिनों में नहीं दिखते थे, वे भी दिखने लगे थे। नीला आसमान भी सही में नीला दिखने लगा था। उन्होंने कहा आईये प्रण लें कि एक नई दुनिया बनायेंगे एक नया बिहार बनायेंगे.</p>



<p>कार्यक्रम में आगत अतिथियों को स्वागत करते हुए अध्यक्ष बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद डॉ. डी. के. शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि मानवीय कारणों से प्रदूषण में वृद्धि हुई है. उनके द्वारा जलवायु परिवर्तन, सतही एवं भूगर्भीय जल का क्षरण, वायु प्रदूषण एवं जल प्रदूषण के सुधार के लिए किये जा रहे प्रयासो से सूक्ष्म धूलकणों एवं नदियों में फिकल कॉलीफॉम में दर्ज की जा रही कमी के बारे में जानकारी दी गयी.विश्व पर्यावरण दिवस के थीम के विषय पर बताया गया कि प्लास्टिक एक पॉलीमर है जो अपने अवयवों में टूट कर माइक्रोपॉलीमर में विघटित होते है. ये जब पर्यावरण में आते हैं तो पर्यावरण एवं जीवों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं= इसके निर्माण में विरंजकों (Colourant) में कलर के लिए थैलेट एवं अन्य हानिकारक पदार्थों का उपयोग किया जाता है जो कैंसर जैसी बीमारियां उत्पन्न कर सकती है. अमेरिका, चीन इत्यादि देशों में प्लास्टिक का उपयोग भारत से ज्यादा है. आज जरूरत है कि हम इसके सही निपटान में सहयोग करें एवं प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम में हाथ बटायें. इस अवसर पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण की स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष आवरण (Special Cover) का लोकार्पण माननीय मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार डॉ०. सुनील कुमार द्वारा किया गया. राज्य पर्षद की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पर्षद के विगत 50 वर्षों की यात्रा पर प्रकाशित हिन्दी भाषा की &#8216;स्मारिका&#8217; तथा आंग्ल भाषा में वैज्ञानिक आलेखों के संकलन का भी अनावरण मुख्य अतिथि द्वारा किया गया.</p>



<p>राज्य में स्थापित उद्योगों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गयी व्यवस्था एवं प्रयासों के लिए मुंगेर जिला के बासुदेवपुर में स्थापित सर्वश्री आई.टी.सी. लिमिटेड को सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, इकाई के महाप्रबंधक श्री वैभव गुप्ता द्वारा प्राप्त किया गया.</p>



<p>राज्य में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निम्नांकित 3 व्यक्तियों / संस्था को उनके द्वारा किये गये कार्यों के सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गयाः-</p>



<p>श्री संतोष कुमार सुमन,एल.आई.सी. ऑफिस, कृष्णपट्टी, जिला- जमुई 811307</p>



<p>सर्वश्री मिथिंगा वेस्ट मैनेजमेंट प्रा.लि. द्वारा सुश्री मोनालिसा एवं अतुल गुंजन,देवनंदन इन्कलेव, ज्योतिपुरम कॉलोनी, रूकुनपुरा, पटना 800014</p>



<ol class="wp-block-list">
<li></li>
</ol>



<p>मनोज कुमार, पर्यावरणविद्, वार्ड न०- 26, न्यू डाक बंग्ला रोड, बेतिया, पश्चिम चम्पारण- 845438</p>



<ol start="3" class="wp-block-list">
<li></li>
</ol>



<p>दिनांक 17 मई 2025 को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित क्विज प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं स्थल चित्रकारी प्रतियोगिता में पुरस्कार हेतु चयनित प्रतिभागियों का पुरस्कार स्वरूप कप व प्रमाण पत्र मुख्य अतिथि मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग डॉ. सुनील कुमार एवं अपर मुख्य सचिव, हरजोत कौर बम्हरा और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया.</p>



<p>जो प्रतिभागी इस अवसर पर उपस्थित नहीं हो पाये, वे अपना पुरस्कार राज्य पर्षद मुख्यालय से किसी भी कार्यदिवस को कार्यावधि को प्राप्त कर सकते है.</p>



<p>कार्यक्रम के समापन पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव नीरज नारायण, भा.व.से, द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों, विभागीय पदाधिकारियों, छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकगण एवं प्रेस मीडिया के प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया.</p>



<p>इस कार्यक्रम में एन.टी.पी.सी. कहलगांव, बिहार रेल बिजली निगम, नबीनगर, हरिनगर सुगर मिल, पश्चिम चम्पारणः मगध सुगर मिल एवं एनर्जी लिमिटेड, डिस्टीलरी डिवीजन, गोपालगंज: श्री सीमेंट प्लांट, औरंगाबादः मुजफ्फरपुर डेयरी, मुजफ्फरपुर: एन.टी.पी.सी. बाढ़, आई.टी.सी. लिमिटेड, मुंगेर, हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड, बरौनी; कोका कोला, पाटलिपुत्रा, पटना; आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी, बरौनी; एन.टी.पी.सी. नबीनगरः बरूण वेबरेज (पेप्सी) द्वारा अपने प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था के मॉडलों की प्रदर्शनी लगायी गई.</p>



<p>इस अवसर पर राज्य में एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पाद बनाने वाली तीन औद्योगिक इकाईयों सर्वश्री अर्णपूर्णा डिस्पोजेबल, पूर्णियाँ: एम.एस.बी. पॉलीमर, पटना तथा एम. एन.ओ. स्वदेशी, मुजफ्फरपुर द्वारा अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।</p>



<p>एम.एन.ओ. स्वदेशी द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पाद के रूप में मक्के के छिलके का उपयोग किया गया, जो एक आकर्षक का केन्द्र रहा।</p>



<p>डाक महाध्यक्ष, पटना परिमंडल, पटना श्री एम.यू. अब्दाली की उपस्थिति में राज्य पर्षद् के विशेष आवरण का लोकापर्ण किया गया। इस असवर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) श्री पी. के. गुप्ता भावसे. प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास); श्री अरविन्दर सिंह, मा.व.से. श्री भारत ज्योति, भा.व.से., अध्यक्ष बिहार राज्य जैव-विविधता पर्षद भी उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
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		<title>वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता से जुड़ी शिकायत दूर होगी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-minister-assurance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 03:41:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार विधान परिषद में शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता के मामले में बनेगी कमेटी पटना।। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता से जुड़ी शिकायत दूर होगी. शुक्रवार को सदन में शिक्षा मंत्री ने इसका आश्वासन दिया है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि स्कूली शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता का लाभ देने के मामले में शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा कर सरकार इस मामले में उचित निर्णय लेगी. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद की दूसरी पाली में यह घोषणा की. शिक्षा मंत्री विधान परिषद में भाकपा के संजय कुमार सिंह सहित 11 सदस्यों द्वारा लाये गये ध्यानाकर्षण का उत्तर दे रहे थे. विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने शिक्षा मंत्री से पूछा कि कितने दिनों में कमेटी की रिपोर्ट आ जायेगी, सदन को यह बता दें? इस पर हस्तक्षेप करते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट अप्रैल अंत तक आ जायेगी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंरता मामले समीक्षा के बाद निर्णय ले लिया जायेगा. इसके पहले संजय कुमार सिंह ने कहा कि वेतन विसंगति की स्थिति है कि माध्यमिक शिक्षकों से अधिक प्राथमिक शिक्षकों को वेतन मिल रहा है. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि संवर्ग परिवर्तन होने की स्थिति में शिक्षकों की वरीयता प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो शिक्षक 15-20 से कार्य कर रहे हैं, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार विधान परिषद में शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन </strong></p>



<p><strong>शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता के मामले में बनेगी कमेटी</strong></p>



<p>पटना।। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता से जुड़ी शिकायत दूर होगी. शुक्रवार को सदन में शिक्षा मंत्री ने इसका आश्वासन दिया है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि स्कूली शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंतरता का लाभ देने के मामले में शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा कर सरकार इस मामले में उचित निर्णय लेगी. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="492" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-education-minister-sunil-kumar-in-vidhan-Parishad.jpg" alt="" class="wp-image-89513" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-education-minister-sunil-kumar-in-vidhan-Parishad.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-education-minister-sunil-kumar-in-vidhan-Parishad-650x416.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p>शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद की दूसरी पाली में यह घोषणा की. शिक्षा मंत्री विधान परिषद में भाकपा के संजय कुमार सिंह सहित 11 सदस्यों द्वारा लाये गये ध्यानाकर्षण का उत्तर दे रहे थे. विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने शिक्षा मंत्री से पूछा कि कितने दिनों में कमेटी की रिपोर्ट आ जायेगी, सदन को यह बता दें? इस पर हस्तक्षेप करते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट अप्रैल अंत तक आ जायेगी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की वेतन विसंगति और सेवा निरंरता मामले समीक्षा के बाद निर्णय ले लिया जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="908" height="592" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-mlc-dr-sanjeev-kumar-singh-1.jpg" alt="" class="wp-image-89515" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-mlc-dr-sanjeev-kumar-singh-1.jpg 908w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-mlc-dr-sanjeev-kumar-singh-1-650x424.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 908px) 100vw, 908px" /></figure>



<p>इसके पहले संजय कुमार सिंह ने कहा कि वेतन विसंगति की स्थिति है कि माध्यमिक शिक्षकों से अधिक प्राथमिक शिक्षकों को वेतन मिल रहा है. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि संवर्ग परिवर्तन होने की स्थिति में शिक्षकों की वरीयता प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो शिक्षक 15-20 से कार्य कर रहे हैं, उन्हें सेवा निरंतरता का लाभ तो मिलना ही चाहिए. सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी कहा कि सभी सेवा सवर्ग में वरीयता का लाभ मिलता है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>सुरंग से रेस्क्यू किए गए बिहार के पांच मजदूर पटना पहुंचे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/five-workers-from-bihar-rescued-from-the-tunnel-reached-patna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Dec 2023 05:06:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[एयरपोर्ट पर स्वागत करने पहुचें मंत्री सुरेंद्र राम सभी मजदूरों को राज्य सरकार अपने खर्च पर लाई पटना यहाँ से सभी भेजे जायेंगे घर उत्तरकाशी टनल से बाहर निकले बिहार के पांच मजदूर आज सुबह 8 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे,उनके साथ उनके 9 परिजन भी आए हैं. मजदूरों के स्वागत के लिए बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम एयरपोर्ट पर मौजूद थे. ये सभी श्रमिक पूरी तरह स्वस्थ हैं. उनके चहरे पर सुरक्षित घर पहुंचने की खुशी साफ नजर आ रही थी. उत्तरकाशी टनल से बाहर निकले बिहार के पांच मजदूर पटना एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं. मजदूरों की अगवानी के लिए बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम एयरपोर्ट पर मौजूद थे.सभी श्रमिक पूरी तरह स्वस्थ बताये गए हैं. सुरंग से निकाले गए राज्य के पांच श्रमिकों में सारण के सोनू कुमार साह, भोजपुर के सबाह अहमद, बांका के विरेंद्र किशु, मुजफ्फरपुर के दीपक कुमार और रोहतास के सुनील कुमार, शामिल हैं. वहीं, इन सभी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. उत्तराखंड टनल से सुरक्षित निकले मजदूरों को बिहार सरकार ने अपने खर्चे पर उन्हें घर लाई है. उत्तराखंड में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था। जिस कारण टनल में 41 मजदूर फंस गए थे. PNCDESK]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>एयरपोर्ट पर स्वागत करने पहुचें मंत्री सुरेंद्र राम </strong></p>



<p><strong>सभी मजदूरों को राज्य सरकार अपने खर्च पर लाई पटना </strong></p>



<p><strong>यहाँ से सभी भेजे जायेंगे घर </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/majdoor1.png" alt="" class="wp-image-80588" style="aspect-ratio:1.3333333333333333;width:842px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/majdoor1.png 400w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/majdoor1-350x263.png 350w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>



<p>उत्तरकाशी टनल से बाहर निकले बिहार के पांच मजदूर आज सुबह 8 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे,उनके साथ उनके 9 परिजन भी आए हैं. मजदूरों के स्वागत के लिए बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम एयरपोर्ट पर मौजूद थे. ये सभी श्रमिक पूरी तरह स्वस्थ हैं. उनके चहरे पर सुरक्षित घर पहुंचने की खुशी साफ नजर आ रही थी. उत्तरकाशी टनल से बाहर निकले बिहार के पांच मजदूर पटना एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं. मजदूरों की अगवानी के लिए बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री सुरेंद्र राम एयरपोर्ट पर मौजूद थे.सभी श्रमिक पूरी तरह स्वस्थ बताये गए हैं. सुरंग से निकाले गए राज्य के पांच श्रमिकों में सारण के सोनू कुमार साह, भोजपुर के सबाह अहमद, बांका के विरेंद्र किशु, मुजफ्फरपुर के दीपक कुमार और रोहतास के सुनील कुमार, शामिल हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="632" height="281" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/image.png" alt="" class="wp-image-80587" style="aspect-ratio:2.2491103202846974;width:852px;height:auto" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/image.png 632w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/image-350x156.png 350w" sizes="auto, (max-width: 632px) 100vw, 632px" /></figure>



<p>वहीं, इन सभी श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. उत्तराखंड टनल से सुरक्षित निकले मजदूरों को बिहार सरकार ने अपने खर्चे पर उन्हें घर लाई है. उत्तराखंड में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था। जिस कारण टनल में 41 मजदूर फंस गए थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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