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		<title>2.5 करोड़ बच्चों को आपदा के प्रति किया गया जागरूक  : उदयकान्त मिश्र</title>
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		<pubDate>Wed, 06 Dec 2023 15:48:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सोनपुर मेले में लोगों को आपदा के समय बचाव से संबंधित दी जा रही है जानकारी सोनपुर मेले छाया हुआ है आपदा के स्टाल पर जोकरों का जलवा बता रहे है लोगों को आपदा से कैसे बचें प्रतिदिन 50 बच्चे ले रहें है पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग सोनपुर: सोनपुर मेला स्थित बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पवेलियन में आपदा के समय बचाव की जानकारी दी जा रही है. प्रधिकरण के पेवेलियन में आपदा जागरूकता के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. नुक्कड़ नाटकों के मंचन व मॉक ड्रिल के अलावा प्राधिकरण के पैवेलियन में लगाए गए विभिन्न स्टॉल पर लोगों को आपदा में सुरक्षित रहने की जानकारी दी जा रही है. बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे पैवेलियन में पहुंचे और आपदाओं से बचाव के तरीके के बारे में जानकारी हासिल की. बिहार अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ कर्मियों ने जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. सचिव मिनेंद्र कुमार ने इस मौके पर कहा कि प्राधिकरण मेले में पवेलियन के माध्यम से बड़े स्तर तक लोगों को जन जागरूकता के लिए हितधारकों के साथ मिलकर नाटक, मुकरियां, मॉकड्रिल, पपेट, बायस्कोप तथा अन्य तरीकों से आपदा से बचाव के लिए जानकारी दी जा रही है. प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय ने कहा कि पवेलियन में विभिन्न स्टालों पर आने वाले लोगों को बाढ़, भूकंप, बज्रपात, आग आदि संबंधित आपदा के बारे में पूर्ण रूप से जागरूक करना हमारा प्रथम कार्य हैं. प्राधिकरण को पिछले दो वर्षों से प्रथम पुरस्कार मिला है. इसे आगे बनाए रखने की जिम्मेवारी और अधिक [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>सोनपुर मेले में लोगों को आपदा के समय बचाव से संबंधित दी जा रही है जानकारी</strong><strong></strong></p>



<p><strong>सोनपुर मेले छाया हुआ है आपदा के स्टाल पर जोकरों का जलवा </strong></p>



<p><strong>बता रहे है लोगों को आपदा से कैसे बचें </strong><strong></strong></p>



<p><strong>प्रतिदिन </strong><strong>50 </strong><strong>बच्चे ले रहें है पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग </strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="292" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/083b7deb-b62b-44f2-8d3a-e2b0f5803edc-650x292.jpg" alt="" class="wp-image-80774" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/083b7deb-b62b-44f2-8d3a-e2b0f5803edc-650x292.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/083b7deb-b62b-44f2-8d3a-e2b0f5803edc-350x157.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/083b7deb-b62b-44f2-8d3a-e2b0f5803edc-768x345.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/083b7deb-b62b-44f2-8d3a-e2b0f5803edc-rotated.jpg 1032w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>सोनपुर:</strong> सोनपुर मेला स्थित बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पवेलियन में आपदा के समय बचाव की जानकारी दी जा रही है. प्रधिकरण के पेवेलियन में आपदा जागरूकता के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. नुक्कड़ नाटकों के मंचन व मॉक ड्रिल के अलावा प्राधिकरण के पैवेलियन में लगाए गए विभिन्न स्टॉल पर लोगों को आपदा में सुरक्षित रहने की जानकारी दी जा रही है. बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे पैवेलियन में पहुंचे और आपदाओं से बचाव के तरीके के बारे में जानकारी हासिल की. बिहार अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ कर्मियों ने जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="293" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/0eb9c3dc-34cf-446d-97b9-f967d7f24881-293x650.jpg" alt="" class="wp-image-80775" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/0eb9c3dc-34cf-446d-97b9-f967d7f24881-293x650.jpg 293w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/0eb9c3dc-34cf-446d-97b9-f967d7f24881-158x350.jpg 158w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/0eb9c3dc-34cf-446d-97b9-f967d7f24881.jpg 468w" sizes="(max-width: 293px) 100vw, 293px" /></figure>



<p>सचिव मिनेंद्र कुमार ने इस मौके पर कहा कि प्राधिकरण मेले में पवेलियन के माध्यम से बड़े स्तर तक लोगों को जन जागरूकता के लिए हितधारकों के साथ मिलकर नाटक, मुकरियां, मॉकड्रिल, पपेट, बायस्कोप तथा अन्य तरीकों से आपदा से बचाव के लिए जानकारी दी जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/4dee95f6-60f6-412c-a3c2-3347d344fd8a-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80776" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/4dee95f6-60f6-412c-a3c2-3347d344fd8a-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/4dee95f6-60f6-412c-a3c2-3347d344fd8a-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/4dee95f6-60f6-412c-a3c2-3347d344fd8a-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/4dee95f6-60f6-412c-a3c2-3347d344fd8a.jpg 1160w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय ने कहा कि पवेलियन में विभिन्न स्टालों पर आने वाले लोगों को बाढ़, भूकंप, बज्रपात, आग आदि संबंधित आपदा के बारे में पूर्ण रूप से जागरूक करना हमारा प्रथम कार्य हैं. प्राधिकरण को पिछले दो वर्षों से प्रथम पुरस्कार मिला है. इसे आगे बनाए रखने की जिम्मेवारी और अधिक बढ़ जाती है. सभी हितधारकों को इसके लिए तत्पर होकर कार्य करना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/GAmG_wXasAAKF7n-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80777" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/GAmG_wXasAAKF7n-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/GAmG_wXasAAKF7n-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/GAmG_wXasAAKF7n-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/GAmG_wXasAAKF7n.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत मिश्र ने कहा कि प्राधिकरण ने अब तक 2.5 करोड़ बच्चों को आपदा के प्रति जागरूक किया है. भूकंप से बचाव के लिए बीस हजार से अधिक राज मिस्त्रियों का प्रशिक्षण के साथ एक लाख से अधिक सामुदायिक स्वयंसेवक प्राधिकरण द्वारा तैयार किए जा चुके हैं. प्राधिकरण मदरसों के बच्चो को ट्रेनिंग, दिव्यांग जनों के ट्रेनिंग के साथ आपदा से बचाव हेतु आईआईटी पटना, आईआईएससी -बंगलौर, एनआईटी-पटना, टीआईएसए-मुंबई, आईआईपीएच गांधीनगर आदि संस्थानों के साथ एमओयू करके आपदा बचाव क्षेत्र में नवोन्मेषी कार्य कर रहा हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/854f56d8-23b1-4a75-a9a0-401aa9b49435-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-80778" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/854f56d8-23b1-4a75-a9a0-401aa9b49435-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/854f56d8-23b1-4a75-a9a0-401aa9b49435-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/854f56d8-23b1-4a75-a9a0-401aa9b49435-768x432.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/854f56d8-23b1-4a75-a9a0-401aa9b49435-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/854f56d8-23b1-4a75-a9a0-401aa9b49435.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>
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		<title>2 फुट के गाय के बाद आया 2 फुट का घोड़ा चर्चा में</title>
		<link>https://www.patnanow.com/after-2-feet-cow-2-feet-horse-came-into-discussion/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Dec 2023 04:11:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दुल्हनिया ढूंढने वाले को पांच हजार का इनाम बिहार में दो फुट का अद्भुत घोड़ा मेले में आया सोनपुर मेले की शान बना दो फीट का बादल विश्व प्रसिद्ध सोनपुर का हरिहर क्षेत्र मेला मशहूर है. इस मेले में दो फुट के घोड़ा के लिए कोई 20 लाख तो कोई पांच सोने की चेन तक देने को तैयार है. लेकिन इसका मालिक इसे किसी को बेचना नहीं चाहता. उसका कहना है कि वो अपने दो फुट के घोड़े से बेइंतहा प्यार करता है, इसलिए इसे देख लो या छू लो, लेकिन खरीदने की मत सोचना. मेले में हर वर्ष कुछ ऐसा जरूर आता है जो कौतूहल का विषय बन जाता है. अब इसी कड़ी में सोनपुर मेला 2023 में दो फीट का घोड़ा &#8216;बादल&#8217; लोगों को अपनी ओर जबरदस्त तरीके से आकर्षित कर रहा है. इस बादल की चर्चा इतनी जबरदस्त है कि कोलकाता सहित अन्य जगहों से लोग बादल को देखने सोनपुर मेले में आ रहे हैं. लोग बादल से मिलने के बाद इसके साथ सेल्फी लेकर खुद को खुशनसीब महसूस कर रहे हैं. इस सब के पीछे कारण है बादल की अद्भुत साइज. अमूमन घोड़े लंबे चौड़े ही होते हैं, ऐसे घोड़ों की पूछ भी ज्यादा होती है. लेकिन ठीक इसके उलट बादल महज 2 फीट का है, जो लोगों की जिज्ञासा की वजह भी बना हुआ है. वजह ये है किस आज से पहले किसी ने दो फीट का ऐसा अद्भुत घोड़ा नहीं देखा था. फिलहाल तो बादल सोनपुर मेले की शान बना हुआ है. बादल बिहार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>दुल्हनिया ढूंढने वाले को पांच हजार का इनाम</strong></p>



<p><strong>बिहार में दो फुट का अद्भुत घोड़ा मेले में आया</strong></p>



<p><strong>सोनपुर मेले की शान बना दो फीट का बादल</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="643" height="503" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/horce.png" alt="" class="wp-image-80657" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/horce.png 643w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/horce-350x274.png 350w" sizes="(max-width: 643px) 100vw, 643px" /></figure>



<p>विश्व प्रसिद्ध सोनपुर का हरिहर क्षेत्र मेला मशहूर है. इस मेले में दो फुट के घोड़ा के लिए कोई 20 लाख तो कोई पांच सोने की चेन तक देने को तैयार है. लेकिन इसका मालिक इसे किसी को बेचना नहीं चाहता. उसका कहना है कि वो अपने दो फुट के घोड़े से बेइंतहा प्यार करता है, इसलिए इसे देख लो या छू लो, लेकिन खरीदने की मत सोचना. मेले में हर वर्ष कुछ ऐसा जरूर आता है जो कौतूहल का विषय बन जाता है. अब इसी कड़ी में सोनपुर मेला 2023 में दो फीट का घोड़ा &#8216;बादल&#8217; लोगों को अपनी ओर जबरदस्त तरीके से आकर्षित कर रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="372" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Untitled-650x372.png" alt="" class="wp-image-80659" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Untitled-650x372.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Untitled-350x200.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Untitled-768x440.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Untitled.png 1341w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस बादल की चर्चा इतनी जबरदस्त है कि कोलकाता सहित अन्य जगहों से लोग बादल को देखने सोनपुर मेले में आ रहे हैं. लोग बादल से मिलने के बाद इसके साथ सेल्फी लेकर खुद को खुशनसीब महसूस कर रहे हैं. इस सब के पीछे कारण है बादल की अद्भुत साइज. अमूमन घोड़े लंबे चौड़े ही होते हैं, ऐसे घोड़ों की पूछ भी ज्यादा होती है. लेकिन ठीक इसके उलट बादल महज 2 फीट का है, जो लोगों की जिज्ञासा की वजह भी बना हुआ है. वजह ये है किस आज से पहले किसी ने दो फीट का ऐसा अद्भुत घोड़ा नहीं देखा था.</p>



<p>फिलहाल तो बादल सोनपुर मेले की शान बना हुआ है. बादल बिहार के सहरसा से सोनपुर पहुंचा है. इसके मालिक हैं भट्टन महतो. बादल के एक शौकीन ने तो इसकी कीमत 20 लाख रुपए और 5 सोने की चेन तक लगा दी. लेकिन बादल से प्यार करने वाले इसके मालिक ने बेचने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि वो बादल को प्रदर्शनी के लिए लाए हैं, ये बेचने के लिए है ही नहीं. इतना ही नहीं बादल के मालिक भट्टन महतो सोनपुर मेले में बादल की शादी के लिए एक घोड़ी की तलाश में जुट गए हैं. हालांकि उनकी तलाश अब तक अधूरी है. इस तलाश को पूरा करने वाले के लिए उन्होंने ₹5,000 का इनाम भी रखा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="389" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/cow-650x389.png" alt="" class="wp-image-80660" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/cow-650x389.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/cow-350x210.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/cow-768x460.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/cow.png 1341w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वहीँ आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक वैद्य ने 14 साल के अथक परिश्रम के बाद पुंगनूर गाय में नस्ल सुधार किया है. पुंगनूर को सबसे छोटी गाय का दर्ज प्राप्त है. इस वैद्य ने नस्ल सुधार के बाद ढाई फीट की पुंगनूर गाय विकसित की है. इस गाय का नाम उन्होंने मिनिएचर पुंगनूर रखा है. वैसे पुंगनूर की सामान्य ऊंचाई तीन से पांच फीट के बीच होती है. जबकि मिनिएचर पुंगनूर की ऊंचाई ढाई फीट तक है. नस्ल सुधार के बाद तैयार इस ब्रीड को विकसित करने वाले वैद्य का नाम है डॉ. कृष्णम राजू. डॉ. राजू गौशाला चलाते हैं और इस गौशाला का नाम नाड़ीपति गोशाला है</p>
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		<title>जहां मिलता था हाथी से लेकर सूई तक&#8230;सोनपुर मेला &#8211; कब शुरू होगा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sonapur-mela-starts-from-21st-november-2018/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Nov 2018 04:19:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना (अजीत की रिपोर्ट) ।  विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला इस बार 21 नवंबर से शुरू होने जा रहा है. यह मेला 25 दिसंबर तक चलेगा. मेला में इस बार 25 नवंबर को विशेष राजकीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कला संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले इसे मेला से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.सोनपुर मेला यह राजधानी पटना से 25 किलोमीटर और वैशाली के हाजीपुर शहर से 3 किलोमीटर दूर है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) में लगने वाला यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। यह मेला भले ही पशु मेला के नाम से विख्यात है, लेकिन इस मेले की खासियत यह है कि यहां सूई से लेकर हाथी तक की खरीदारी आप कर सकते हैं. इससे भी बड़ी बात यह कि मॉल कल्चर के इस दौर में बदलते वक्त के साथ इस मेले के स्वरूप और रंग-ढंग में बदलाव जरूर आया है लेकिन इसकी सार्थकता आज भी बनी हुई है. 5-6 किलोमीटर के वृहद क्षेत्रफल में फैला यह मेला हरिहरक्षेत्र मेला और छत्तर मेला मेला के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ यह मेला शुरू हो जाता है और एक महीने तक चलता है। यहां मेले से जुड़े तमाम आयोजन होते हैं. इस मेले में कभी अफगान, इरान, इराक जैसे देशों के लोग पशुओं की खरीदारी करने आया करते थे. कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य ने भी इसी मेले से बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीदारी की थी. 1857 की लड़ाई के लिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><b><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-36678 aligncenter" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001.jpg" alt="" width="650" height="453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001-350x244.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001-130x90.jpg 130w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" />पटना (अजीत की रिपोर्ट)</b> ।  विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला इस बार 21 नवंबर से शुरू होने जा रहा है. यह मेला 25 दिसंबर तक चलेगा. मेला में इस बार 25 नवंबर को विशेष राजकीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कला संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले इसे मेला से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.सोनपुर मेला यह राजधानी पटना से 25 किलोमीटर और वैशाली के हाजीपुर शहर से 3 किलोमीटर दूर है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) में लगने वाला यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। यह मेला भले ही पशु मेला के नाम से विख्यात है, लेकिन इस मेले की खासियत यह है कि यहां सूई से लेकर हाथी तक की खरीदारी आप कर सकते हैं.</div>
<div dir="auto">
<div dir="auto">इससे भी बड़ी बात यह कि मॉल कल्चर के इस दौर में बदलते वक्त के साथ इस मेले के स्वरूप और रंग-ढंग में बदलाव जरूर आया है लेकिन इसकी सार्थकता आज भी बनी हुई है.</div>
<div dir="auto">5-6 किलोमीटर के वृहद क्षेत्रफल में फैला यह मेला हरिहरक्षेत्र मेला और छत्तर मेला मेला के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ यह मेला शुरू हो जाता है और एक महीने तक चलता है। यहां मेले से जुड़े तमाम आयोजन होते हैं. इस मेले में कभी अफगान, इरान, इराक जैसे देशों के लोग पशुओं की खरीदारी करने आया करते थे. कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य ने भी इसी मेले से बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीदारी की थी.</div>
<div dir="auto">1857 की लड़ाई के लिए बाबू वीर कुंवर सिंह ने भी यहीं से अरबी घोड़े, हाथी और हथियारों का संग्रह किया था. अब भी यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है. देश-विदेश के लोग अब भी इसके आकर्षण से बच नहीं पाते हैं और यहां खिंचे चले आते हैं.</div>
<div dir="auto">पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु के दो भक्त जय और विजय शापित होकर हाथी (गज) और मगरमच्छ (ग्राह) के रूप में धरती पर उत्पन्न हुए थे. एक दिन कोनहारा के तट पर जब गज पानी पीने आया था तो ग्राह ने उसे पकड़ लिया था. फिर गज ग्राह से छुटकारा पाने के लिए कई सालों तक लड़ता रहा. तब गज ने बड़े ही मार्मिक भाव से अपने हरि यानी विष्णु को याद किया.</div>
<div dir="auto">तब कार्तिक पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान ने उपस्थित होकर सुदर्शन चक्र चलाकर उसे ग्राह से मुक्त किया और गज की जान बचाई. इस मौके पर सारे देवताओं ने यहां उपस्थित होकर जयजयकार की थी. लेकिन आज तक यह साफ नहीं हो पाया कि गज और ग्राह में कौन विजयी हुआ और कौन हारा.</div>
<div dir="auto">इस स्थान के बारे में कई धर्मशास्त्रों में चर्चा की गई है. हिंदू धर्म के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से सौ गोदान का फल प्राप्त होता है. कहा तो यह भी जाता है कि कभी भगवान राम भी यहां पधारे थे और बाबा हरिहरनाथ की पूजा-अर्चना की थी.</div>
<div dir="auto">इसी तरह सिख ग्रंथों में यह जिक्र है कि गुरु नानक यहां आए थे. बौद्ध धर्म के अनुसार अंतिम समय में भगवान बुद्ध इसी रास्ते कुशीनगर गए थे. जहां उनका महापरिनिर्वाण हुआ था. ऐसे और भी न जाने कितने इतिहास यह अपने आप में समेटे हुए है.</div>
<div dir="auto"><b>क्या खास है यहां :</b></div>
<div dir="auto">सोनपुर की इस धरती पर हरिहरनाथ मंदिर दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हरि (विष्णु) और हर (शिव) की एकीकृत मूर्ति है. इसके मंदिर के बारे में कहा जाता है कि कभी ब्रह्मा ने इसकी स्थापना की थी. इसके साथ ही संगम किनारे स्थित दक्षिणेश्वर काली की मूर्ति में शुंग काल का स्तंभ है. कुछ मूर्तियां तो गुप्त और पाल काल की भी हैं.</div>
<div dir="auto">विभाग के स्तर पर मेला की तैयारियों को लेकर अंतिम दौर की बैठकें की जा रही हैं. विभागीय सचिव रवि परमार ने बताया कि इस बार मेला के मूल स्वरूप को बनाये रखने पर खासतौर से जोर दिया जायेगा. तमाम आधुनिक और विभिन्न आयामों के रंगों को समाहित करने के साथ ही पशु मेला को खासतौर से तवज्जो दिया जायेगा.</div>
<div dir="auto">पशु मेला में अधिक से अधिक संख्या में पशुओं के रहने समेत तमाम इंतजाम किये जायेंगे. देशी और विदेशी सैलानियों के ठहरने के लिए बनाये जाने वाले कॉटेज में भी सभी सुविधाओं का इंतजाम रहेगा. यहां आने वाले तमाम लोगों की सुविधा का खासतौर से ध्यान रखा जायेगा. साथ ही यहां होने वाले तमाम आयोजनों के लिए भी इंतजाम दुरुस्त किये गये हैं.</div>
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